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Showing posts from 2018

ख्याल ख्याल में 7

सर्द हवा का झोंका और खुशबू संग उसके होने के एहसास की, मंद मंद मुस्कान चेहरे पर, दिल मे ख्याल किसी के आने का। राह पर बैठे है आँख बिछाये, इंतज़ार उनके दीदार होने का, माना कि दूर है वो हमसे बहुत, लेकिन मन में ख्याल उसके बाहों में होने का। एक चोट खायी है दिल पर, एक जिस्म पर भी खा लेंगे, अभी तक वक्त उसके आने को गुजारा, अब उम्र जाने में गुजार लेंगे। बहुत ही कठिन राह थी मोहब्बत की, अच्छा किया तुमने छोड़ दी। कुछ पल नहीं चल सके साथ तुम, सफर ज़िन्दगी कैसे साथ चलते।। अपने नियम किसी के लिए मत बदलना कभी भी, रिश्तों की नींव भरोसे पर होती है, किसी की शर्तों पर नहीं। हजार कोशिशें कर के देख लिया मैंने, मोहब्बत के अलावा कुछ और होता ही नही तुमसे। यूँ तो मुस्कुराते रहना कोई मुश्किल भी नही है, लेकिन तेरे पास होने से आये मुस्कुराहट अलग ही है। आओ यारो और बिताओ कुछ वक्त साथ साथ, छोटी सी लाइफ है कल हो न हो ये बात। भारी मन से कलम उठायी, कुछ दर्द उड़ेलने को कागज पर, फिर हवा चली तेरे आने की, और रंग मोहब्बत चढ़ा कागज पर। खुद ही चुनते हैं हम कुछ रास्ते गलत भी अपने लिये, और फिर अपनी गलती को ढू...

हमरू अधिकार, चकबंदी अबकी बार

नव युग का निर्माण करो और मिलकर फिर हामी भरो, आओ सारे मिलकर आज, चकबंदी का आवाहन करो। खुलकर आओ घर से निकल बहार, और नारा एक ज़ोर से दो, खेतों में अब ना हो दूरी, माँग हमारी चकबंदी है जरूरी। धुँए का जीवन है जीने को, क्यो तुम आज मजबूर हुये, कौन है जिसने जीवन मे हमारे, संग हवा जहर है भरे। क्योँ हर बच्चा हमारा आज, निकलता है मास्क के साथ बाहर, करो खुद से एक प्रश्न दिदो, कौन है इसके लिए ज़िम्मेदार।। शिक्षा रोजगार का करके बहाना, छोड़ चले हम अपना घर ठिकाना, जीवन स्तर और अधिक गिर रहा, उडयारो में हो रहा है रहना। खेल हो या शिक्षा विशेष, अव्वल अभी भी ग्रामीण आ रहे, फिर किस जिद्द की खातिर, स्वर्ग छोड़ हम शहर जा रहे।। मेरी सब से एक है गुजारिश, खुद से पहले अपने भविष्य का सोचना, राह कठिन है नामुमकिन नहीं, भविष्य सुरक्षित है गाँव मे देखना। आज मास्क का युग चल रहा, कल ऑक्सिजन सिलिंडर का युग होगा। अब खुद से करो तुम सवाल, क्या ऐसे तुम्हारा भविष्य सुरक्षित होगा, आज कर लो सब प्रण नया, स्वरोजगार की राह अपनायेगें, छोड़ शहर की झूठी शान, अपने गाँव सब लौट जाएंगे, मिलजुल कर रहेंगे सब साथ साथ, और फि...

ख्याल ख्याल में 6

कुछ अपने तो कुछ पराये हुये, जाने कितने रिस्ते बने और छूट गये, एक तुमसे जो संग मिला मोहब्बत में, फिर न कोई गिले और न शिकवे हुये. राह पकड़ी है मेरी तो फिर चलते रहना मंजिल आने तक, मैं कोई पत्थर भी नहीं जो मिल जाए यूहीं राह में। यूँ तो बहुत सवाल है और वक़्त मिला तो पूछ भी लेंगे किसी रोज, फिलहाल ये बताओ यूँ रोज सपनो में आने का क्या राज है न जाने क्या क्या ख्याल आते है दिल मे उनके, कभी नजरे झुकाते हैं वो कभी नजर चुराते है। अच्छा जी तो आप हमारे अंदाजे बयान को आजमा रहे हो, क्यों क्या बात कही आप हमें आजमा तो नही रहे हो। एक वादा खुद से करो कि किसी से किया वादा न तोड़ो, वजह बनो औरो के मुस्कुराने की, मुस्कुराओ और मुस्कान बांटो। कुच ख्याल आता है दिल मे, तो कागज पर उतार देते हैं, बात जो लगे दिल को, खुद से बता देते हैं। कुछ रहते हैं दिल के पास और कुछ दिल से दूर भी, कुछ बताते है हमे, कुछ दिल मे छुपा लेते हैं। कुछ ख्याल है संग कुछ सवाल है, होंठो पर मुस्कान आंखों में इंतज़ार है क्यों कोई ऐसे देखता है झुकी नजरो से, कुछ बात है या फिर हमसे दूरी का मलाल है।। कुछ समय और तुम लगाओ, फि...

अतुलनीय देवभूमि, उत्तराखंड???????

क्या कहूँ और कैसे कहूँ थोड़ा सा मैं बेचैन हूँ, अनेक युवा संग राजनेता चिंतित है मेरे लिये। कही सभायें होती है, कही व्यंग भी करते है, फिर न जाने क्यों मेरा दुख नित बढ़ता ही है।। निशदिन जाने कितने ही लोग, मेरी ब्यथा को लिखते है, फिर कोशिश कर उस व्यथा को, जन जन तक ले जाते हैं। कुछ कवितायें लिखते हैं, कुछ नारे जोर शोर से देते हैं, फिर भी देखो बिडंबना, मेरे दुख नित बढ़ते ही है। इतने सब प्रयासों से भी, क्यों बदलाव नही आता है? पलायन की जो मार पड़ रही, दर्द क्यों नही ये घटता है? क्यों सब प्रयास विफल हो रहे, क्यों मेरा सीना रोज चोट खाता है, सच में अगर मेरे अपने चिंतित है, फिर क्यों विकास नही होता पाता है?? सोचा मैं भी कुछ व्यंग करूँ, फिर चेहरे पर सोच आयी मुस्कान, अपना अपना विकास देख रहे सब, कब आया किसी को मेरा ध्यान। बेहतर जीवन पाने को आज, त्याग कर हैं सब मेरा, फिर दूर देश विदेश मे बैठकर, मुझपर गर्व का सब देते हैं नारा। कुंठित मन हो चला है मेरा, उम्मीद भी टूट रही अब, क्या कविता, धरना, नारो से, मैं फिर हरा भरा हो पाउंगा। जो मेरे अपने छोड़ चले, क्या कभी उन्हे...

कन्या जन्म है वरदान

खुद की खुशियों को छोड़ दिया, किसी और को खुशियां देने को, सर्वस्या अपना त्याग देती हैं बेटियां, दो घरों को जोड़ने को। बहुत कुछ सहना है मुझे, बिना कोई दिल में मलाल किये, बहुत कुछ खो देती है वो, बस दिल में यही ख्याल लिये।। अधूरा सा होता है बिन बेटी के, जहां में हर परिवार, फिर आती है घर मे बेटी, संग लेकर खुशियां बेशुमार। मन प्रफुल्लित हो उठता है सुनकर जिसकी चीख पुकार, वह होती है बेटी जिसपर, पापा को आता है बहुत प्यार।। मेरा घर है मेरा परिवार रहता है मन में उसके एक ख्याल, संजोती है एक एक तिनका, देती है फिर वो सारा घर संवार। ना कोई शिकायत न कोई मलाल, अपने से छोटों का रखे ख्याल, बेटी नहीं जिस घर में, क्या कभी पूरा हो सकता है वो संसार।। सालों साल बिताए घर में और दिया सभी को अतुलनीय प्यार, फिर एक पल में ही कहीं रिश्ता जोड़, कर देते है उससे किनार। पल पल अपना लगा दिया था, और दिया था एक घर जो संवार, देखो फिर बाँटने खुशियाँ, एक दिन छोड़ने को है वो उसे तैयार।। माना जग में त्याग बड़े है, किये लोगो ने आनेकों उपकार, बना अशियाना खुद का जो, हो जाये फिर त्यागने उसे तैयार। सबसे से सुन्द...

ख्याल ख्याल 5

हमने मिलकर किये थे कुछ फैसले अगर ज़िन्दगी में, तो फिर अंजाम का हकदार सिर्फ मैं क्यों बताओ?? राजी थी तुम और राजी था मै जब तब भी, फिर क्यों जुदाई का आलम मिला हम दोनों को। दूर हूं तुमसे माना मै, "खुद" मेरे को भी लगती है, दिल में मोहब्बत है तेरे लिए, ये "जीकुडी" तेरे लिए  ही धड़कती है। यूहीं नहीं चल दिये थे संग तेरे एक होकर हम यारा, बेइंतहा मोहब्बत की थी जीने को संग तेरे हमने। सारे सवाल पूछे थे तुमने और जवाब भी दिये थे मैंने, फिर क्यों आज तुम बेकसूर और मै कसूरवार हो चला। बहुत छोटी सी है ये ज़िन्दगी, क्या करना मुंह फुलाकर, जियो ज़िन्दगी जी भर, हर पल मुस्कुराकर। कुछ देर तुम भी चलकर देख लो संग मेरे, बेशक छोड़ देना अगर पसंद न आये साथ तुम्हे मेरा। दिल की बात दिल में रखना ठीक है, लेकिन हर बार नहीं, बात हो जब सम्मान की, तो फिर म्यान में तलवार रखना ठीक नहीं। कुछ सवाल है तो पूछ लो, जवाब भी मिल जाएंगे, सिर्फ जहन में बात रखना ठीक नहीं यारो। जीवन है कुछ लम्हों का सफर, सच है जानते है सब, जिंदगी से मिलना है तो देवभूमि चले आ आइये।। मासूमियत है चेहरे में और...

ख्याल ख्याल 4

मैंने तो पहले ही कहा था आंखे नम हो जायेगी तुम्हारी भी, क्यों छेड़ा तुमने वो तार आज फिर से आशिकी का। ऐसी मोहब्बत ही अक्सर किताबो में लिखी जाती है, जो होती तो है बेइंतहां लेकिन पूरी नहीं होती..।। सवाल भी तुम हो और जवाब भी तुम ही हो, अब क्या बाकी रहा जब हर ख्याल तुम हो। कुछ कहा और कुछ सुन लिया, कुछ कहना था और कुछ कह दिया। मुझसे मिलकर वो नजरे चुराते है क्यों, शायद दिल में छुपाए हुए कोई राज है।। कुछ लम्बी सी थी रात और सपना भी थोड़ा लम्बा हो चला, आंख खुली तो हकीकत से रूबरू हुए और साथ सपना भी टूट गया। देखा जो मैंने खिड़की से बाहर आज फिर मौसम अलग था, भीनी भीनी खुशबू थी हवा में जैसा आया कोई पैगाम था। कुछ लब्ज़ कहे थे मैंने भी, तुमको अपना जान समझ। साझा तुझसे दिल की बात करी, तुमको एक राजदार समझ।। कुछ पल कह दो अब तुम भी मोहब्बत में यारा, तेरी खामोशी अच्छी नहीं लगती मुझे बर्षो के बाद भी। रातें भले कितनी भी लंबी क्यों ना हो ह्यूंद में, तुम साथ हो तो सफर ज़िन्दगी भी छोटा ही होगा मेरे यार। तोड़ दी हैं मैंने जो बंदिशे दुनियाभर की आज तेरे लिए, क्या तुम जरा से होंठ हिला ...

ख्याल ख्याल 3

कुछ लब्ज जो लिख दिये तारीफ में उसकी हमने, सुना है आजकल पांव जमीं पर नहीं रहते उनके। मैंने तो पहले ही कहा था हमसे जरा दूर रहना, हम मौसम कि तरह आने जाने वालो में नहीं। अब अगर दिल में बस ही गए हैं तो लब्जो में भी ले आओ, कब तक बस इशारों इशारों में हाल ए दिल बयां होगा।। बहुत कोशिशों के बाद भी लब्ज़ बस सहमे ही रहे होठों में उनके, तमाम उम्र इंतजार की सजा मिले क्या कम है बताओ तुम।। मैंने तो खुद को समझा लिया था तेरे जाने के बाद ही फिर से, क्यूं आए फिर से लौटकर तुम अगर तनहा ही रहना था हमको।। मैंने की है मोहब्बत और इसका एहसास भी मुझे रहेगा हमेशा ही, सिर्फ मतलब के लिए साथ हो जाने वाले अक्सर तनहा ही मिलेंगे।। रातों में नींद आंखो के और दिन का सुकुन संग नहीं होता माना, तेरे लिए तेरे बगैर मुस्कुराना काफी है फिर भी मोहब्बत में।। रात कट ही जाती है तनहा और फिर बेला आती है तुझसे मिलन की, यही वो एहसास है यकीनमानो जिसके भरोसे तमाम उम्र कट जाती है।। एक मैं जो बस मोहब्बत के लिए तड़पता रहूं मोहब्बत करने के बाद भी, एक तुम पा लो सब कुछ जहां में बिना कुछ जतन किए यूहीं।। Pari ©   ...

मेरु ज्यू मेरु प्राण, मेरु गांव मेरु मुल्क

कन भलु प्यारू मेरु उत्तराखंड, कन भली हमरी बोली भाषा, कतगा भला हमरा रीति रिवाज, कतगा हमरू प्यारु समाज च खास। बनि बनी का यख रंग रूप छन मिलदा, बनी बनी का यख बिचार, कखी बीरों कु संगर्ष च यख, त कखी प्रेम की गाथा च अपार। ऋतु बितीन बीती गैनी साल, सैंणा बाटा भी देखा हुयान भ्याल, गौला लगी भिटे जांदा छाई जू, आज वी नॉला पंदेरा पूछण लग्यान सवाल। कनु कै की तिन मुख मोड़ी हमसे, कनु कै तिन हमथै बिसराई, आँख्यू मा क्या आंसू नी आया तेरा, कनू कै त्वे पिडा भी नी ह्वाई।। बांजा पोड़ीन सेरा पुंगडा जब त्यारा, तेरी गाती का कांडा नी चुभिन, छोड़ी की गई जब तू स्वर्ग तब, तेरी खुटयूं मा ग्वाला नी पोड़ीन। कख छन तेरा अपना बिरणा बोला, कख च तेरू मान सम्मान, किले इतगा निर्मोही तेरू ज्यू ह्वे, कख तेरू हर्ची बल वो इमान। दिन बीती जाला बिती जाला साल, कुछ गौं खाली ह्वेन कुछ होला भ्वाल, कुछ आज चिंतित छन कुछ भोल होला, पर क्या मिललु कैरी की बस सवाल? मेरी सोच मेरु प्राण आज भी बस्युं च बस मेरा गों मेरा पहाड़ मा, ब्याली भी छाई और भोल भी रौलु मी प्रयासरत, अपडा मुल्क का पुनः निर्माण मा। Pari ©   ® Pari.... ...

ख्याल ख्याल में2

प्यारी सी भोर हो और मुस्कान संग आत्मविश्वास हो, दिल में तमन्नाओं का सैलाब आंखो में कोई ख्वाब हो। वक्त यूं तो गुजर जाता है तनहा भी अक्सर, संग तनहाई कोई अपना साथ हो तो क्या बात हो।। मै यूहीं देखता रहूं तुम्हे उम्रभर ऐसे ही, तुम भी बैठी रहो मेरे सामने ऐसे ही मुस्कुराते हुये। वजह बेवजह ही होठों पर मुस्कान आ जाती है, इसकी भी सिर्फ वजह एक ही है मोहब्बत.. मैं मुस्कुराता रहा बेवजह ही तुम्हे देखकर, तेरा होना ही काफी है मेरे मुस्कुराने के लिए... बात निकली है तो फिर कुछ बात तो होगी, रह रह कर मुझे बस एक ही ख्वाब क्यों आता है...? सिर्फ तन ही नहीं मन भी स्वच्छ कीजिए, सम्मान पाना ही नहीं देना भी सीखिए। हर उम्र का अपना जीने का लहजा होता है, कभी मोहब्बत तो कभी भजन कीजिए...।। कुछ अलग थी बात कुछ अलग थी रात, कुछ लम्हे अलग थे कुछ अलग थी बरसात। निकल चले फिर हम भी तलाश में किसी, कुछ हम अलग थे तब, कुछ रास्ते अंजान थे। कुछ पहलु अनकहे ही रह जाएं तो अच्छा होता है, जीवन का हर किस्सा हर कोई नहीं समझता....।। Pari ©   ® Pari.... Love is life......Love is god....Love is eve...

आओ कृष्णा फिर धरा पर

जाने कैसी हालत हो गई है भगवान, नवजात शिशु को डरा देख हूं मै हैरान, न स्कूल सुरक्षित ना घर सुरक्षित, समाज के हर कोने में बैठे हैं शैतान। रात की तो तुम बात ही छोड़ो, आज दिन में भी डर लगता है स्कूल से जब तक बच्चा घर ना आए, हर मां बाप चिंतीत रहता है।। क्या यही संस्कार मिल रहे है, आज घर घर में जन जन को, इंसानियत छोड़ चलो अब, अपनाओ तुम हैवानियत को। महिला हो या कोई पुरुष आज, सबके मन में डर बैठ रहा, मेरा बचपन जैसे बीता , मेरे बच्चे को क्यों वो नहीं मिल रहा।। आज देखता हूं मै अक्सर, रोज कोई बेटी प्रताड़ित हो रही, अपने हक को अपने घर में, देखो खुद जननी है रो रही। मुझे समझ आता है प्रभु, ये संकेत अब ठीक नहीं, अनेक रूपों वाली स्त्री है दुखी, ऐसी धरती की मुझे चाह नहीं। छोड़ चुका उम्मीद लगाना मै, अब समाज के इन ठेकेदारों से, मेरी आस बंधी है अभी तक, तेरे होने वाले इंसाफ से। आओ फिर से कृष्णा तुम धरा पर, द्रोपदी का फिर सम्मान बचाने छेड़ो एक और महाभारत फिर से, धरती से दुस्सासन हैं मिटाने।। Pari © ® Pari....  Love is life......Love is god....Love is everything

कुछ कल्पनायें

यूँ शरमा के तेरा झुकी नजरों से देखना मुझको, याद है आज भी वो अठखेलियाँ तेरी मुझको..!! मौसम ने करवट ली और मैने बालकॉनी में कुर्सी लगायी, शायद तुम्हें भी एहसास हुआ और तुम बाल सुखाने चली आयी...!! न जाने क्यों जिद थी बस तेरी मोहब्बत में जीने की, मालूम था मुझे जबकि पूरी नहीं होगी ख्वाइश ये भी.!! शायद ये सिलसिला खत्म नही होगा कभी मोहब्बत में भी, कि मोहब्बत होगी दोतरफा लेकिन इजहार नही होगा कहीं भी!! हरपल तुझे याद करता हूँ, हर वक़्त तेरे संग रहना चाहता हूँ, कभी कोई ऐसा लम्हा न आये मेरी जान, तू खफा हो और मैं मना न पाऊं!! ऐसा भी क्या गुरूर जनाब जो जमीं पर पैर न हों, वक्त बदल देता है सबके वक्त को वक्त के साथ। इश्क़ बेपनाह है लेकिन बेपरवाह तो नहीं, हर पल तुम्हे याद करना तेरा ख्याल करने से कम तो नहीं..? सब कहते हैं एक कदम तुम आगे आओ दो कदम हम आयेंगे, क्यों न एक कदम हम आगे आयें और उन्हें दो कदम बढ़ने का मौका दें.? राह में चलते चलते न जाने क्यों खो से गये हैं, शायद वाकिया याद आया होगा जो किस्सा बना था कभी.. कुछ दिनों के लिये हुआ जो तुमसे दूर, लगा जैसे किस्सा न बन जाऊं कहीं.. ...

बहुत हो चला अब सब्र

शब्द नही मिलते है कभी कभी, समझ नही आता कहाँ से शुरू करू, कलम भी मेरी रुक जाती है अक्सर, होती है जब इंसानियत शर्मसार। कैसे चुप रह जाऊं मैं भी आज, कैसे सिर्फ निंदा तक सीमित हो जाऊं, अभी ज़िंदा है जमीर मेरे अंदर, कैसे बहनों पर अत्यचार सह जाऊं। खुले घूम रहे भेड़िये अब भी, चुप बैठी है फिर क्यों सरकार, बना चुके कानून अगर तुम, फिर क्यों जिंदा हैं वो मक्कार। सिर्फ कहने भर को बात कही, या फिर उठेंगें कोई ठोस कदम, अभी बनाकर सब्र है हम भी, समय से कर दो अब इंसाफ।। देर लगी तो हम देर न करेंगे, फिर जो समझ आये वही करेंगे, चुप बैठे है कमजोर न समझना, हमको फिर लाचार न समझना। फिर होगा इंसाफ धरा पर, बीच सड़क पर फैसले होंगे, नहीं जरूरत कानून की रहेगी, भेड़िये फिर कफन में होंगें।। जाग उठो अब हिमालय के बीरो, उठा चलो फिर खड्ग हाथ मे, समय आ चला अब निर्णय का, गर्दन काटो महिसासुर की, नही तो धरती कांप उठेगी, भीषण इसमें ज्वार उठेगा। तांडव नृत्य फिर शिव करेंगे, काली दुर्गा संहार करेगी।। राग अलापना अब बंद करो, कयास लगाना बंद करो, छोड़ फ़िक्र अब सिर्फ अपनी, माँ बहनों के लिये घर से निकलो। नहीं जरूरत कान...

अटल धरा का अटल रत्न

बहुत ही ब्याकुल हूँ मैं आज, स्तब्ध निशब्द हूँ मैं आज, शब्दों से कीर्ति लिखी कभी, किया अनेकों बार गुणगान फिर भी खुद को बेबस जानकर, सोचता हूं कैसे करूँ तुम्हें प्रणाम, अंत हुआ है आज एक युग का, हे अटल तुम रहोगे सदा महान।। दृढ़ संकल्प था मन मे सदा, किये काम आपने बहुत महान, पोखरण हो या कारगिल युद्ध, देशहित मे करते थे काम। बसुधैव कुटम्ब को बना मूलमंत्र, फैराया दुनिया मे परचम, जन जन के मन मे थे आप, आज कर गए सबकी आंखे नम।। सत्ता मोह नही किया कभी, जिये हमेशा अटल नियम से, साथी संग विरोधी भी जिनको, मानते थे आदर्श हरदम। ऐसी हस्ती ऐसा व्यक्तित्व, नहीं मिलेगा आगे फिर से, अटल सत्य थे अटल ईरादे थे, तुम रहोगे दिलों में हरदम।। नहीं मिल रहे शब्द आज, कैसे लिखुँ महान सख्शियत को, नम आंखें है हाथ काँपते, नही कागज पर चलती है आज कलम। ऐसी क्षति हुई धरा पर, जिसका पूरा होना नहीं मुमकिन, आप अटल थे अटल रहोगे, अमर रहो हमारे भारतरत्न।। सादा जीवन निर्मल वाणी, मधुभाषी शब्दों के ज्ञानी, सरल था जीवन सदा ही उनका, हर इंसान को प्रेरणादायी। छोड़धरा को सदा के लिये, निकल चला देश का अनुयायी, श्रद्धा सुम...

स्वतंत्रता दिवस की महक

राह नहीं आसान थी वो, फिर भी खुद को तैयार किया, काँटों से पथ था भरा हुआ, फिर भी मुस्कुरा चलने का निर्णय किया। लेकर जान को हाथों में तब, देशहित को अपना कर्तव्य बना लिया, लाखों कुर्बानियो का फल था यारों, यूँही नही आजादी का पुष्प खिला।। लाखों जिंदगियो ने दाव था खेल, लगा हुआ था मौत का मेला, मिलनी थी आजादी जीत में, हार गये तो जान थी जानी। नही फिक्र अंजाम किये फिर, खेल सबने जी जान से खेला, किसी ने सुख चैन गवाया फिर, तो किसी ने गवा दी थी जवानी।। रात दिन का होश नही था, न फिक्र थी कोई जीवन जीने की, मिला हाथ फिर सब देशभक्तों ने, पाने आजादी की कसम थी खानी। नहीं था कोई धर्म का पहरा, बस राह पकड़ी थी अब देशधर्म की, तोड़ दीवारें रिस्ते नातों की, अब निकल पड़े सब स्वराज दिलाने।। न जाने कितनी माँगे सूनी हुयी, न जाने कितने बच्चे अनाथ हुये, पाने स्वराज को अपना यारो, न जाने कितने मा बाप बेसहारा हुये। जरा संभाल कर रखो इसे, बहुत ही महँगी मिली बिरासत, प्रेम भाईचारे संग रहो मिलजुल, कहीं खो न जाये ये सौगात जय हिन्द जय भारत Pari ©   ® Pari.... Love is life......Love is god....Love is...

सोच बदलें राष्ट्र बदलेगा

चलो एक नयी सोच पैदा करते हैं, सच को सच और झूठ को झूठ कहते हैं, अगर है कोई मुश्किल में पराया भी, मदद उसकी को आगे आते हैं। छोड़ तेरा मेरा आज से हम, बसुधैव कुटुंबकम का नारा सबको देते हैं छोड़ वो जाती धर्म की लड़ाई आज, चलो मिलकर इंसानियत के लिए लड़ते हैं।। सदियां बीती कुछ और फिर चले गये, कल हम भी अलविदा कह जायेंगे, सोच बदल तेरे मेरे की आज सभी, कल शायद इतिहास बना जाएंगे। राहें बदलो मंजिल बदलो मिलकर आज, फिर सवेरा कुछ अलग भी आएगा, आज संभल गए सोच समझ अगर, कल फिर भविष्य तेरे गुण गायेगा।। तू तू मैं मैं बहुत कर लिया अब तो आँखे खोलो तुम, जाती धर्म पर जो है लड़ाते फेंक निकालो उनको तुम। दोहरी सोच दोहरी मानसिकता से निकल बाहर जब आओगे, बेहतर कल बेहतर भविष्य नयी पीढ़ी को दे पाओगे।। छोड़ो आज से आंख बंद देश के दुश्मन पर भरोसा करना, आपस मे फिर लड़ा तुम्हे खुद की रोटी है इन्हें सेकना। तुम कट मर जाओगे फिर भी ये मौज में जीवन काटेंगे, और आज हो फिर कल ये हम सबको बस आपस में लड़वाएँगे।। फिर करलो मिलकर आज संकल्प सभी, जांच परख कर ही चुनना तुम कोई सरदार सही।। Pari ©   ® Pari.... Love is life....

एक संकल्प, नयी भोर की ओर

राह भटक कर देख लिया, गाँव छोड़ कर देख लिया, माँ बाप छोड़ कर शहर चला, घर बार छोड़ कर देख लिया। नाम कमाने मैं निकल पड़ा था, रात में नींद दिन का चैन छोड़ दिया, आज बरसों बाद एहसास हुआ है, इतना सब छोड़ मैंने क्या पा लिया।। किराये के कमरे में रहता हूँ, परिवार का चेहरा देखने को तरसता हूँ, कभी खाना खाता हूं यहाँ, तो कभी भूखे ही काम पर जाता हूँ। न पड़ोसी मुझे जानता है आज भी, न मैं अपनी दिनचर्या से खुश रहता हूँ, सोचा था जो बरसों पहले बड़ी समझ से, आज खुद की गलती पर रोता हूँ।। न होली मनती अपनो संग आज, न दीवाली पर दीप जलते हैं, आज रहकर सबसे दूर यारो, रिस्ते भी बस मतलव पर चलते हैं। जन्म हो या भले मृत्यु किसी की, सुखदुःख साझा करने का वक्त नही, रिश्तों में रह गया आज बस दिखावा, कोई जिये मरे आज किसी को फर्क नहीं।। निकल पड़े आज सभी एक साथ, शुरू हो रखी सबमें एक दौड़ नयी, कहने को सब दौड़ते साथ साथ, लेकिन एक दूसरे की तनिक भी फिक्र नही। जीना छोड़ दिया हँसना-रोना छोड़ दिया, खुद को मशीन जैसा बना लिया, शायद आज यही वो वजह है दोस्तो, जो कहती है यार मेरे पास वक्त नही।। आज एक सोच, एक समझ है आयी, जब वक्त नही...

विजय दिवस 26 जुलाई

कुछ सोच अलग सी होगी तुममें, कुछ मंसा मन मे घर की होगी, भूल सारी सुधबुद अपनी तुमने, जान यूहीं तो नही गवाही होगी। कैसा जूनून वो रहा होगा दिल मे, कैसे इरादे वो तुम्हारे होंगें, आयी जब वो घड़ी त्याग की, तुमने कदम आगे बढ़ाये होंगे।। नही फिक्र थी तुमको अपनी, नही जहन में कोई डर बाकी था, सामने दुश्मन देख मातृभूमि के, बस माटी का एक ख्याल बाकी था। न परवाह तुमको सर्द हवा की, न देखी तुमने तपती धूप कहीं, मिट गये तुम मातृभूमि पर तुमने कोई तब न आह भरी।। कोई अकेला था घर मे, कोई ठीक से अपनी उम्र जिया भी नही, कोई था नव पुष्प संजो रहा, कोई कर रहा कामना होली दीवाली की। फिर आया ऐसा झोंका शहादत का, सबने खेली फिर खून की होली, मातृभूमि पर आंच न आये आगे आये सब लगाने जान की बोली। चारो ओर से हो चाहे शत्रु अनेक, चाहे कर लो कोई षडयंत्र एक, सबका जवाब है तुम्हारे तरकश में, चाहे ले आओ बाण अनेक। सीना हरदम तना रहेगा इस मातृभूमि की रक्षा में, सांसो संग शीश भी दे देंगे हम काल को अपनी भिक्षा में। तुम्हे नमन है सदा हमारा, हरदम झुकते तुमपर शीश अनेक, मातृभूमि के बीर सपूतों मिले सदा हमें तुम्हारा आशीष। रह...

मेरी बात मेरा अंदाज

शब्दो का है ये खेल गजब, इसको खेलना जाने कोई कोई, कोशिश सबकी होती है, लेकिन लिखना जाने कोई कोई। कोई भावनाओ को शब्द है देता, कोई किसी का प्यार जताता, लेकिन कोई यादों को अपनी, कलम से कागज पर है उतारता। सबकी अपनी अलग कोशिश, सबके अपने अलग अंदाज, पढ़े जो कोई शब्द जो मेरे, बन जाये सबक बिगड़ा मिजाज। कुछ होती है कल्पनाएं किसी की, कुछ सच है पिरोया जाता, कलम है लिखती सिर्फ वही हमेशा, जो दिल मेरा उसे बताता। मैं भी जुड़ गया अब इससे, करता हूँ खुद से रोज सवाल, क्या मैं चाहता हूँ लिखना, कैसा होगा मेरे शब्दों का जाल। क्या कोई भावना होगी छिपी, या किसी का होगा मायाजाल, लेकिन लिखना जरा अदब से, हो न जाये कहीं कोई बबाल। उठा रखी है मैंने भी कलम, लिखने को कुछ अलग से आज, नहीं लिखुंगा झूठ कभी मैं, ना ही खोलूंगा किसी के कोई राज। हमेशा रखूंगा बस ख्याल एक ही, लिखुंगा सिर्फ अपने दिल की बात, थोड़ा pari की कल्पना होगी, और होगा थोड़ा pari के दिल का राज pari ©   ® Pari.... Love is life......Love is god....Love is everything

ख्याल ख्यालो में

थोड़ी सहुलियत जरूर होती है आसान रास्तो से जीवन मे, लेकिन दूर तक अक्सर कठिन रास्तो से ही सफर तय होता है..!! Pari करता है जो दुआ मेरी ख़ैरियत की रोज खुद से पहले, मुझे भी उसका वफादार उम्रभर बना देना ऐ मालिक मेरे.. Pari अक्सर अनकहे फसाने जहन तक सीमित रह कर खो जाते हैं, जो फसाने लबों तक आये वही खूबसूरत कहानी लिख जाते हैं..। pari कुछ बातें सिर्फ किताबों और फिल्मों में अच्छी लगती है, असल जिंदगी में होंठो के फसाने ही समझ आते हैं.....!! pari रोज नए नए सवाल छोड़ जाती है जिंदगी न जाने क्यूँ, कल मैं तुझे अजीज था आज मैं तेरा दुश्मन कैसे..??? Pari सुलझ जातें है दिल मे पड़ी उलझने में यारो, मौका तो दो लबो को शब्द कहने के लिये। Pari अक्सर नजरें झुका लेती है वो मुझे सामने देखकर, मैंने तो उसे कभी कसूरबार समझा नहीँ। Pari ©   ® Pari.... Love is life......Love is god....Love is everything

धार और खाल रहस्य

जय देवभूमी जय उत्तराखंड जैसा कि मैंने पूछा था उत्तराखंड में धार और खाल नामो के आगे लगाने का कारण क्या हो सकता है... कुछ जवाब मिले लेकिन सटीक कुछ नही जवाब आया.. पहले बात करते हैं धार की...जैसा कि उत्तराखंड पहाड़ी राज्य है और कहीं भी जाना हो तो पहाड़ी रास्तो से गुजरना पड़ता है जो कि पहाड़ की ऊपरी और निचली दोनों तरफ से हो कर निकलता है, पहाड़ के ऊपरी भाग को धार कहा जाता है और जो भी गाँव पहाड़ के ऊपरी भाग में स्थित होता है उस धार की वजह से उसके नाम के साथ धार जोड़ दिया जाता है....इसलिए अक्सर पहाड़ के ऊपर स्थित गाँव को धार से जाना जाता है.... अब करते है बात खाल की..शायद ज्यादातर को विदित होगा कि खाल क्या होता है...आज ही नही बल्कि बहुत सालों पहले से खाल का इस्तेमाल या कहें तो निर्माण पहाड़ों में होता रहा है...पहाड़ो में बारिश अधिक होती है और यहाँ पानी को जमा करने के लिये बड़े बड़े गड्डे बनाये जाते है और उनमें पानी का जमाव होता है और ये एक तो सिंचाई एवं पालतू एवं जंगली जानवरों के पानी के काम आते हैं और साथ ही जमीन में जलस्तर को बनाये रखने में मदद करते हैं और जहाँ जहाँ इन खालो का निर्माण हुआ और लंबे ...

मैं और मेरी संस्कृति, बचाओ

जय भैरवनाथ जय बद्री बिशाल जैसा कि अक्सर होता है कि हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी जी रहे होते हैं और कुछ सहज असहज घटनाएं हमारे आसपास होती है, उसमें से ज्यादातर पर हम ध्यान तक नही देते और आगे बढ़ जाते है... शायद वो ज्यादातर घटनाएं हमारी व्यक्तिगत जीवन पर असर नही डालती इसलिए हम उसपर ध्यान नही देते और आगे बढ़ जाते हैं.. आज सुबह ऐसा ही कुछ हुआ मेरे साथ भी, लेकिन आदत से मजबूर मैंने कलम उठायी और लिखने लगा..हुआ यूं कि मैं रोज की तरह नौकरी से लौट रहा था और अक्सर मन्दिर या फिर घरों में भजन का शोर आता सुनाई देता है जो कि शायद लोगो को अच्छी अनुभूति करवाता है और साथ ही उनका भगवान के प्रति कर्तव्य पूरा होता है यह सोच होती होगी.. जैसा कि मैंने बताया मैं रोज की तरह नौकरी से सुबह लौट रहा था और आज मैंने रोजवाला नही बल्कि दूसरा रास्ता लिया कमरे में आने के लिए, और मेरे कानों में एक घर जो गढ़वाली परिवार "भंडारी जी" का है से आवाज सुनाई दी, लेकिन ये क्या ये भजन नही थे उसकी जगह एक गढ़वाली गीत गढरत्न श्री नरेन्द्र सिंह नेगी जी का था और उसे सुन मैं जरा रूक गया..गीत के बोल चल रहे थे "कखन दयखण लठ्याल...

एक सवाल बिना जवाब

न जाने कितने ही मुश्किलें आयी, और थोड़ा सब्र के साथ झेल गया मैं, न कोई गम किया मैंने कभी, और न कभी कोई शिकायत किसी से। जैसा भी वक्त आया जीवन में, बस किस्मत की लेख समझ चुप रह गया, तमाम उम्र बस जो जी है मैंने, खुद को कम और रिस्तो को तवज्जो दी।। खुद के जीवन मे आये अनेक उतार चढ़ाव, सब को संभाला बिना किसी रुकाव के। शायद खुद पर था भरोसा या फिर अपनो का भरोसा, लेकिन क्या कोई ववत वक्त ऐसा आया जो मैं घबराया?????? आज न जाने क्यों पलक झपक नही रहे, आंखों में नींद नही है आज, शायद कोई कश्मकश है, या फिर आज पहली बार कुछ बिचलित हूँ मैं। लेकिन क्यों क्या है वो बात, क्या है कोई इतना बड़ा सवाल आज आया, न आज मैं सवाल जानना चाहता और न आज सवाल मिल रहा।। सच है आज एक सवाल बहुत ही परेशान करता रहा है मुझे, और लाख कोशिशों के बाद भी कोई जवाब नही ढूढ़ पा रहा। बहुत ही नाजुक है ये वक्त बहुत ही नाजुक घड़ी होगी फैसले की, काश कोई करिश्मा हो जाये, काश इस सवाल का जवाब मिल जाये... pari ©   ® Pari.... Love is life......Love is god....Love is everything

बस ख्यालो से

ये जो मुड़ मुड़ कर देखते हो हर रोज हमे तुम, ये सजा है कोई मेरे लिए या फिर तेरी रजा समझूँ.. Pari पल पल मौसम करवट बदलता जा रहा है, जैसे कोई चुपके से जीवन मे आ रहा है। Pari आज लिखना कुछ और चाहता था, कलम मेरी कुछ और लिखवा गयी, सोचा था शब्दो से देंगे सजा तुझे, ये फिर तेरी तारीफ लिखवा गयी.. Pari यकीन था मुझे कि लौटकर आओगे तुम फिर वहीं, रात भले कितनी भी लम्बी हो सवेरा तो होना ही था.... Pari न जाने कितने रास्तो में ढूंढ आया तुझे, शायद तेरा दीदार मुमकिन नही इस जनम में.. Pari क्यों मुझे मजबूर करते हो तुम अक्सर जनाब, मैं भी इंसान हूँ यूँ नैनो न पिलाया करो शराब.. Pari अक्सर राहें बयाँ करती हैं कहानी तेरे होने की, फिर भी नहीं ढूंढ पाता कोई निशाँ तेरा। Pari रही सही कसर भी आज पूरी कर ही दी तुमने, देखकर भी मुझे आते राह बदल दी तुमने। Pari पल दो पल के उबाल को दिल से लगा बैठे हो, थोड़ी आँच कम करलो जनाब, दाल फिर से गल जायेगी pari ©   ® Pari.... Love is life......Love is god....Love is everything

तू ही मेरी ज़िंदगी

तुझसे नाराज भी हूँ और तुझपे गुस्सा भी हूँ, और मुझे यकीन है तेरा भी हाल कुछ ऐसा ही है। और हो भी क्यों नही, ये तो होना भी चाहिये, मोहब्ब्त जो बेइंतहा है इक दुजे से हमें शोना।। वक्त बेवक्त याद आती है तेरी, तू भी कुछ कम याद नही करती होगी, कैसे पता ये तेरा सवाल होगा, जवाब मेरी हिचकियों में होता है। न जाने कोई कैसे रहता है बनाकर दूरियाँ, अभी तक सवाल बाकी है, मै किसी कारागार में हूँ सजावार, तुझसे दूर रहने से बड़ी सजा क्या होगी।। दिल की बातों को दिल तक समेटे हूँ, शायद अभी नही आती कोई नुमाईश मुझको, कुछ पल मेरे लिए भी निकाल यारा, मेरी बेचैनी की क्या नही खबर तुझको। यूहीं न बिखर जाऊँ कहीं मैं, खुद को संजोये हुए हूँ बस तेरे लिये, मेरे जीवन की एक चाह है, जियूँ तमाम जिंदगी तुझे बाहों में लिये। pari ©   ® Pari.... Love is life......Love is god....Love is everything

बिडम्बना जीवन की

सभी है सताये हुये जैसे तकदीर के, मालूम ऐसा पड़ता है, कोई मुँह लटकाये बैठा है, तो कोई सिर झुकाये रहता है। बात बात पर हो जाती है तकरार, न जाने कैसा खेल होता है, पल में बदल जाती है नीयत, हर शख्स जैसे गुस्साए बैठा है। क्या पराया क्या है अपना, न कोई फर्क अब मुझे पड़ता है, काम निकले कैसे भी सोच यही, दोस्त दोस्त से लड़ता है। कौन हो तुम कहाँ से आये, काम निकलते ही सवाल करता है, मेरी हो जाये मौज यारा, मुझे क्या कोई जिये या कोई मरता है। कोई रूठे कोई छूटे क्या फर्क मुझे पड़ता है यार, मतलव की है दुनिया जैसे न कोई दुश्मन न किसी से प्यार। राह में चलते है जब तक, कहलाते हो तुम मुसाफिर, मिलते ही मंजिल तुम ही राजा अब भला किसका है डर। अब कहता हूं और तब भी बोला, याद फिर से करो एक बार, लाख छुपकर करलो पाप, देखता है तेरा खुदा तुझे हर बार। जीवन मिला है अगर संसार में, फिर सुख दुःख का खेल चलता रहेगा, सांस उखड़ने भर की है देरी, फिर न तेरी परेशानी न तेरा गुरुर बचेगा।। pari ©   ® Pari.... Love is life......Love is god....Love is everything

वजह मुस्कान की

बेवजह आयी है मुस्कान जो आज, क्या ये वही है जिसे मैं ढूंढ़ता हूँ, न कोई आशा है मन मे आज शायद, बस एक अजीब सा सुकून है दिल मे। कुछ अनकहे अनसुने सवाल थे, बिना जवाब ही आज खो चुके हैं, जैसे छट चुका हो कोहरा दिलों से, मुस्कान संग एक नया सवेरा हुआ है। नासमझ था जो आजतक मैं, बेवजह ही भटक रहा था अंधेरों में, सामने था सुनहरा सवेरा जहां, मुहँ मोड़े खड़ा था कब से उसी ओर मैं। कुछ अजब सा ख्याल आया आज, कुछ महर मेरे रब की हुयी होगी, मुझे क्या था मालूम अंधेरा मिटेगा, और सामने मंजिल बाहें पसारे मिलेगी। पल दो पल के इस जहाँ में, सभी है मुसाफिर कुछ ही पल के, हर किसी को है जाना यहां से, मेहमान है सब कुछ पहर के। रास्तों को भी पता है ऐ मुसाफिर, आज तू है कल कोई और होगा, एक तेरे जाने के बाद यहां से, ना कोई तेरा फिर वजूद होगा। आज है जो पास तेरे, बस वही तेरा अपना है जान ले, कल तुझे छोड़ देगा वही जिसपर करता है तू नाज रे। फिर भला क्यों सोचता है, सब छोड़ दे उस निराकार पे, फिर ना कोई ख्वाइश बाकी रहेगी, बस होंठो पर मुस्कान होगी Pari ©   ® Pari.... Love is life......Love is god....Love is ever...

एक दुआ ऐसी भी

न किसी का अपना घर छूटे, न किसी से अपनो का संग छूटे, रखना दुआ में ख्याल सबका, न कभी किसी के सिर से छत टूटे। बनी रहे मुस्कान सदा चेहरे पर, न किसी का कोई ख्वाब छूटे, बनाये रखना महर सब पर अपनी, हे ईश्वर न किसी आँख से नीर छूटे।। यूँ तो निश्चित ही सब कुछ मुमकिन नही, लेकिन न कभी कोई दिल टूटे, न आये मनमुटाव रिश्तों में कभी, न किसी से कोई अपना रूठे। बनी रहे मिठास आपस मे हर पल, न साबित हों वादे कोई झूठे, आ जाये भले अड़चने कितनी भी, तेरा मेरा न कभी साथ छूटे। वैसे तो नस्वर है शरीर फिर भी, ब्याधियों से इसे तुम दूर रखना, होती रहे सबकी मूलभूत जरूरतें पूरी, न किस्मत में मांगना भीख रखना। और भले आये जीवन में सुख दुःख, होंठो में सदैव श्री राधे रखना, भले हो जाओ कुछ पल को विचलित, न फिर भी रब से कोई शिकायत रखना। Pari ©   ® Pari.... Love is life......Love is god....Love is everything

मेरी चाहत तुझसे ही

लिखना तो चाहता हूँ आज फिर से, लेकिन आज माहौल ठीक नहीं है, माना थोड़ा गर्मी है मौसम में आज, लेकिन कलम की स्याही जमी हुयी है। लाख कोशिश कर रहा हूँ पिरोने को शब्द आज फिर से, न जाने फिर क्यूँ आज कोई धागा, नही पिरोता आज मेरे मोतियों को। चाहत बहुत है आज भी, राहत भी है दिल मे तेरे प्यार से, है सुकून तेरे पास होने का, डर है तो बस तेरे रोने से। कुछ मोहब्बत जतानी बाकी थी, कुछ फसाने कहने बाकी हैं, अभी तो सफर शुरू किया संग तेरे, मीलों की राह बाकी है। मुस्कुराये बिन रह न पाऊँ, ऐसा भी कोई मर्ज नही मुझको, बस कुछ सवाल है मन मे, जो मुस्कान को हटने नही देते। होता है दर्द मुझको भी, रुलाते हैं घाव मुझको भी, ईश्वर की है कोई कृपा जरूर, सम्भल जाता हूं जो गिरकर भी। मेरी मोहब्बत नही बदलेगी, मेरी वफा नही बदलेगी, जब तक है सांस मुझमे शोना, मेरी पसंद नही बदलेगी। आने दो इन्तेहाँ कितने भी, मेरे जीवन की परिभाषा वही होगी, आज कल और बरसों बाद भी, मेरे दिल के करीब बस तू होगी।। pari ©   ® Pari.... Love is life......Love is god....Love is everything

देवभूमी मा बणु की आग

सभी छोड्यू मा हुयीं आग आग, डांडा काठां सारी धार, किलै हुयूँ च यू धुँआरोल, जंगलों में लगणि आग किलै बार बार। क्वी त बताओ मि भी दिदो, किलै कना तुम यू घपरोल, जीव जन्तु, प्राकृतिक संपदा अर जन मानस फर लगणु जोल। किलै हुयां अपणा ही बैरी, किलै अपड़ा हतुन आग छा लगाणा, जंगलु मा आग लगै रोज रोज, किलै बणु थै मिटाणा। नि मिलणी क्वी खुशी तुमथै, नि हूणी क्वी आस गाणी, सुख संपदा मिटी जाली, सुखी जालु पहाड़ कु पाणि। सोचा जरा भलु कै दिदो, क्या होलु जब बण नि राला, नौना नौनी तुमरा तब, कख बटी कि खुशहाल राला। मिटी जाली पछ्यांण हमरी, दुनिया वला ठठा लगाला, चेति जावा अभी भी दिदो, तब सुपन्यो म ही बण राला। पौड़ी हो या अल्मोड़ा दिदो, सर्या गढ़वाल बटी कुमों तक, फुकेणा छिन बण हमरा, चेता नि क्या तुम अभी तलक। आबो हवा अर पाणि अब त, हूण लग्युं सब प्रदूषित, कनु कै आलु क्वी यख तब, कनु कै होलु हमरू राज्य बिकसित pari ©   ® Pari.... Love is life......Love is god....Love is everything

चोर सिपाही की हुयी है यारी

कैसी हालत देखने को आज मिली है देश मे पहली बार, चोर-सिपाही, जज-अपराधी, सभी बने हुये हैं देखो आज यार। कल तक स्याही जूते फेंकते थे, जो इक दूजे पर बार बार, एक रंग में रंगने की कोशिश में, हुये है देखो आज सब तैयार।। देश में हुये थे जब अत्याचार, निर्मम हत्या, जातिवाद, हुआ कहीं पर बलात्कार, छुपे हुए थे सब मुँह छुपाये जैसे, सबको सांप सूंघ गया हो मेरे यार, सरहद पर हैं सिपाही मरते और होती घर पर उनके चीख पुकार, कोई नही था खड़ा संग तब, बस करते थे एक दूजे पर तीखे सब वार। देशहित में हम सब है देखो, कोशिश यही दिखाने की रहती बार बार, भोली जनता बनेगी उल्लू फिर से, दिलों में फिर है इनके यही विचार। करने शिकार एक अकेले शेर का, ले आये सब फिर तलवार, जैसे कुरुक्षेत्र में खड़े हुये, अभिमन्यु वध को सब कौरव एक पार। युग बदल गया समय बदल गया, बदल गए है सब किरदार, नहीं चलेगी अब कोई कूटनीति, बदल गए है अर्जुन के हथियार। जाग्रत हो रही जनता अब तो, देख रही सबका प्यार दुलार, नही चलेगा अब कोई छलावा, होगा अब सब रावणो का संहार।। Pari ©   ® Pari.... Love is life......Love is god....Love is every...

कुछ समझ या नासमझ

क्यूँ भला मजबूर होता हूँ मैं, क्यों भला परेशान होता हूँ मैं, क्यूँ भला समझ कर भी आज, नासमझ सा दिखता हूँ मैं। कुछ उलझने है संग आज भी, कुछ मुश्किल दिखती है आज भी, फिर भी होना है वो जो होगा अगर, क्यों फिर कशक मन में आज भी।। Pari ©   ® Pari....   Love is life......Love is god....Love is everything....

मेरा जन्मस्थल, देवभूमि उत्तराखंड

सर्द हवाओं का होता है सिलसिला, मौसम एक सा रहता है हर जगह, देवताओं का निवास है जहाँ, देवभूमि नाम से प्रसिद्ध है वह जगह। प्रकृति का अनूठा है संगम, होते हैं यहाँ अक्सर चमत्कार, चेहरों में मासूमियत है होती, रहता है दिलों में सबके प्यार। दुनिया मे सब करते है भरोसा और रखते है सुलझा व्यवहार, ऐसी है पहचान मेरी और ऐसी है मेरी जन्मभूमि मेरे यार। जीवनदायनी गंगा का उदगम, है बद्रीविशाल का यहां निवास, पार्वती संग भोलेबाबा नाम केदारनाथ करते है जहां वास, नरसिंह, घंडियाल, भूम्या और भैरों देते शुभ आशिष, नमन मेरा सदा देवभूमि तुझे, झुकता है मेरा तुझमें शीश।। गौं गुठ्यार कांठा धार, रोज लगदन यख त्योहार दयबतो कु वास यख, खोलयूं म गणेश अर भूमि मा भूम्याल। बाराह मैना ऋतु बसंत, ऐजांद मुखड़ी मा मौल्यार, ऐ जावा तुम भी बौड़ी दिदो, रखा पित्रो की धरोहर कु ख्याल Pari ©   ® Pari.... Love is life......Love is god....Love is everything....

औकात मेरी मुझसे ही

कुछ हुनर है अगर तुझ में, यकीनन कुछ बात मुझ में होगी, खाली है आज हाथ तो क्या, कल लकीरें मेरी भी बदलेंगी। राह जो पकड़ ली है आज मैने, कल मंजिल भी कदम चूमेगी, उपहास बनाते है जो आज मेरा, वही भीड़ मेरी एक झलक को तरसेगी।। कुछ ठाहाके जरूर लगेंगे कुछ बातें भी बनेंगी आज मेरी भी, कुछ समझायेंगे नादान जानकर मुझे कुछ दूर तमासगीर होंगे। रहेगी फिर भी एक टक मेरी, नजर बस गड़ी होंगी आसमा पर ही, भले न अधिक शोहरत होगी यारो, लेकिन दूर से पहचान अलग होगी।। राहत भी है और फिक्र भी लेकिन खुद पर है भरोसा भी आज, हूँ अकेला आज तो क्या कल मुल्क भी करेगा मुझपे नाज। होंगे जिक्र अपने भी किताबो में और तसवीर अखबार पर होगी, क्यों रहें भीड़ का हिस्सा बन अगर कल अपनी अलग पहचान होगी। Pari ©   ® Pari.... Love is life......Love is god....Love is everything....

बिन तेरे मेरी माँ

न मेरा कोई अस्तित्व है बिन तेरे, न मेरी कोई पहचान है बिन तेरे, न मेरा होना संभव था बिन तेरे, न मेरी कोई इबाबत है बिन तेरे। मैं हो जाऊं बड़ा कितना भी पर मेरा न कोई वजूद है बिन तेरे, मैं रहूँ भले कहीं भी माँ मेरी लेकिन जीवन मे न कोई सुकून है बिन तेरे।। Pari ©   ® Pari.... Love is life......Love is god....Love is everything....

मेरी गुडिया मेरी राजकुमारी

नटखट नटखट प्यारी न्यारी, कितनी सुन्दर गुडिया मेरी, जीवन के सब रंग दिखलाती मेरा बचपन याद दिलाती। इक पल रोती इक पल हँसती गुडिया मेरी भोली भाली, सबसे अलग सबसे नवीन प्रेम का एहसास दिलाती गुडिया मेरी।। क्या कहना क्या कहना तेरी सारी अदाएँ बड़ी निराली, खुद सो जाती दिन दिन में फिर रातो को हमे जगाती। मंद मंद मुस्कान है उसकी भाव चेहरे के अलग अलग, अलग जहां सी बोली भाषा कोई अजब कहानी है सुनाती। निष्छल प्रेम है जीवन में तो बस है एक बिटिया रानी, सब रिस्तो में सबसे अनमोल पापा की जान ये गुडिया। अनेक जन्मों का तप है मेरा जो तुम आयी बिटिया बन मेरी, बड़ा प्रसंचित प्रफुल्लित जीवन बना तुमसे मेरा राजकुमारी। Pari ©   ® Pari....   Love is life......Love is god....Love is everything....

माँ मेरी

सबसे पहला शब्द जो बोला "माँ" मैंने अपने मुख से, यही धरोहर है मेरी "माँ" जीवन में बढ़कर सबसे.. न कोई आस फिक्र मुझे, माँ तेरा आशीष जो है मुझपर, सदा मुस्कुराहट दे पाऊँ तुझे, यही दुआ है बस रब से।

मेरी आरजू, मेरी तमन्ना

इक गुडिया मेरी भी है प्यारी, इक नन्ही मेरी भी है राजकुमारी, बहुत ही कोमल मन उसका है, इक गुडिया मेरी भी है न्यारी। पलकों पर रख उसे खिलाता, सपने उसके रोज सजाता, प्यारी मुस्कान उसकी देख, निशदिन मेरा मन हर्षाता। कभी वो उठती कभी है चलती, इक पल फिर वो गिर जाती, कैसे फिर से गिरकर उठते, हर रोज मुझे है सिखलाती। कई अदाएँ कई उमंगें, जाने कितने रूप दिखलाती, हंसी होंठों पर ला फिर वो, एहसास स्वर्ग सा मुझे कराती। बड़ी शरारतें बड़ी बदमाशिया, पल पल जैसे मुझे सताती, भोलेपन में आकर वो तो, राज जीवन के भी कह जाती। बड़ी फिक्र है मुझको तेरी, दिल मे अपने कहता पल पल, सबसे बढ़कर खुशियों देकर, तेरी राहों में बिछाऊँ फूल।। Pari ©   ® Pari....   Love is life......Love is god....Love is everything

तेरी खुद 3

कुछ कहना चाहता हूँ तुमसे मैं, कुछ बताना चाहता हूँ तुमको, कुछ बात है दिल मे मेरे भी, कुछ राज बताना चाहता हूँ तुमको। बहुत ही नाजुक हो तुम माना, मेरी दिल रानी हो तुम जाना, सबसे अजीज जहाँ में यारा, मेरे सबसे करीब हो तुम जाना। पल पल मुस्कान होंठो पर, फिर इक पल गुस्सा कर जाना, कुछ दिखावा तेरा रूठने का, फिर मेरे करीब तेरा आ जाना। शहद भरी वो मिठास बातो में, तेरी यादों में हिचकी का आना, कुछ पल पलके बंद कर ली, फिर तेरा सुपन्यो में छा जाना। साथ बिताये वो दिन शोना, बहुत सताते है अब भी, आँखे नम हो जाती है, तनहा होता हूँ जब भी। ख्याल न जाने क्या था वो, सवाल न जाने क्या थे तब, छोड़ स्वर्ग सी देवभूमि, कोई जवाब ढूंढने निकले जब। अब खुद तेरी सही नही जाती, अब दूरी तुमसे रखी नही जाती, जो गलत फैलसे थे कल के, संग जीवन उनके बितायी नही जाती। सोच बदलेंगे सोच लिया है, कुछ फैसले बदलेंगे सोच लिया है, अच्छा बुरा जैसा भी होगा, सब वक्त तेरा है सोच लिया है। रात वही है दिन भी वही है, फिर क्या बदला मुझमे आज, तुझसे प्रेम है खुद से ज्यादा, दिल मे छुपा है मेरे ये राज।। Pari ©   ® Pari.... ...

शब्दों की मंशा

कुछ शब्द चुने थे मैंने भी, कुछ वक्त लगाया था संजोने में, फिर पिरो दिये कुछ शब्द अलग, कुछ छोड़ दिये तहखाने में। बहुत हुआ अब खेलना हमसे, अब छोड़ दो कुछ पल तन्हा भी, नही चाहिए अब और नुमाईश, बस रहने दो कुछ राज जहन में। वक्त बदला है आज यहाँ भी, कुछ बदलाव हममें भी आने दो, बहुत लिख लिया झूठ जहाँ में, कुछ सच बयाँ अब करने दो। रात ढल चुकी धूल छट चुकी, नही अब कोई अंधकार बचा, पहल हुई है फिर एक नयी, भोर भई है फिर एक नयी। मौसम बदला आलम बदला, बदलो तुम भी शब्दो की भाषा, वक्त कीमती हो चला है समझो, पढ़कर आये न कोई निराशा। कुछ संदेश जहाँ में अब पहुंचा दो, कुछ मरे हुओं को तुम जगा दो, छोड़ो झूठी शानो शौकत, अब हकीकत खुद में भी आने दो।। Pari ©   ® Pari....     Love is life......Love is god....Love is everything

जुनून सीखने का

मैं अक्सर बाहर निकलता हूँ तो कुछ न कुछ तो सीखने को जरूर मिलता है, लेकिन वो सीखने को क्यों मिलता है?? क्यूंकि मैं कुछ सीखना चाहता हूँ तभी वो मुझे दिखाई देता है..और ये सब कर सकते हैं, बस जरूरी है तो चाहत और जूनून सीखने का..... अब बात करते है वक्त की, अक्सर हम नौकरी, घर परिवार के साथ व्यस्त होने के कारण कहते हैं वक्त नही है...आज मैं एक महिला से मिला जो जॉब करती है, उसका 6 महीने का बेबी संभालती है और साथ मे उसे डांस का जुनून है तो साथ मे डांस भी करती है, और tv शो में भी डांस में सेलेक्ट हो गयी..कैसे??  जुनून कुछ करने का, साथ मे अपनी सारी जिम्मेदारी निभाने के साथ..... तो मुझे आज ये सीखने को मिला की वक़्त नही यार ये सिर्फ बहाना है, कुछ करने की चाहत और जुनून हो तो वक्त भी निकल आता है और बाकी सारे काम भी समय के साथ हो जाते है... तो फिर रोजमर्रा के जीवन के साथ कुछ ऐसा सीखे जो आपकी अपनी अलग पहचान हो, अपना हुनर पहचाने और कुछ अलग करें।। Pari © ® Pari.... Love is life......Love is god....Love is everything...

तेरी खुद तेरी याद

मेरी आस भी तू मेरी सांस भी तू, मेरा जिकुडा की तीस करार भी तू। आन्दू तेरु ख्याल सुवा सुद बुद मेरी ख्वे जान्द, उड़ी की मन मेरु सुवा, दौड़ी दौड़ी की त्वे मा आन्द। न क्वी आस न क्वी तीस बाकी अब रईंच, त्वे दगड़ रैणकी सुवा मन आस एक बचींच।।। मेरी आस भी तू..... झणी कुजणी क्या बात ह्वे, मेरी सुवा तू दूर छै ज्यू प्राण खुदे सुवा, कैकु हमन क्या जी ख्वे। किस्मत की बात होली, कि बिधाता रुशै होलु हमसे, बांद मेरी दूर गौं मा, मी परदेशा मा दूर त्वेसे। मेरी आस भी तू... नौना नौनी पूछदा होला, बुबा हमरू हमसे दूर किलै, क्या प्यार प्रेम नि च हमसे, जो दगड़ हमथै नि अपड़ा बुलै। किलै बाबा हमरू हमसे रूठी, जो देश हमथे छोड़ी चली गैनी, क्या ज़िन्दगी च बोला, नौना-नौनी सुवा सभी देखा बिछड़ी गैनी।। मेरी आस भी तू मेरी सांस भी तू, मेरा जिकुडा की तीस करार भी तू। Pari © ® Pari.... Love is life.....Love is god....Love is everything..

तेरी बात निराली

कन सुपन्या हूंदा कन आन्दू कैकु ख्याल, ज्यू तरसदु कैका बिगर कन आन्दू कै देखी मौल्यार। हूंदी होली आस कैकी, फिकर करदु रैन्दु क्वी औरि, सेली पोडदी जिकुड़ा मा देखकी मुखड़ी तेरी।। सुपन्या भी तेरा अर अब आस भी तेरी, प्रेम का ये संसार मा गैल्या याद भी तेरी। ऑंखयु की तीस अर जिकुड़ा म कीस सी, माया तेरी बांद जन कंडली कु झीस सी।। हाथ लगान्दु त चस चुभी जान्द, दूर भी त्वे बिगर हे लठ्याली नि रयान्द। कांडो का बीच मा हिंसरै की गुंदकी छै, तांबा की गागर मा जन पन्देरा कु पाणी छै। बैसाख मैना जन काफल की डाली सी, तिबरी मा बैठी मेरी आस उज्याली सी हे बांद मेरी तू मन की छै प्यारी, याद औन्दन तेरी छुवीं वो न्यारी। तू ही मेरी अखोडकी डाली छै, प्रेम उलास मेरी फूलूँ की क्यारी छै।। Pari © ® Pari.... Love is life.....Love is god....Love is everything..

वो बात अलग थी

वादे निभाने होते हैं मोहब्बत में, सिर्फ आसरे नही रहा जाता, सहने होते हैं दर्द अनेक इश्क़ में, हर कोई यूहीं किनारे नही आता। वो सहर याद है मुझे आज भी, वो तेरा किनारे वाला मकान याद है, वो मासूमियत से तेरे वादे याद हैं, वो थोड़ी सी खुलती तेरी खिड़की याद है। आज भी नही भूला हूँ समझो ना, तूने कही थी जो बात सिर्फ बातों में, मुस्कुराती है तू आज भी सुबह संग, गीले होते है तकिये मेरे रातो में।। वो लम्हे अलग थे वो दिन अलग थे, सबसे अनोखे अपने इशारे अलग थे, वो तेरा छत पर मुस्कुराना और मेरा साईकिल से निकल आना अलग था। दूर गलियों में सैर पे निकलना संग हसीन लम्हे गुजारना अलग था, यादों का सिलसिला अब बचा है, संग वक्त गुजारना हमारा अलग था।। न कभी तोड़ी तुमने थी चुप्पी, न कभी साथ मेरा था छोड़ा, फिर न जाने जीवन के उस मोड़ पर, तुमने क्यों हाथ मेरा छोड़ा। जब कर दिया था खुद को नाम मेरे, फिर क्यों अधर में मुँह तुमने मोड़ा, क्या वो वादे करार सब झूठ थे, जो नाजुक मेरा दिल तुमने तोड़ा।। कुछ सवाल आज भी बाकी है, कुछ जवाब आज भी अधूरे हैं, मेरे वादे सारे सच थे तब भी, मेरे करार सारे पक्के है आज भी। न मैं बदला ...

सुवा त्वे बगैर

दूर यख परदेश मा, ज्यू खुदेन्दु सुवा त्वे बगैर, यखुली ये दूर देश मा, आँसू नि रुकदा सुवा त्वे बगैर। क्या करूं क्या बोलू समझ नि औन्दु अब मेरी सुवा, खुदेन्द जिकुड़ी तरसदु प्राण अब नि रयेन्दू मेरी सुवा। द्वी चार पैसा का खातिर, कन बिछढ़ो हुयूँ हमरू, न त च हैंसी न क्वी करार, बस यादों मा जीणु हमरु। ख्याल औंदी बन बनी मि भी दिन आला कुजणी कब, डेरा मा दगडी तेरा ऑंखयु समणी छविं लगोला झणी कब दूर यख... याद भी आली त आँसू लुकाण, तेरी खुद जिकुड़ी मा छुपाण, मन मारी की भी दूर च रैण जख तख बस त्वे खुज्याण। रात्यु की नींद हरची, हरची दिन मा कु चैन, भूख नि तीस नि तेरा बगैर, बस ज्यू रैन्दु बेचैन।। दूर यख...

शसक्त महिला, सुदृढ़ राष्ट्र

थोड़ा भोली है थोड़ा मासूम है, लेकिन कमजोर नही है, कष्टो को है सहती हँसकर, लेकिन ये मजबूर नही है। अलग अलग किरदार निभाती, जिसका कोई मोल नही है, जीवन का है अभिन्न अंग, महिला तेरा कोई तोल नही हैं।। हर पहलू में तुम हो समायी, हर लम्हा तुम बिन अधूरा है, कितना भी सपन्न हो कोई, बिन तुम्हारे नहीं कोई पूरा है। क्या कोई तुलना है तुझसे, बिन तेरे नही किसी का वजूद है, तुम हो सम्पन्न सुदृढ़ नारी, जहां में सदैव हो सर्वोपरी। Pari

तेरी स्वाणी मुखड़ी, दिखे आज

आज ही के दिन हम अजनबी थे एक दिन क्या तुम्हें याद है एक दूसरे की झलक को कितने तलब थे क्या तुम्हें याद है। तुम मेरे लिए सोच रही होगी, मै तेरी कल्पना में डूबा था, ज़िन्दगी में आने को एक नया लम्हा जैसे कितने करीब था। कुछ उलझन थी मन मे कुछ उत्सुक थे हम, हर एक चेहरे में तेरा चेहरा तलाशते थे हम। इन होली उन होली दिल में तेरी तस्वीर थे बनाते, क्या तुझे भी भाऊंगा एक सवाल खुद से थे करते। मुलमुल सी मुस्कान होठों पे थी आती, मुझसे मिलने की चाह तू भी भला किसे बताती। फिर आ ही गया वो लम्हा भी धीरे धीरे, रुक रुक में आये हम तुम्हे मिलने पास तेरे। सबसे मिलना मुस्कुरा कर और लेते सबकी खबर, आंखे तो बस तलाश रही थी तुझे, पाने को बस एक झलक। कुछ हलचल थी मन में कुछ सवाल थे खुद से, तू भी तो घबराई होगी जैसे मुराद होगी आज पूरी कब से।। ...... Pari .......

मेरा गौ की बात

कन वो भला दिन छा दिदो, कन व भली रात छै, मेरा मुल्क मेरा गौं की, अहा कन व स्वाणी बरसात छै। घुमणु रैन्दु छाई गौं गलु म, क्वी चिंता न फिकर छाई, हैंसदा खेलदा दिन छ कटेणा, माया कु मि सौदेर छाई। अहा कन वो भली मेरा गौं की बात छाई.... वल्या पल्या छाल बटी, गाड़ धार गौं पंधेरा, चर्चा छाई हुयाँ मेरा, घौर बूण सबुका डेरा। मि भी रैन्दु बौलां बिटोली, चलदी मेरी धाक छाई, गैल्याणु की छुयूँ म भी बल, मेरु ही जिकर छाई अहा कन वो भली मेरा गौं की बात छाई.... कैकु मि दगड्या बल, कैकु मायादार हो ग्यो, कैकी जिकुड़ी चैन चोरी, कैकी नींद बल मि ली ग्यो। मि भी सुणी छुवीं वो प्यारी, जिकुड़ी म क्योंकली ल्याई सुपन्या मायादार संग देखी, मेरु भी मन छौं भरमाई।। अहा कन वो भली मेरा गौं की बात छाई.... ब्ये बबुं की खैरी समझी, द्वी पैसा का बान दिदो, घौर छोड़ी मुलुक छोड़ी, माया की रस्याण छोड़ी। ऐ ग्यो दूर सैर मा, मायादार की माया तोड़ी, भला कटेला दिन हमरा, मन मा एक आस छाई अहा कन वो भली मेरा गौं की बात छाई.... गौं बदली दिन बदली, बदली गैनी अपणा बिरणा, गेल्या दगड्या बदली गैनी, बदली सभी दाना सायणा। मायादार बदली ...

होरी कु त्योहार

                     आयी होली आयी फूलूँ मा फुलार आयी, डाल्यु मा मौल्यार आयी, आओ सभी दगड्यो, देखा होरी कु त्यौहार आयी। फ्यूंली खिली मेलु फुली, डांडयू मा बुराँस हैंसु, आओ मिली सभी दगड्यो, खिलला होरी ऐसू। डाली न्यूति लौला आज, ढोलकी थकुली मिलौला साज, गीत गौंला गौ भरूँ मा, खिललु फिर सबकु अब मिजाज। आओ देखा दगड्यो मेरा, मुखड़ी मा मौल्यार आयी, आओ आओ दगड्यो देखा होरी कु त्योहार आयी छुटा बड़ा भैजी भुला, अपड़ी अपड़ी टोली सजा, गीत गाकि टोलियों मा, आलू दगड्यो भौत मजा। बसन्त बयार चलली अब, जिकुड़ी मा प्यार आयी, आओ आओ दगड्यो देखा होरी कु त्योहार आयी।। लाल पीला हैरा नीला बन बनी का रंग लेकी, ऐ गी देखा गेल्या सभी, ज्वनी कु उलार लेकि। रंग बिरंगी मुखड्यूं म आज, कन हैंसणु बसन्त राज, देखी इन भलु समाज, मेरी जिकुड़ी खिलीं आज।। छुटा बड़ा दाना सयणा, आज देखा बोल्या बण्यां, सभु का जीवन म जन आज खुशहाली आयी। आओ आओ दगड्यो देखा होरी कु त्योहार आयी Pari © ® Pari.... Love is life.....Love is god....Love is everything...

मेरी शोना

                            मेरी शोना फिर वही सुहानी राते आ चली है, फिर वही ख्याल आया है तुमने तो कह दिया था अलविदा, आज फिर वही मोड़ आया है। कुछ मिठास आज भी है बाकी, शायद तूने प्यार बेहिसाब घोला था, मैं कैसे कह देता तुझे अलविदा, मुझे ख्याल सांसो का आया था।। राज थे दिल मे भौत सारे तब भी, कोई अपना ही तो राज में था, मुस्कान न छिने होंठों से यारा, तमन्ना दिल मे दबाये तब भी यही था। रहमत हुयी होगी शायद मुझ पर, तेरा मेरा साथ एक ही होना है, मैंने भी कह दिया था किस्मत से, बिन तेरे मेरा सफर अब अधूरा है।। हमेशा से मोहब्बत को सराहा था मैंने, फिर भला मैं कैसे पीछे रह जाता, भले ही देर से जाना है तुझे मैने, अब शायरी में मेरी तेरा नाम है आता। क्या सच मे होता है जहां में ईश्वर, ये तो कोई भी यकीन से कहता नहीं, लेकिन तेरा मेरा साथ होना शोना, ये भी उसकी पहचान से कम नही।। Pari © ® Pari.... Love is life......Love is god....Love is everything