सोच बदलें राष्ट्र बदलेगा
चलो एक नयी सोच पैदा करते हैं, सच को सच और झूठ को झूठ कहते हैं, अगर है कोई मुश्किल में पराया भी, मदद उसकी को आगे आते हैं। छोड़ तेरा मेरा आज से हम, बसुधैव कुटुंबकम का नारा सबको देते हैं छोड़ वो जाती धर्म की लड़ाई आज, चलो मिलकर इंसानियत के लिए लड़ते हैं।। सदियां बीती कुछ और फिर चले गये, कल हम भी अलविदा कह जायेंगे, सोच बदल तेरे मेरे की आज सभी, कल शायद इतिहास बना जाएंगे। राहें बदलो मंजिल बदलो मिलकर आज, फिर सवेरा कुछ अलग भी आएगा, आज संभल गए सोच समझ अगर, कल फिर भविष्य तेरे गुण गायेगा।। तू तू मैं मैं बहुत कर लिया अब तो आँखे खोलो तुम, जाती धर्म पर जो है लड़ाते फेंक निकालो उनको तुम। दोहरी सोच दोहरी मानसिकता से निकल बाहर जब आओगे, बेहतर कल बेहतर भविष्य नयी पीढ़ी को दे पाओगे।। छोड़ो आज से आंख बंद देश के दुश्मन पर भरोसा करना, आपस मे फिर लड़ा तुम्हे खुद की रोटी है इन्हें सेकना। तुम कट मर जाओगे फिर भी ये मौज में जीवन काटेंगे, और आज हो फिर कल ये हम सबको बस आपस में लड़वाएँगे।। फिर करलो मिलकर आज संकल्प सभी, जांच परख कर ही चुनना तुम कोई सरदार सही।। Pari © ® Pari.... Love is life....