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Showing posts from February, 2018

मेरी शोना

                            मेरी शोना फिर वही सुहानी राते आ चली है, फिर वही ख्याल आया है तुमने तो कह दिया था अलविदा, आज फिर वही मोड़ आया है। कुछ मिठास आज भी है बाकी, शायद तूने प्यार बेहिसाब घोला था, मैं कैसे कह देता तुझे अलविदा, मुझे ख्याल सांसो का आया था।। राज थे दिल मे भौत सारे तब भी, कोई अपना ही तो राज में था, मुस्कान न छिने होंठों से यारा, तमन्ना दिल मे दबाये तब भी यही था। रहमत हुयी होगी शायद मुझ पर, तेरा मेरा साथ एक ही होना है, मैंने भी कह दिया था किस्मत से, बिन तेरे मेरा सफर अब अधूरा है।। हमेशा से मोहब्बत को सराहा था मैंने, फिर भला मैं कैसे पीछे रह जाता, भले ही देर से जाना है तुझे मैने, अब शायरी में मेरी तेरा नाम है आता। क्या सच मे होता है जहां में ईश्वर, ये तो कोई भी यकीन से कहता नहीं, लेकिन तेरा मेरा साथ होना शोना, ये भी उसकी पहचान से कम नही।। Pari © ® Pari.... Love is life......Love is god....Love is everything

जय जवान

खिलते है कुछ फूल जहाँ में पल दो पल के लिए, लेकिन खुशबू फिर भी बेहिसाब छोड़ जाते हैं। कुछ गद्दार उठाते हैं उँगलियाँ आन पे मेरे देश की, फिर प्रहरी मेरे देश के तोड़ हाथ ऐसे फर्ज निभाते हैं। दे देते हैं जान भी करने को हिफाजत हमारी हर वक्त, धूप छाँव में रहकर एक उफ तक नही निकलते है। शायद मैं अधिक न लिख पाऊं शब्दो में बलिदान इनका, लेकिन नमन जरूर दिल से करता हूँ शान में जवान की।। Pari © ® Pari.... Love is life......Love is god....Love is everything...

सिर्फ ख्याल ख्यालो में...

नहीं चाहिए हिरासत किसी की, हमें आजाद ही रहने दो। मोहब्बत कोई सजा नही जनाब, बस खुले आसमा में उड़ने दो।। Pari... बहुत आसान है मोहब्बत दुनिया मे आजकल, जरिये भी अनेक मिल गए जताने को मोहब्बत। फिर भला क्यूँ मिलती नहीं खुशी सबको, क्या सिर्फ जताने तक सीमित रह गयी है मोहब्बत..?? Pari फिर आ ही गयी मुस्कान तेरे ख्याल के बाद ही सही, जो खोली मैंने किताब आज तेरे गुलाब वाली। बड़ा सँजो के रखा था जहाँ से छुपा के रखा था, आज फिर आयी है हाथो में वो गुलाब की कली।। Pari इश्क की कोई जुबाँ नही होती, बस दो दिलों की रजा काफी है। मेरी मोहब्बत तो बेहिसाब तेरे लिए, तेरा साथ चाहिये अब हमेशा के लिए....।।।। pari न शब्दों में था न सवालों में था, एक किस्सा सिर्फ ख्यालो में था। फिर हुई कोशिशें इसे हकीकत करने की,  फिर सिलसिला अपनी मुलाकातों का हुआ.. pari शाम की पहर नहीं कोई, जो तेरी याद न दिलाये। तू न रहे मेरे दिल का भितर, न कभी कोई ऐसा दिन आये।। Pari मन चंचल है माना मैने, अब तू भी तो समझा कर, कुछ पल दुःख तो संग असीम सुख भी है माना कर। पल दो पल की बेरूखी, लेकिन उम्रभर का प्यार है, कु...

गढ़वाली हास्य "खिखचाट"

              गढ़वाली हास्य, बोला त खिखचाट बल बल कुछ काम नि तुमरु, जरा कुछ त कैर दिया करो... मिन बोली- बोल भग्यानी क्या कन, त्वेकु त मि मटल्यूँ भोरी पाणी भी लयोलु.. बल त मि जब भी हाथ धूणु, त मेरा हाथ भिजी जांदीन...क्या करूँ.. मिन बोली- इतरी सी बात, तू यन कैरी कि भोल बटी हथ धूण दा नखला नि खोली... Pari बल कख जाण मिन तुम दगड़ बटी, जरा मेरु ख्याल नि तुमथे..... मिन बोली- अब क्या ह्वाई मेरी नौणी की गुंदकी... बल छी यु पाणी भी, जब भी हाथ    मा पोडदा...सर्या हाथ भिजा दीन्द.. Pari बल तुमसे क्वी काम ढंग से नि ह्वे सकदू, कख जौं तुम दगढ़ बटी... मिन बोली: कनु अब क्या ह्वेई.. बल यू कुक्कर कबरी बटी मि देखी सीटी मनु, अर तुम चुप देखणा राओ बस. Pari तुमरा बिगर राती बल नींद नि औंदी, तुमरा सुपन्या देखुणु रैन्दु..... मिन बोली: एक ता सुपन्या सियां मा औंदीन त झूठ न बोल...अर मेरा बाल सफेद हूणा बल, जरा सीं मेंदी घोल.... Pari बल तुमसे भौत प्यार करदु, तुमथै पौण खातिर सौंण सुम्बारा ब्रत भी रखदु... मिन बोली: अब मि क्या कैर सकदू यू भी बतै जा...

सबक जिंदगी से

               कुछ सबक जिंदगी से.. किसी ने प्यार सिखाया, किसी ने ईमानदारी सिखायी, तू ही सबसे वफादार निकली, जो तूने दुनियादारी सिखायी.. सवार थे हम भी हवा में, गुरुर के नशे में चूर होकर। एक थोड़ी सी थपेड़ क्या लगी, धम गिरे होश खोकर।। ये अपना और वो पराया है, यही सोचा मदद करने से पहले, एक जवान दे गया जान देखो, आज मदद मांगने से पहले।। कह भी दूँ खुद को सच्चा जहां में, तो क्या खुद से सच छिपा पाउँगा। आँखे चुरायी थी हमने भी, जुल्म किसी लाचार पर होता देख कभी।। पहली ही बरसात में छत बना लेते है हम बारिश में भीगने के डर से, कभी सोचा क्या तूने pari, बांट आऊं छाता किसी बेघर को भी।। सारी शर्तें और सारी गलती बस उसी की है जो सर झुकाये बैठा है, वरना असमान को आँखे दिखाना तो एक चलन से हो गया आज... सारे गम सहोगे चुप रहोगे और कुछ कहने से भी डरोगे, ये किसी की इज्जत करना नही कायरता कहलाती है। मैंने सोचा अपने लिये और तुझसे उम्मीद करता हूँ वो भी मेरे लिये, तो फिर मैं बेवकूफ हूँ या फिर तू बेवकूफ है कसम से। बड़ा ही हसीन पल होता है, किसी की यादों में खो...