मेरी शोना
मेरी शोना फिर वही सुहानी राते आ चली है, फिर वही ख्याल आया है तुमने तो कह दिया था अलविदा, आज फिर वही मोड़ आया है। कुछ मिठास आज भी है बाकी, शायद तूने प्यार बेहिसाब घोला था, मैं कैसे कह देता तुझे अलविदा, मुझे ख्याल सांसो का आया था।। राज थे दिल मे भौत सारे तब भी, कोई अपना ही तो राज में था, मुस्कान न छिने होंठों से यारा, तमन्ना दिल मे दबाये तब भी यही था। रहमत हुयी होगी शायद मुझ पर, तेरा मेरा साथ एक ही होना है, मैंने भी कह दिया था किस्मत से, बिन तेरे मेरा सफर अब अधूरा है।। हमेशा से मोहब्बत को सराहा था मैंने, फिर भला मैं कैसे पीछे रह जाता, भले ही देर से जाना है तुझे मैने, अब शायरी में मेरी तेरा नाम है आता। क्या सच मे होता है जहां में ईश्वर, ये तो कोई भी यकीन से कहता नहीं, लेकिन तेरा मेरा साथ होना शोना, ये भी उसकी पहचान से कम नही।। Pari © ® Pari.... Love is life......Love is god....Love is everything