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Showing posts from May, 2023

मुस्कुराओ मुश्किल में भी

 आफिस की थी ऐसी मेरी ज़िंदगी, सुबह उठते ही हो जाती थी जॉब से बंदगी। बार बार अलार्म बंद करना.. 5 मिनट और सोच 30 मिनट सो जाना। फिर कभी नहाए तो कभी ऑफिस गए परफ्यूम लगाए, कभी फ्रंट सीट तो कभी लास्ट वाली कैब की है भाये। फिर वही रोज 8:30-5:30 रूटीन शुरू हो जाता, बस यही ज़िंदगी थी या कैसी ये जिंदगी थी कोई मुझे भी तो बताये... फिर 2020 में दुनिया को महामारी ने घेरा.. जैसे सबकी जीवन मरण का हो गया फेरा.. माना कि समय बेहद ही मुश्किल था, बहुतों के लिए लेकिन जैसे वरदान भी था... कुछ ने खूब लूट मचाई कुछ ने इंसानियत दिखायी... इसी बीच मेरा वर्क फ्रॉम होम हुआ... डर के मारे मैंने भी गॉव की टिकट कटाई... अब मैं भी वर्क फ्रॉम होम करता हूं अपनी मैनेजमेंट टीम का निसदिन धन्यवाद करता हूं। हर मुश्किल समय मे वो मेरे साथ थे.. मेरे कलीग मेरे अपनो से कम नहीं थे.. अब मैं घर और आफिस में समन्वय करना सीख गया हूँ, सुबह नाश्ता, दिन में लंच और रात का डिनर बनाना सीख गया हूँ.. बच्चों के रोने के शोर को म्यूजिक समझता हूं.. बीवी कहे कुछ तो उसे भी इग्नोर करता हूँ... ये तो हुयी कुछ मजाक की बात, लेकिन घर और आफिस दोनों परिवारों ने...

तेरी जरूरत आज मुझे

 मुझे जरूरत है तेरी क्योंकि मेरा समय अनुकूल नहीं है, और तुझे इसकी खबर नहीं, फिर क्या ही तुमने मुझे समझा। न माथे पर शिकन न आँखों में आँसू ला सकता हूँ, बिना इसके तू दर्द जान ले मेरा, तो मानु की समझा तूने।। वक्त भी मेरे साथ नहीं और तूने भी बेरुखी अपना ली, आज जरूरत है तेरी की तू कहे मैं हूँ ना साथ तुम्हारे, यकीनन मेरा भी समय कल बदलेगा ईश्वर पर यकीं है, फिर साथ देने की बात करोगे तो फिर क्या ही बात होगी।। मेरे लाखोँ किये जतन सब बेकार हो रहे, जहां भी जाऊं बस मायूसी मिल रही। एक बस तेरे चेहरे की मुस्कान का था सहारा, वो भी तूने मुझसे छीन, कर लिया मुझसे किनारा। दिल को मजबूत कर के जीने का फैसला है अब, सिर्फ अपने से करेंगे उम्मीद यही फैसला है अब। कल तो मेरा होगा ही साथ मे तुम्हारा भी साथ होगा, लेकिन जो जगह आज है शायद वो अब फिर कभी नहीं।। Pari✍🏻