मेरा गौ की बात

कन वो भला दिन छा दिदो, कन व भली रात छै,
मेरा मुल्क मेरा गौं की, अहा कन व स्वाणी बरसात छै।
घुमणु रैन्दु छाई गौं गलु म, क्वी चिंता न फिकर छाई,
हैंसदा खेलदा दिन छ कटेणा, माया कु मि सौदेर छाई।

अहा कन वो भली मेरा गौं की बात छाई....

वल्या पल्या छाल बटी, गाड़ धार गौं पंधेरा,
चर्चा छाई हुयाँ मेरा, घौर बूण सबुका डेरा।
मि भी रैन्दु बौलां बिटोली, चलदी मेरी धाक छाई,
गैल्याणु की छुयूँ म भी बल, मेरु ही जिकर छाई

अहा कन वो भली मेरा गौं की बात छाई....

कैकु मि दगड्या बल, कैकु मायादार हो ग्यो,
कैकी जिकुड़ी चैन चोरी, कैकी नींद बल मि ली ग्यो।
मि भी सुणी छुवीं वो प्यारी, जिकुड़ी म क्योंकली ल्याई
सुपन्या मायादार संग देखी, मेरु भी मन छौं भरमाई।।

अहा कन वो भली मेरा गौं की बात छाई....

ब्ये बबुं की खैरी समझी, द्वी पैसा का बान दिदो,
घौर छोड़ी मुलुक छोड़ी, माया की रस्याण छोड़ी।
ऐ ग्यो दूर सैर मा, मायादार की माया तोड़ी,
भला कटेला दिन हमरा, मन मा एक आस छाई

अहा कन वो भली मेरा गौं की बात छाई....

गौं बदली दिन बदली, बदली गैनी अपणा बिरणा,
गेल्या दगड्या बदली गैनी, बदली सभी दाना सायणा।
मायादार बदली ग्याई, ऐ की ये दूर देश मा,
जीणा का समीकरण बदली, पौंची तुमरा परदेस मा।।
दगड्या नि रा माया नि रै, आस गाणी छुटी ग्याई..

अहा कन वो भली मेरा गौं की बात छाई....
Pari

© ® Pari....

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