एक दुआ ऐसी भी

न किसी का अपना घर छूटे, न किसी से अपनो का संग छूटे,
रखना दुआ में ख्याल सबका, न कभी किसी के सिर से छत टूटे।
बनी रहे मुस्कान सदा चेहरे पर, न किसी का कोई ख्वाब छूटे,
बनाये रखना महर सब पर अपनी, हे ईश्वर न किसी आँख से नीर छूटे।।

यूँ तो निश्चित ही सब कुछ मुमकिन नही, लेकिन न कभी कोई दिल टूटे,
न आये मनमुटाव रिश्तों में कभी, न किसी से कोई अपना रूठे।
बनी रहे मिठास आपस मे हर पल, न साबित हों वादे कोई झूठे,
आ जाये भले अड़चने कितनी भी, तेरा मेरा न कभी साथ छूटे।

वैसे तो नस्वर है शरीर फिर भी, ब्याधियों से इसे तुम दूर रखना,
होती रहे सबकी मूलभूत जरूरतें पूरी, न किस्मत में मांगना भीख रखना।
और भले आये जीवन में सुख दुःख, होंठो में सदैव श्री राधे रखना,
भले हो जाओ कुछ पल को विचलित, न फिर भी रब से कोई शिकायत रखना।
Pari

© ® Pari....

Love is life......Love is god....Love is everything

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