अल्फाज मोहब्बत में
मोहब्बत में हर अल्फाज कहे नहीं जाते, दिल की चाहत को शब्द दिये नही जाते। सम्मान और समर्पण ही मोहब्बत है, अंजाम मोहब्बत में सोचे नहीं जाते।। मोहब्बत की परिभाषा बस इतनी सी समझ आयी, मुझे मोहब्बत है तुमसे और यही बस है सच्चाई। अगर करो प्यार तुम भी हमसे तो अच्छा है, नहीं तो हर सांस हमारी वैसे भी तुम्हारी ही है। कह सको तो कह लेना क्या तुम्हारा ख्याल है, बेझिझक मोहब्बत है या फिर कोई सवाल है, लाखों उलझने और परेशानियां तो है मगर, मोहब्बत में साथ चलने की बात ही कुछ और है। फिर भी कह देतें हैं एक बार तुमसे फिर हम, तुम ही हो ख्वाइश और तमन्ना हमारी हरदम। बेइंतहा मोहब्बत है तुमसे यही आखिर सच होगा, तुम ही हो जीवन मेरा, तेरे सिवा अब न कोई और होगा।। Pari © ® Pari.... Love is life......Love is god....Love is everything