मेरी गुडिया मेरी राजकुमारी

नटखट नटखट प्यारी न्यारी, कितनी सुन्दर गुडिया मेरी,
जीवन के सब रंग दिखलाती मेरा बचपन याद दिलाती।
इक पल रोती इक पल हँसती गुडिया मेरी भोली भाली,
सबसे अलग सबसे नवीन प्रेम का एहसास दिलाती गुडिया मेरी।।

क्या कहना क्या कहना तेरी सारी अदाएँ बड़ी निराली,
खुद सो जाती दिन दिन में फिर रातो को हमे जगाती।
मंद मंद मुस्कान है उसकी भाव चेहरे के अलग अलग,
अलग जहां सी बोली भाषा कोई अजब कहानी है सुनाती।

निष्छल प्रेम है जीवन में तो बस है एक बिटिया रानी,
सब रिस्तो में सबसे अनमोल पापा की जान ये गुडिया।
अनेक जन्मों का तप है मेरा जो तुम आयी बिटिया बन मेरी,
बड़ा प्रसंचित प्रफुल्लित जीवन बना तुमसे मेरा राजकुमारी।
Pari

© ® Pari....


 Love is life......Love is god....Love is everything....

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