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Showing posts from 2020

तुमसे है जिंदगी

 माना कि भावनाओं में बहना ठीक नहीं, लेकिन बिना इनके जीना भी मुमकिन नही। सोचा तो अक्सर मैं भी करता हूँ इस बारे में, कि न लिखूँ कभी भावनाओं को सामने रख के।। मैंने भी की मोहब्बत बेइंतहा किसी एक से, कद्र उसी को सबसे कम हुयी मेरे प्रेम से। सब कुछ नजरअंदाज कर जिसे लगाया गले से, वही बांह निकली मेरे लिये कमजोर सबसे।। राहत की चाहत में आँख बंद कर भरोसा कर लिया, मैंने तो ताउम्र का जैसे सुख एक साथ पा लिया। अकाबक्की में फैसले कर लेता तो ठीक था शायद, सोच समझकर जैसे मैंने कुछ पाकर भी खो लिया।। मैं तो बस करता रहूँगा तुमसे वफ़ा एकतरफा ही सही, सितम भी बिना उफ सह लूँगा मैं बेवजह ही। मेरी हर प्रार्थना में तेरी ख़ुशी ही बरकरार रहेगी, तू मुस्कुरा ले बस चाहे कीमत मेरी जान भी होगी। ©®pari

बेजान हूँ तुम बिन

बामुश्किल से मुस्कुराने की कोशिश करता हूँ, कुछ पलों के लिये खुश होने की कोशिश करता हूँ। आता है वही दौर अश्रुओं का फिर लौटकर, दिलाने मुझे मेरी किश्मत का गम याद फिर से। कोशिश तो बहुत की हर किसी का खास होने की, दबाकर हर गम अपना साथ सबके मुस्कुराने की। लेकिन मैं भी लड़ता कब तक अपने नसीब से, मांगकर जो लाया था ज़िन्दगी सिर्फ रुलाने की।। सब रिस्तों को मैं अकेला तवज्जो देता रहा बस, सबके होठों पर मुस्कुराहट लाने को लड़ता रहा बस। मेरा अपना वजूद मिट गया, मैं बिसरा सा दिया गया, जैसे मूरत हूँ मैं भी कोई बनी पुराने पाषाण की।। मेरा गर्व मेरा अहम था जो वो भी रुठ गया, मेरी मुस्कुराहट ही मुझे आँशु थमा गयी अब तो, अब तो बिन एहसास जैसे बेजान हो गया हूँ, जान है शरीर में लेकिन भावनाओं से बेजान हूँ।। Pari

मेरी मुस्कान मेरी पहचान

क्या करें क्या न करें, क्यों ऐसी स्थिति पैदा हुयी है, अधिकारों का उपयोग जो, सही से नही किया है। देखभाल कर भी तुमने गलत निर्णय जो लिया था, दोष अब देना क्यों, खुद गलत व्यक्ति तुमने चुना था।। जात पात की होड़ में, काबिल को तुमने चुका दिया, अहम अपना आज दिखाने को, कल तुमने ठुकरा दिया। पाछ पछताये निरर्थक है, समय से जो जागे नहीं, निश्चित है आज हार तुम्हारी, समय पर जो भागे नहीं।। अवसर का क्या है वो तो, आकर फिर चला जायेगा, आँख मूंद जो बैठे तो, क्या समय वहीं ठहर जायेगा। रात के बाद सवेरा है लेकिन, उसपर सबका अधिकार नहीं, वैसे ही धोखेबाजों को, जग में मिलता फिर सहर नहीं।। मैं तो आज यहाँ हूँ लेकिन, फिर कल कोई और होगा, मेरे जैसी सोच फिर होगी, इसपर तो बस संशयः होगा। मेरी मुस्कान कोई व्यंग्य नहीं, लेकिन कुछ को चिढ़ाती है, लाख षड्यंत्रों के बाद भी, मेरी होंठों से ये नहीँ जाती है।। Pari ©   ® Pari.... Love is life......Love is god....Love is everything

देवभूमी से प्रेम अतुल्य

 देवभूमी के वासी हम, देवभूमी में रहते हैं, सीमित साधनों में भी जीवन जी लेते हैं। दुनिया की दौड़ धूप से दूर यहाँ, भोजन में कन्द मूल भी चख लेते हैं। साहस अतुल्य है जन जन में, चुटकी में नदी पहाड़ चढ़ लेते हैं। रिस्तों की कद्र हैं करते हम सब, प्रेम में जीवन तक अर्पण कर देते हैं... खुश्बू अलग है इस माटी की, देशप्रेम कण कण में बसता है। कहने की जरूरत नहीं पड़ती, हर दूसरा लाल देश पे मरता है।। अक्सर मुझसे यार मेरे पूछ लेते हैं, देवभूमी की चाहत क्यों है कहते हैं। मैं तो बस इतना सा कह सकता हूँ, देवभूमी में ही तो जीवन को मैं पाता हूँ।। Pari

स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

खुली हवा हो जहाँ, बंदिशों की घुटन न महसूस हो, ज़िम्मेदारी को समझ जहाँ, राष्ट्र हित ही सर्वोपरि हो। जात, धर्म, समुदाय, स्त्री-पुरुष से बढ़कर जहाँ इंसानियत हो, भूखा जागे जहाँ कोई भी मगर, नींद से पहले खाली पेट न हो।। मेरा तेरा से बढ़कर जहाँ, हमारा पर सबका विश्वास हो, न द्वेष हो, न ईर्ष्या का भाव हो, न अहंकार का वास हो। प्राणियों में ईश्वर न सही, लेकिन इंसानियत अवश्य हो, वसुधैव कुटुम्बकम और अतिथिदेवो भव का प्रयास हो।। मेरा ऐसा स्वतंत्रता के प्रति अभिप्राय हो....जय हिन्द Pradeep Kumar

हम सब के आदर्श, जय श्री राम

राम नाम का नारा गाकर, राममयी हो जाना है, भव्य मन्दिर बना जहाँ में, एक संदेश पहुचाना है एक कदम आज बढ़ा दिया, पूजन भूमि कराया है, श्रद्धा पुष्प चढ़ाकर हमने, राममयी हो जाना है।। मन प्रफुल्लित हो चला आज, सालों का था इंतज़ार, अनेक रूकावटें आयी माना, लेकिन सपना हुआ साकार। आँखों मे तस्वीर दिख रही, तन मन मे बज रही राम धुन, जयकारा लग रहा चहुँ ओर, जय राम श्री राम जय जय राम।। अनेक कोशिशें कर गये दानव, अस्तित्व राम का मिटाने को, मिट्टी में मिल गये स्वयं वो, आये थे हमें सबक सिखाने को। सेक्युलर का स्वांग रचाकर, संस्कृति मिटाने चले थे हमारी, हर बार मुहँ की खाने को मिली, इस राक्षसों को बारी बारी।। ताड़का हो गया खर-दूषण, आयें चाहे सूर्पणखा, यमपुरी को भेजे रामजी ने, मेघनाद से रावण तक। कलयुग के कुछ राक्षसों की, बारी अब शायद आयी है, इसीलिये तो शायद इन दुष्टों ने, टाँग अपनी ऐसे अड़ायी है। अनेकों सकुनी आ जायें अब, भले हो जाये लाख षड्यन्त्र, रामजन्मभूमि पर बनाने मन्दिर, हर भक्त हो चल अब स्वतंत्र। राम नाम के जयघोष लगेंगे, गूजेंगे नारे अब चहुँ ओर, राम नाम से ही होगी अब तो, हर देशवासी की नव भोर।। मानवता का पाठ है रा...

मेरी पसंद मेरा गाँव

लौट आया हूँ जो घर को अपने, बड़ा सुकूँ महसूस करता हूँ, जिस माटी में जन्म लिया, आज उसी में बैठ जब खाता हूँ। देख निराली छटा देवभूमी की, मैं पुलकित हो उठता है, खेलना, बोलना, चलना सीखा, जहाँ जन्म मैं पाया हूँ। शुद्ध हवा और ताजा पानी, चौमास की वो हरियाली, फ्यूंली-बुराँश और फूल बुग्याल, खिल्या मेलु की खुश्बू निराली। आरू, खुबानी, माल्टा नारंगी, तिमला, काफल की गज्ज डाली, सौंण भादो की बरखा रुमझुम, डान्ड्यू लॉकदी वा कुयेडी। दादा दादी का प्यार दुलार, माँ पापा की झूठी फटकार, कहने को सब था शहर में, बस इसी की थी दरकार। न अपनापन मिला कभी, न अपनों का साथ शहर में, हो सके तो तुम भी लौटो, जीवन ढूंढ़ो अपनी जड़ों में।। राह कठिन है अब माना, लेकिन संभव है कर पाना, थोड़ी मेहनत जरूर है लेकिन, आजादी को खुलकर जीना। परी कलम बस इतना कहती, नहीं शहर अब है मुझको रहना, जीवन का मर्म है खुशी, जिसे मैंने बस गाँव मे है जाना।। pari Love is life......Love is god....Love is everything

मेरा जन्मस्थल, देवभूमि उत्तराखंड

सर्द हवाओं का होता है सिलसिला, मौसम एक सा रहता है हर जगह, देवताओं का निवास है जहाँ, देवभूमि नाम से प्रसिद्ध है वह जगह। प्रकृति का अनूठा है संगम, होते हैं यहाँ अक्सर चमत्कार, चेहरों में मासूमियत है होती, रहता है दिलों में सबके प्यार। दुनिया मे सब करते है भरोसा, और रखते है सुलझा व्यवहार, ऐसी है पहचान मेरी और ऐसी है मेरी जन्मभूमि मेरे यार। जीवनदायनी गंगा का उदगम, है बद्रीविशाल का यहां निवास, पार्वती संग भोलेबाबा नाम केदारनाथ करते है जहां वास, नरसिंह, घंडियाल, भूम्या और भैरों देते शुभ आशीष, नमन मेरा सदा देवभूमि तुझे, झुकता है मेरा तुझमें शीश।। क्या गाँव और क्या बाजार, मनते हैं यहां रोज त्योहार, देवता जहाँ रहते प्रतिपल, कराते रहते एहसास हर बार। बारह महीनों यहाँ ऋतु बसंत, आ जाता है चेहरे पर मौल्यार, आओ तुम भी देवभूमी दोस्तो, मिलेगा अतुल्य यहाँ सबको प्यार। ©®प्रदीप पोखरियाल (pari) Love is life......Love is god....Love is everything....

प्रेम भाव जीवन सार

समय का खेल सिर्फ समय जान सकता है, नियम कानून भी वह खुद ही तय करता है। कब, कहाँ, क्यूँ, कैसे और क्या क्या होगा, इसका निर्णय भी सिर्फ समय ही करता है।। खुद को अजय जानने वाले, कब्रों में दफन हो गये, दुनिया पर हुकुमत करने वाले, शमशानों की राख हो गये। इतना सब कुछ देख भाल कर, अब भी मानव अबोध बना है, इससे ज्यादा हँसी ठिठोली, समय की और क्या हो सकती है।। घर त्याग दिया, रिश्ते तोड़े, बिन्डया खाने को फिर घर छोड़े, देश-परदेश को चले गये, विलासिता में अनेकों दिल तोड़े। समय का फिर फेर हुआ, खालीपन का फिर तुम शिकार हुये, न फिर दौलत रास आयी, विलासिता भी आज डराने लगी।। हे मानव तू अब भी समझ, तू चाबी का बस खिलौना मात्र है, कितना भी ऊंचा उड़ ले, अंत में तो बस जमीं पर तेरा वजूद है। परी की बात बस इतनी सी है, समझ सके तो समझ लो यारो, प्रेम भाव ही जीवन का सार है, इससे ही ये जग संसार है।। ©®Pari

कर्मों का फल

प्रकृति को दे रहे दोष, अपने कर्म नहीं देख रहे, वाह रे मानव कैसा है तू, मतलव का भंडार भरा, दोहन करता नित प्रकृति का, न कभी ख्याल रखा, अब जब लगी चोट तो, फूट फूट क्यूं तू अब रो रहा।। मन की मंशा रखकर मन मे, दिखावे का खेल चल रहा, नियत में भरकर लोभ, बात परोपकार की कर तू रहा। खुद को जानकर सबसे ज्ञानी, सबको मूर्ख समझ रहा। नहीं चलेगा ये चरित्र तेरा, क्यों पापों को सजों रहा, पिया दूध जब गाय तो फिर, बछड़े का क्यों त्याग किया, बिन बछड़ों के जग मे मानव, गायों का क्या अस्तित्व रहा। समय बदल जब कल आएगा, कर्मो को सामने लाएगा, बेकाम हो चले मानव को भी, बस तिरस्कार मात्र मिलेगा। पेड़ काटे अनंत तो फिर क्यों नव पौध का न ख्याल किया, माना थी जरूरत तेरी, भविष्य का क्यों ख्याल न आया, आज की ख्वाइश पूरी कर दी, कल का न ख्याल रखा, अब जब मुसीबत आन पड़ी, फिर क्या तू अब कर है सका।। क्या लेकर आये थे जग में, क्या लेकर फिर जाना होगा, कर्मो की गठरी के अलावा, सब यहीं बस त्यागना होगा। फिर न मिलेगा मौका दूजा, भोगना तब कर्मों को होगा, परी की कल्पना बस इतनी सी, निष्पाप जहाँ में रहना होगा। Pari ©   ®...

थोड़ी फिक्र, थोड़ी मुस्कान

सिर्फ चेहरा देखकर मोहब्बत नहीं हो जाती, यूहीं किसी के संग जिंदगी नहीं बितायी जाती। विश्वास संग ही बनते है जन्म जन्मों के रिश्ते, सिर्फ साथ रहने से कोई दिल में नहीं बस जाते।। ख्यालात और सवालात भी मिलने जरूरी हैं, सिर्फ जवाब एक से होना काफी नहीं होता। सालों कदम मिलाकर चलने का वादा काफी नहीं, कदम कदम पर साथ होना भी जरूरी है होता।। उम्मीद रखना कि समझे बिना बोले ही कोई, एहसास हो जाये उसे मेरा बिना पलक खोले ही। माना कि ये सब मोहब्बत की निशानी हो सकती है.. लेकिन फासले दूर होते हैं आखिर होठं खोलने से ही।। मुस्कुरा दो कितना भी तुम भले सामने किसी के, आँसू सिर्फ किसी खास के पास ही निकलते हैं। फिक्र होगी तुम्हारी भी शायद दुनिया मे सभी को, लेकिन बेवजह परवाह करे ऐसा होना कम ही है।। कोशिश कीजिए कि थोड़ी मुस्कान कमा सको तुम, कुछ लम्हें मुस्कान के दुनिया मे बाँट संको तुम..! यकीन मानो कुछ खास होने का एहसास होगा स्वतः ही, निःस्वार्थ किसी की मदद में बढेंगें  हाथ जब स्वतः ही..!! Pari ©   ® Pari.... Love is life......Love is god....Love is everything

जीवन का आधार, महिलाओ को मिले अधिकार

नारी का जीवन है जीना, जैसे स्वयं हलाहल हो पीना, अनेकों कष्ट भले हो लेकिन, कोशिश कर मुस्कुराते रहना, नहीं किसी से कोई अपेक्षा, मौन रहकर ही कर्म है करती, मन की मंशा मन मे रखती, प्रेम ही प्रेम जीवन मे है भरती। राह कठिन है चलना मुश्किल, लेकिन तुम चलती इसपर निशदिन, घर हो या फिर दुनियादारी, सबका रखती ध्यान है प्रतिपल, बेटी, बहन, पत्नी, बहु और फिर माँ का तुम रूप हो रखती, रखना ख्याल सबका प्राथमिकता, और संग अनेको कष्ट हो सहती। चाहे हो कितनी बाधाएं, उनसे पार तुम हो पा जाती, परचम विश्व पटल पर अपना, निशदिन ही तुम हो लहराती। शिक्षा, खेलों का क्षेत्र हो या फिर देशप्रेम की हम बात करें, चहुँ ओर है लहर तुम्हारी, चाहे कहीं भी हम नजर धरें।। महिलाओं का योगदान, धरती पर है बहुत महान, शब्दवाली में शब्द नहीं, जिनसे हो सके तो इनका बखान। फिर कुछ शब्द हैं चुने, कोशिश करने की तुम्हारी प्रसंशा, हर जगह महिलाओं का हो सम्मान, मन मेरी यही है मंशा।। जीवन का है जो आधार, मिले सम्मान उसे हर बार, प्राथमिकता हो हमारी भी, मिले महिलाओं को अधिकार।। Pari ©   ® Pari.... Love ...

अल्फाज मोहब्बत में

मोहब्बत में हर अल्फाज कहे नहीं जाते, दिल की चाहत को शब्द दिये नही जाते। सम्मान और समर्पण ही मोहब्बत है, अंजाम मोहब्बत में सोचे नहीं जाते।। मोहब्बत की परिभाषा बस इतनी सी समझ आयी, मुझे मोहब्बत है तुमसे और यही बस है सच्चाई। अगर करो प्यार तुम भी हमसे तो अच्छा है, नहीं तो हर सांस हमारी वैसे भी तुम्हारी ही है। कह सको तो कह लेना क्या तुम्हारा ख्याल है, बेझिझक मोहब्बत है या फिर कोई सवाल है, लाखों उलझने और परेशानियां तो है मगर, मोहब्बत में साथ चलने की बात ही कुछ और है। फिर भी कह देतें हैं एक बार तुमसे फिर हम, तुम ही हो ख्वाइश और तमन्ना हमारी हरदम। बेइंतहा मोहब्बत है तुमसे यही आखिर सच होगा, तुम ही हो जीवन मेरा, तेरे सिवा अब न कोई और होगा।। Pari ©   ® Pari.... Love is life......Love is god....Love is everything