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Showing posts from January, 2023

चलो फिर अजनबी हो जाते हैं

कहो तुम अगर आज फिर से वही बात करते हैं, मिटाकर यादें सारी ..फिर अनजान हो जाते हैं। देखकर भी करेंगे फिर अब अनदेखा एक दूसरे को, कोशिश फिर अजनबी बनने की आज करते हैं।। चलो तुम भी अब आँखे फेर लेना अगर मिलो कहीं, हम भी करेंगे कोशिश तुमसे नजरें चुराने की। वो दूर दूर से देखा करेंगे फिर एक दूजे को, चलो एकबार फिर अजनबी सा फिर मिलते हैं..।। वो तुझे देखकर दूर से वापिस कहीं और मुड़ जाना, न चाहकर भी तेरी सूरत से नजरें यूँ हटा लेना। चलो यार फिर वहीं एक बार फिर टकराते हैं, अजनबी सा बन किताबों को फिर गिराते हैं।। वो चिट्ठियों का सिलसिला फिर शुरू करेंगे, झुकी नजरों से बातें फिर बेहिसाब करेंगे। चलो फिर फूलों का वो दौर फिर दोहराते हैं, चलो वो सूखे गुलाब किताब से निकाल फ़ेंकते हैं।। ©®pari

आ अब लौट चलें

बेशक मुझे भृम थे बहुत, लेकिन अब हकीकत से वाकिफ हूँ, कुछ बातों से था मैं अनजान, आज वह भी जान चुका हूँ। कल तक करता था अहम बहुत, आज वापिस जमीं पर हूँ, दूसरे के भरोसे उड़ता था जो, आज ख़ुद की उड़ान भर रहा हूँ। तुम मुझे कुछ और समझ बैठे, मैं शायद कुछ और हो चला था। बेशक थोड़ा धीमी है मेरी चाल... लेकिन मैं कभी पीछे नहीं हटा था। तुम निकल चले हो कहीं दूर आज, मुझे मालूम है तुम्हे मेरा कोई ख्याल न रहा। मैं ही पागल था तेरी यादों में डूबा था जो.. तुम्हें तो बस एक ख्याल आसमा का ही रहा।। चलो अब हम भी फिर खुदगर्ज़ हो जाते हैं, छोड़ तेरी याद को आगे को बढ़ जाते हैं। जला दीं है हमने भी तमाम तस्वीरें तेरी, चलो किताब से अब वो गुलाब भी हटा देते हैं।। ©®pari

मिजाज शायराना

लब्ज अगर तुम कुछ कह जाते हो, उत्तरदायी उसके लिए फिर तुम हो जाते हो। वादा करना और फिर कर के तोड़ देना, इस आदत से तुम क्या नहीं घबराते हो...!! मेरे लब्जों को अगर समझ सको तो, उन बातों को तुम भी चिंतन में लाना। हर बार तुम्हें समझाऊंगा साथ बिठाकर, ऐसी गलतफहमी दिल से, pari तुम मत लगाना..!! बेशक ये वादियाँ खतरों से भरी हैं, लेकिन दिल को सुकूँ भी सिर्फ यही देती हैं। शहरों की चकाचौंध से अक्सर मन भर ही जाता है, ऐसे में सिर्फ देवभूमि उत्तराखंड का ही ख्याल आता है.. नजर फेरकर तलाश तेरी हम हर ओर करते हैं, है नजरों से कहीं दूर फिर भी तलाश भरपूर करते हैं। यूँहीं एकटक नहीं देखता होगा चकोर चांद को भी। तू है पास नहीं लेकिन तेरी तस्वीर को निहारते हैं।। चंद लम्हों की जिंदगी में हमे बस मुस्कुराना है होठों मे मुस्कान और रखा मिजाज शायराना है.. ©®Pari