चोर सिपाही की हुयी है यारी
कैसी हालत देखने को आज मिली है देश मे पहली बार,
चोर-सिपाही, जज-अपराधी, सभी बने हुये हैं देखो आज यार।
कल तक स्याही जूते फेंकते थे, जो इक दूजे पर बार बार,
एक रंग में रंगने की कोशिश में, हुये है देखो आज सब तैयार।।
देश में हुये थे जब अत्याचार, निर्मम हत्या, जातिवाद, हुआ कहीं पर बलात्कार,
छुपे हुए थे सब मुँह छुपाये जैसे, सबको सांप सूंघ गया हो मेरे यार,
सरहद पर हैं सिपाही मरते और होती घर पर उनके चीख पुकार,
कोई नही था खड़ा संग तब, बस करते थे एक दूजे पर तीखे सब वार।
देशहित में हम सब है देखो, कोशिश यही दिखाने की रहती बार बार,
भोली जनता बनेगी उल्लू फिर से, दिलों में फिर है इनके यही विचार।
करने शिकार एक अकेले शेर का, ले आये सब फिर तलवार,
जैसे कुरुक्षेत्र में खड़े हुये, अभिमन्यु वध को सब कौरव एक पार।
युग बदल गया समय बदल गया, बदल गए है सब किरदार,
नहीं चलेगी अब कोई कूटनीति, बदल गए है अर्जुन के हथियार।
जाग्रत हो रही जनता अब तो, देख रही सबका प्यार दुलार,
नही चलेगा अब कोई छलावा, होगा अब सब रावणो का संहार।।
Pari
Love is life......Love is god....Love is everything
चोर-सिपाही, जज-अपराधी, सभी बने हुये हैं देखो आज यार।
कल तक स्याही जूते फेंकते थे, जो इक दूजे पर बार बार,
एक रंग में रंगने की कोशिश में, हुये है देखो आज सब तैयार।।
देश में हुये थे जब अत्याचार, निर्मम हत्या, जातिवाद, हुआ कहीं पर बलात्कार,
छुपे हुए थे सब मुँह छुपाये जैसे, सबको सांप सूंघ गया हो मेरे यार,
सरहद पर हैं सिपाही मरते और होती घर पर उनके चीख पुकार,
कोई नही था खड़ा संग तब, बस करते थे एक दूजे पर तीखे सब वार।
देशहित में हम सब है देखो, कोशिश यही दिखाने की रहती बार बार,
भोली जनता बनेगी उल्लू फिर से, दिलों में फिर है इनके यही विचार।
करने शिकार एक अकेले शेर का, ले आये सब फिर तलवार,
जैसे कुरुक्षेत्र में खड़े हुये, अभिमन्यु वध को सब कौरव एक पार।
युग बदल गया समय बदल गया, बदल गए है सब किरदार,
नहीं चलेगी अब कोई कूटनीति, बदल गए है अर्जुन के हथियार।
जाग्रत हो रही जनता अब तो, देख रही सबका प्यार दुलार,
नही चलेगा अब कोई छलावा, होगा अब सब रावणो का संहार।।
Pari
© ® Pari....
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