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एक मुलाकत तुझसे आज फिर

सालों बाद फिर तुझसे मुलाकात हुयी लगा जैसे आस कोई आज पूरी हुयी। इक पल लगा जैसे कि समय ठहर जायेगा वो गुजरा हुआ वक्त जैसे फिर लौट आएगा। इक समय था ऐसा भी वो मेरे यार, मेरे दिल में तेरे लिये था अथाह प्यार। उम्मीद थी मुझे भी किस्मत से कुछ ऐसी, कि तुझे भी थी तलाश हमेशा ही मुझ जैसी। वो तेरा नजरे चुराना, वो मुड़मुड़कर देखना, वो अनचाहे बहानों से मुलाकात करना। मेरा होता था फिर तेरी गली से गुजरना कैसे भला मैं भुला दूं तेरा वो फिर मुस्कुराना। कुछ कसमें थी खायी, कुछ किये थे वादे, लाख बुरे रहें हो लेकिन हमेशा नेक थे इरादे, तेरा वो इंतज़ार करना, झूठमूठ में फिर गुस्सा हो जाना, आदत्तन फिर प्यार में तेरा वो लड़ना झगड़ना।। इक इक बात आज फिर जैसे आँखों मे दिख गयी, तेरे दिल मे भी है वही कसक आज मुझे भी दिख गयी। दिलों में थी आस जब दोंनो के एक जैसी बताओ, यार फिर क्यों राहें अलग अलग तेरी मेरी हो गयी। चलो छोड़ो अब वक्त गुजर चुका है, मैं किसी और और तू किसी और का हो चुका है। फिर भी सच कहो कि कहीं कोई बात अधूरी सी है क्या, तेरे दिल मे मेरी वही जगह आज भी है क्या...? पर यार एक बात तू मुझे और फिर बता जाना, वक्त से पहले ही क्...