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एहसास कुछ नहीं, अब तो बस दिखावा है

आज थोड़ी फुसरत में था, फिर वही ख्याल आ गया, प्यार, प्रेम, रिस्ते सब मिट गए, बस दिखावा भर रह गया। कर के दिखावा आस्था का, रील मन्दिरों में बना रहे। जय श्री राम नारा भी बस, इंस्टाग्राम के लिये लगा रहे।। हम ही हैं सच्चे भक्त, यूट्यूब पर दिखाने लगे हैं, कोई करवा दे भागवत तो, दिखावा उसे बताने लगे हैं। छोड़ अपने कुल-ग्रामदेवता, मजारों में माथा टेकने लगे हैं, जो खुद भटक रहा मर के भी, उससे मुक्ति की आस लगा रहे।। समय बदला है जरूरी भी था, लेकिन देवस्वरूप नहीं बदला, मानव शरीर विज्ञान बना रहा, प्राण फिर भी नहीं डाल पा रहा। जब जब मानव भ्रमित हुआ, घमंड में चकनाचूर हुआ, प्रकृति ने हर बार ही, औकात में फिर ला पटक दिया..।। शादी ब्याह हो या हो फिर किसी की तेरवीं बरसी, ब्लॉग तक अब बस सब सीमित रह गया। बाप भी मरे तो बेटा इंस्टाग्राम पर miss u papa लिख रहा.. अब पूछो इस नालायक को, क्या पापा अब भी इंस्टाग्राम चला रहा।। ताजा ही एक बात दिखी, चेहरे पर मुस्कान खिली, मरीज देखने आयी महिला, रील बनाकर चली गयी। पूछा जो घरवालों ने, हाल कैसा है उस मरीज का, इंस्टाग्राम की रील महिला ने, झटपट सबको फॉरवर्ड करी। चेहरे की मुस्कान...

कल्पनाओं का संसार-2

अब न दर्द होता है और न कोई घाव रिसता है, क्योंकि अब तेरे हर वार पर तेरा दोगलापन दिखता है। ऐतवार था जब तब था, अब तो इंतहा बस बाकी है, तेरी नजर ही ठीक थी तू सही और मैं हर बार गलत था... मेरी कलम आज थोड़ी नासाज है, इसलिए तो लिखती नहीं राज है. मेरे कल में न भले न था कोई.. लेकिन तुमसे तो मेरे आज है लिखने भर की बात नहीं है, दिल मे देशप्रेम भी होना जरूरी है.. वर्षों के संघर्ष से मिली है आजादी.. तभी जाकर जिंदगी हुयी है पूरी... pari मुस्कुराते होंठ और होठों पर लाली.. आपके मुस्कराने पर आ जाती है दिवाली.. आप हो पास तो सब पास हो जैसे.. बिन आपके जैसे जहां हो खाली खाली✍🏻 ख्वाइशें थी अनेक मन में रखी थी हर एक, पूरी नहीं होगी माना फिर भी दिल के पास है एक एक..✍️ एक भ्रम था वो भी टूट गया, वक्त बेवक्त साथ निभाने वाला छूट गया। कर सकते थे शिकायत जिससे सारी.. वो यार न जाने क्यों अब रूठ गया..Pari देख जगत की बाते न्यारि, आज फिर कलम है उठायी, लिखने को मजबूर हुआ फिर, जब दुनिया ने नियत है दिखायी। मतलव के इस बाजार में, नहीं ईमान का कोई मोल जीना है अगर संसार में, तो pari सीख ले कोई झोल।। मंदिर मन्दिर ढूंढ़ रहे हो, मि...