इंतज़ार आज भी
चलो एक दौर नया लिखते हैं, चलो एक पहल नयीं करते हैं.. तुम कर आओ भ्रमण जहां का, हम इंतज़ार फिर वहीं करते हैं.. उम्र का कोई भी भले पड़ाव हो, दिल से हमेशा जवान बने रहना.. समय भले हो कैसा भी चाहे... आदत तुम्हारी हो मुस्कुराते रहना✍🏻 यादों को सिरहाने पर रखकर सोना, फिर नींद में जाने की जरूरत नहीं होगी, बेशक गुजर जायेगी रात खुली पलकों से, लेकिन ये रात बेशुद होने से बेहतरीन होगी..! होंठ सिले थे लेकिन निगाहें बयाँ कर गयी, तुम भले चले गए लेकिन यादें रह गयी। मुझे यकीं था कि तुम आज नहीं तो कल बोलोगे, एक न एक दिन इन सिले होठों को खोलोगे.. मुझे मेरी किस्मत पर पूरा भरोसा है, इसने मुझे मेरी चाह का न कभी परोसा है... बड़ी मुश्किल से है मेरी मुलाकात अपनो से, इसने मुझे अक्सर मुझसे भी कोसों दूर रखा है मन के एहसासों को कविता में पिरो रखा है, जज्बातों को शब्दों का स्वरूप दे रखा है। माना कि कोशिश है तुम्हारी दर्द को बयां करने की। लेकिन बेहद खूबसूरती से जीवन को लिखा है... किया है बस एक जुर्म मैंने भी जानकर, कि कर बैठा मोहब्बत तुझसे बिना सोचकर। अब हो गयी गलती लेकिन सजा इतनी बड़ी क्यों? होकर बेकसूर हर बार फिर भ...