ख्याल ख्याल 5

हमने मिलकर किये थे कुछ फैसले अगर ज़िन्दगी में,
तो फिर अंजाम का हकदार सिर्फ मैं क्यों बताओ??

राजी थी तुम और राजी था मै जब तब भी,
फिर क्यों जुदाई का आलम मिला हम दोनों को।

दूर हूं तुमसे माना मै, "खुद" मेरे को भी लगती है,
दिल में मोहब्बत है तेरे लिए, ये "जीकुडी" तेरे लिए  ही धड़कती है।

यूहीं नहीं चल दिये थे संग तेरे एक होकर हम यारा,
बेइंतहा मोहब्बत की थी जीने को संग तेरे हमने।

सारे सवाल पूछे थे तुमने और जवाब भी दिये थे मैंने,
फिर क्यों आज तुम बेकसूर और मै कसूरवार हो चला।

बहुत छोटी सी है ये ज़िन्दगी, क्या करना मुंह फुलाकर,
जियो ज़िन्दगी जी भर, हर पल मुस्कुराकर।

कुछ देर तुम भी चलकर देख लो संग मेरे,
बेशक छोड़ देना अगर पसंद न आये साथ तुम्हे मेरा।
दिल की बात दिल में रखना ठीक है, लेकिन हर बार नहीं,
बात हो जब सम्मान की, तो फिर म्यान में तलवार रखना ठीक नहीं।

कुछ सवाल है तो पूछ लो, जवाब भी मिल जाएंगे,
सिर्फ जहन में बात रखना ठीक नहीं यारो।
जीवन है कुछ लम्हों का सफर, सच है जानते है सब,
जिंदगी से मिलना है तो देवभूमि चले आ आइये।।

मासूमियत है चेहरे में और जीवन भी सादा ही जीते है,
खुश रहने की कोशिश है और सभी को खुश देखना चाहते हैं।

कुछ जोड़ दिए कुछ मोड़ दिए,
जीवन के पहलु थे, सबने
मन मुताबिक मोड़ दिये।।
Pari

© ® Pari....

Love is life......Love is god....Love is everything...

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