कुछ समझ या नासमझ

क्यूँ भला मजबूर होता हूँ मैं, क्यों भला परेशान होता हूँ मैं,
क्यूँ भला समझ कर भी आज, नासमझ सा दिखता हूँ मैं।
कुछ उलझने है संग आज भी, कुछ मुश्किल दिखती है आज भी,
फिर भी होना है वो जो होगा अगर, क्यों फिर कशक मन में आज भी।।
Pari

© ® Pari....


 Love is life......Love is god....Love is everything....

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