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बस यूहीं ख्याल आ गया....

 एक स्त्री अपने पति में क्या क्या खूबी ढूँढती है, ये तो सिर्फ शायद स्त्री बता सकती है.. लेकिन एक पुरुष स्त्री में अपने लिए क्या ढूंढता है.. वो है बस प्यार और इज्जत संग सिर्फ उसका साथ..!! जीवन का सबसे अनमोल पारितोषित होती है बेटियाँ, पिता के लिये मुस्कुराने के वजह होती हैं बेटियाँ। यूं तो अनेकों पुष्प है धरा को महकाने को जहाँ में, लेकिन एक पिता के घर को महकाती है सिर्फ बेटियाँ..! Pari✍️ हर समय पहल हमारी थी, शायद उसे लगा गलती भी हमारी थी। प्रेम के वश झुक जाना वो हमारा, उन्हें प्रेम भी हमारी मजबूरी ही लगी थी... pari✍️ गाँव शहरों में गुलदार, इसके लिये भी हम ही जिम्मेदार.. आग लगा रहे जंगलों में, उजाड़ रहे उनका घर। उनकी पीड़ा कौन सुनेगा, कौन करेगा न्याय निसाब, आग की पीड़ा सह नहीं पाते, आ जाते फिर वो लेने हिसाब.. हुस्न की बारिश में कुछ यूं भीगे हो, सैलाब आ जाये जहाँ में जैसे फिर से... मोम सी काया में आग सी तुम.. बेमौत मर जाये कोई बस तुम्हे देखने से.. थोड़ी सी भोली है थोड़ी सी गुस्सेबाज भी, पागल है थोड़ी सी, थोड़ी सी नासाज भी। फिर भी करीब है  दिल के हमारे बहुत वो.. थोड़ी सी शरारती थोड़ी सी प्य...

बस कुछ शब्द, दिल से

देख लिये सब खेल जगत के, चहुँ ओर है बस इक मायाजाल, स्थिर नहीं है कुछ भी जग में, फिर भी मोह देखो कितना कमाल। रहना नहीं है सदा जहाँ में है सब मालूम, फिर भी देखो फैला रखा है कितना जंजाल..!! Pari✍️ वो पल याद है वो लम्हा याद है, तुम थे साथ जब वो दिन याद है। थी वो मुलाकात हमारी शायद पहली, हुयी उस दिन हमारी वो सारी बात याद है..! Pari✍️ साल बदल गये, उम्र लड़कपन से ज़िम्मेदार हो गयी, एहसास था जो तब, वो आज भी बरकरार है। एक कसक होती है दिल मे कुछ अधूरेपन की, जो कमी तब थी शायद आज भी है....pari✍️ दर्द बहुत हैं दिल में, घाव भी मिले अनेक हैं। कुछ भर गए कुछ रिशते हैं, होता है दर्द फिर उन्हें देख, दिल के करीब भी हैं बहुत, कुछ अच्छे कुछ नेक हैं। रहें कुशल सब अपने पराये, मन से प्रार्थना बस यही एक है.. समय बदल गया है भले, हम आज भी वैसे ही नजर आयेंगे। उम्र बढ़ गयी कुछ, थोड़े और सुंदर दिखने लगे हैं.. लेकिन दिल भी वही है और एहसास भी वैसा ही आज भी Pari✍️3