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Showing posts from March, 2019

रंगु कु त्योहार होली

फूलूँ मा फुलार आयी, डाल्यु मा मौल्यार छायी, आओ सभी दगड्यो, देखा होरी कु त्यौहार आयी। मेलु फुली फ्यूंली खिली, डांडयू मा बुराँस हैंसु, आओ मिली सभी दगड्यो, खिलला होरी दगडी ऐंसु... बसंत बयार आयी, खिलीन फूल बनी बनी का, मुखड्यूं मा मौल्यार आयी, माया की जन ऋतु ऐगे प्रेम का रंगु मा भीजिनि क्वी त, कै खुणी रैबार ल्याई, नखरयाली व बांद भी आज, मेरा रंग मा रंगी ग्याई। दगड्यों की टोली चली,  होरी का गीतू बीच, ढोल दमाऊं का दगड देखा, पंडों की रंगत अइँच। कभी बीरुं की बीर गाथा, त कभी प्रेम का गीत सजला, खुदेलु प्राण कैकु, क्वी मेरा आणा कु बाटु देखला।। अपणा बिरणा सभी आज गला भिटेइ जाला, बैर भूलि आज होरी का रंगू मा रंगेला। शान्ति अर प्रेम कु पर्व आवा सभी होली खेला, मन प्रसन्न कैकी आज बस रंगू मा रंगे जावा। होरी का रंग आज रंगला, आपसी द्वेष आज मिटॉला, रंग बिरंगा सभी ह्वे जौला, प्रेम कु पाठ सभु थै पढोला। आवा हे दीदी आवा हे भूलौ, ढोल की ताल मा सभी नचला, झट बौड़ी आवा शहर छोड़ि, प्रेम का गीत संग होली खिलला। Pari ©   ® Pari.... Love is life......Love is god....Love is everythi...

ख्याल ख्याल में 11

मैंने तो ज़िन्दगी की किताब खोल दी है तेरे सामने, अब तुम ही ढूँढ़ो अपनी मोहब्बत वाला पन्ना अब। आसान सी जान पडती है मेरी भी ज़िन्दगी दूर से, राह के काँटो को देखना मुमकीन नही सभी के लिए। मुस्कुराते चेहरे के लिए पीछे दर्द भी हो सकता है यारा, ये पहेली को बुझाये ऐसा कोई दिलदार न मिला प्यारा।। अक्सर निकला मैं भी तेरी चाह में खुद को छोड़ पीछे, मानी थी तेरी हर बात और चला तेरे संग यूँ ही आंख मीचे। सिलसिला आज भी अधूरा सा लगता है अपनी मोहब्बत का, आज भी जैसे वहीं हूँ मैं, जहाँ से शुरू हुयी थी कहानी हमारी। जोर जोर से शोर मचाये दिल मे छुपा हो जिसके चोर, शांत भाव से सत्य है चलता समय समय पर होती भोर। जरूरी तो नहीं कि हर बात सिर्फ शब्दो से कह दी जाये, चेहरे के भाव और आँखे भी कह जाती है बहुत कुछ अक्सर। रुक रुककर करवट बदल रहा है मौसम रोज, न जाने कौन वफा और कौन बेवफा हुये जा रहा है। आँख खुलते ही तेरा दिदार हो मेरा दिल चाहता है, तेरी मोहब्बत पर बस मेरा हक मेरा दिल चाहता है। चलो फिर चलते हैं साथ साथ कुछ पल जीवन राहों में, फैसला फिर बदलते है खुश रहने की चाहत का। सब्र से बढ़कर कोई तप ...