तेरी बात निराली

कन सुपन्या हूंदा कन आन्दू कैकु ख्याल,
ज्यू तरसदु कैका बिगर कन आन्दू कै देखी मौल्यार।
हूंदी होली आस कैकी, फिकर करदु रैन्दु क्वी औरि,
सेली पोडदी जिकुड़ा मा देखकी मुखड़ी तेरी।।

सुपन्या भी तेरा अर अब आस भी तेरी,
प्रेम का ये संसार मा गैल्या याद भी तेरी।
ऑंखयु की तीस अर जिकुड़ा म कीस सी,
माया तेरी बांद जन कंडली कु झीस सी।।
हाथ लगान्दु त चस चुभी जान्द,
दूर भी त्वे बिगर हे लठ्याली नि रयान्द।

कांडो का बीच मा हिंसरै की गुंदकी छै,
तांबा की गागर मा जन पन्देरा कु पाणी छै।
बैसाख मैना जन काफल की डाली सी,
तिबरी मा बैठी मेरी आस उज्याली सी

हे बांद मेरी तू मन की छै प्यारी,
याद औन्दन तेरी छुवीं वो न्यारी।
तू ही मेरी अखोडकी डाली छै,
प्रेम उलास मेरी फूलूँ की क्यारी छै।।
Pari

© ® Pari....


Love is life.....Love is god....Love is everything..


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