मेरी वाईस मेरी चॉइस
सिर्फ चुनाव की बात नहीं, बात करो अधिकारों की, वादों से कुछ नहीं होगा, ताकत दिखाओ तुम इरादों की। मैं मैं करती बकरी मर गयी, नहीं कोई आवाज है सुनता, नेक इरादे और दृढ़ संकल्प, सिर्फ व्यकितत्व में है दिखता।। जीत की ख्वाइश लेकर तो, सब किस्मत आजमाते हैं, विकास की लेकिन ख्वाइश भुलो, कुछ ही बस रख पातें हैं। बरसाती मेढक बनकर जो, सिर्फ चुनावों में ही दिखतें हैं, सोचो जरा तुम एक बार, क्या वो फिक्र तुम्हारी करते हैं।। बात नही ये चॉइस की है, बात है दिदो आजमाइश की, कुछ पल का ये खेल नहीं, कोशिश है ये सालों की। तेरा मेरा नहीं है इसमें, बात होनी है फिर हम सब की, दारु मुर्गा बुगटया नहीं, होनी दौड़ है फिर सबके विकास की।। कच्ची पक्की सब देख ली, देख ली देशी विदेशी सब, जो बात करेगा मेरे हक की भुला, वोट मिलेगा उसको अब। रातों के अंधेरे में आते है जो, उनके लिए एक बात है मेरी, उजालों में अब बात करो, नहीं तो पड़ेगी लठ बिना होकर देरी।। Pari