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Showing posts from September, 2019

मेरी वाईस मेरी चॉइस

सिर्फ चुनाव की बात नहीं, बात करो अधिकारों की, वादों से कुछ नहीं होगा, ताकत दिखाओ तुम इरादों की। मैं मैं करती बकरी मर गयी, नहीं कोई आवाज है सुनता, नेक इरादे और दृढ़ संकल्प, सिर्फ व्यकितत्व में है दिखता।। जीत की ख्वाइश लेकर तो, सब किस्मत आजमाते हैं, विकास की लेकिन ख्वाइश भुलो, कुछ ही बस रख पातें हैं। बरसाती मेढक बनकर जो, सिर्फ चुनावों में ही दिखतें हैं, सोचो जरा तुम एक बार, क्या वो फिक्र तुम्हारी करते हैं।। बात नही ये चॉइस की है, बात है दिदो आजमाइश की, कुछ पल का ये खेल नहीं, कोशिश है ये सालों की। तेरा मेरा नहीं है इसमें, बात होनी है फिर हम सब की, दारु मुर्गा बुगटया नहीं, होनी दौड़ है फिर सबके विकास की।। कच्ची पक्की सब देख ली, देख ली देशी विदेशी सब, जो बात करेगा मेरे हक की भुला, वोट मिलेगा उसको अब। रातों के अंधेरे में आते है जो, उनके लिए एक बात है मेरी, उजालों में अब बात करो, नहीं तो पड़ेगी लठ बिना होकर देरी।। Pari

मेरा नेता मेरा ग्राम निवासी

थोड़ा सा हम जागे हैं, थोड़ी सी और जरूरत है, क्यूँ हम दें साथ तुम्हारा, पूछने की अब जरूरत है। सालों से बस चुपकर थे, आवाज बुलन्द अब करो जरा, वोट तुम्हारा मांगे जो भी, लक्ष्य उसका पहले पूछो तुम।। पैसा रुतबा मत देखना तुम, रौब से भी मत डरना तुम, सोच भविष्य की रखना और, चेहरे बच्चो के देखना तुम। दूरदर्शिता है किसमें भरी, जन कल्याण की है भावना, मतदान केन्द्र जाने से पहले, खुद से ये सवाल तुम करना।। पहुँच में हो हर जरूरत में, बेझिझक तुम उससे बात कर सको, जात पात से उठकर भी, न्याय निहित तुम उससे ले सको। सुख दुःख में जो साथ रहेगा, निवास गाँव जिसका बना रहेगा, निश्चित ही है मित्रो मेरे, ग्राम विकास सिर्फ वही कर सकेगा।। मेरी है एक व्यक्तिगत राय, जिससे मिले हम सबको न्याय, मेरा नेतृत्व वही कर सकेगा, हरपल जो मेरे साथ खड़ा रहेगा। ऐसा होना तभी है संभव, जब मेरा नेता मेरे गांव में रहेगा, मेरे हित में अपना हित खोज, ग्राम विकास वो कार्य करेगा।। Pari ©   ® Pari.... Love is life......Love is god....Love is everything

एक चुनाव विकास का

नवयुग का निर्माण करेंगे, नयी सोच को देना मौका होगा, तोड़ परम्परा यारी दोस्ती, विकास का अब विचार होगा। बहकावे बहुत हो चले, अब मुद्दों पर जो बात करेगा। हो चलना संग तुम उसके, जो समाज विकास की बात करेगा। छोटी छोटी जरूरतें है अपनी, लेकिन बहुत जरूरी हैं सालों से है नेता चुन रहे, क्यों फिर भी सब अधूरी हैँ। सिर्फ हाँ में हाँ मिलना काफी नही, अब आवाज उठानी होगी, चुनाव उसी का करना तुम अब, जिसकी सोच सच्ची होगी। वादों का वक्त चला गया, अब ज़मीन से जुड़ाव देखेंगे बड़ी बड़ी बातों से नहीं, हकीकत का सामना करेंगे, योग्यता का आधार देखेंगे, व्यक्ति की क्षमता देखेंगें, परदेशी है? या पडोसी, गाँव मे उसका घर देखेंगे। दारू मुर्गा नही चाहिए, ना ही खायेंगे बुगट्या हम न कोई अब प्रलोभन चाहिए, नोट पर बिकेंगे न अब हम। सही दिशा और सही राह पर, बच्चों का हम भविष्य चुनेंगे, आओ मिलकर प्रण करो, अब निष्पक्ष और सही चुनाव करेंगे।। Pari ©   ® Pari.... Love is life......Love is god....Love is everything