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Showing posts from January, 2019

ख्याल ख्याल में 9

बहुत जालिम है जनाब इन सर्द रातों की खुमारी, तू भी राजी मैं भी राजी और न चाहकर भी ये दूरी। हर साल ही दिन महीने निकल जाया करते हैं, एक तेरे आने की आस है ठहरी हुयी बस...। क्यों बरस जाते हो अक्सर बादलों की तरह तुम, अभी मोहब्बत का बुखार उतरा भी नही और तुमने फिर भिगो दिया। नजरें जो मिली तुमसे आज, फिर से वही किस्सा याद आ गया। वो तेरा देखकर नजरें झुकाना, और मुझे इसी लम्हे का इंतजार।। तनहा तनहा हो चली है जिंदगी बिन तेरे, आ भी जाओ कुछ पल निकाल मेरे पास अब तुम। सारी कोशिश बेकार सी होती जा रही है, मौसम और साल बदला लेकिन तुम्हारा मिजाज आज भी वही। सारी रस्में और सारी कसमें सब मेरे लिये, तुम छोड़कर जाओ बेवजह और फिर कसूर भी मेरे लिये। यूँ तो ख्वाब मैं भी देखता हूँ तेरे होने और तुझे पलकों में बिठाने के, फिर समझाता हूँ खुद कि क्या कभी चाँद चकोर का हुआ है.?? रोते हुओं को हसाया है, गैरो को भी अपना बनाया, मेरी क्या मजाल भुला दूँ, मैने तो तुम्हें पलकों पर है सजाया। यूँ जो तुम आती हो पास मुस्कुरा कर, तेरी यही वो अदा है जिसपर सारा जहाँ कुर्वान है। होंठो की लाली और कानों में बाली,...

मेरी खुद मेरु प्राण

लौकणी कुयेड़ि होली मेरा घौर गौं मा, ठण्डी हवा पाणी बगणु होलु नॉला पंदेरों मा। बांद व नखरयाली देखणी होली सुपन्या मेरा, ऑंखयु मा जग्वाल वीन्का प्रीत दगड जिकुड़ा मा।। बिन्सर की बेला होली, रमदी गौड़ी छानी मा, दादी बैठि चुल्ला खांदा, दादा कु हुक्का थुमणि मा। मांजी ग्युलु करदी छानी, बैठ्या होला बाबाजी दिवली मा, दीदी जाणी होली इसकुल, भुला लुक्युं खतणी मा।। गैल्या मेरा सभी घौर, क्वी बकरा क्वी जयूँ होलु गोरु मा, पधनी बौ कु ककडाट अर, दगड डॉर भैजीकी ऑंखयु मा। बोडा सगडो पाणी चरणु, बोडी जयीं होली बणु मा, आओ घंटी बजदी जनि, दौड़दा इसकुल्या इस्कूलूँ मा।। मेरी भी याद बसीं छन, वखि आज भी बाटा अर घाटों मा, माल्टा, मसूर, प्याज, ककड़ी, स्यो अर अखोडूं की चोरी मा। गिल्ली डंडा, गुच्छी, खो खो, अर मारामपिट्टी की चोट मा, किताब कॉपी, स्कूलै घंटी ,गुरुजी की डैर अर कंडाली का टैर मा, बस्यूं च प्राण मेरु अभी भी वख, चौका पंदेरा खेत अर खल्याणु मा, वो स्वाणु दगडू भलु गैल्यों कुं, अर मायदारु की माया मा। Pari ©   ® Pari.... Love is life......Love is god....Love is everything

मेरी कोशिश मेरा प्रयास

कहने को कोई शब्द नही है, तुम तारीफ ऐसी कर जाते हो, समय थोड़ा ही हुआ हमें मिले, फिर भी हक कुछ अधिक दे जाते हो। यूँ तो मुश्किल कहना होता है, तुम जाने कब से पहचाने लगते हो, मोड़ अनेकों आये और चले गये, तुम कोई हिस्सा दिल का ठहरा दिखते हो।। जीवन की है डोर ये कच्ची, तुम धागा कोई पक्का इसका लगते हो, संग है हमारे साथ तुम्हारा, कोई ख्वाब सुहाना दिखते हो। मिलजुल कर ही मंजिल मिलती है, संग साथ चलोगे कहते हो, ऐसा हो अगर कोई दोस्त साथ, फिर सफल जीवन तुम कह सकते हो।। दिल मे रखें हैं अरमान अनेकों, कितने होंगे पूरे कह नहीं सकते, कोशिश रहती है रोज ही फिर, न कोई ख्वाब किसी का टूटे मुझसे। खुद को दे दूं चोट भले ही, कोई अपना-पराया यार रूठे ना, दिल मे रह जाऊँ आपके हमेशा, मन मे सदा बस एक है आशा। Pari ©   ® Pari.... Love is life......Love is god....Love is everything

ख्याल ख्याल में 8

चली है फिर बयार आज वही पहले वाली खुश्बू संग, क्या कोई सूखा पेड़ फिर हरा हुआ होगा क्या... सतह पर पहुँच कर तो देखो, फिर गहराई का एहसास होगा, यूँ किनारे बैठ सागर की गहराई नहीं नापी जाती। जी आया हूँ कुछ पल ज़िंदगी के अपनी मन मुराद से, न जाने फिर वो लम्हे फिर मिले न मिले। थोड़ा सा धुँआ जो फैला चारो तरफ गलतफहमी का, हर रिश्ता न जाने क्यों धुंधला सा हो गया। कुछ यादें है अतीत की बसी, कुछ कहना चाहते है ये बंजर मकान भी, कुछ याद न आये तस्वीर से , तो देख आना अपना गांव घर एक बार फिर..। न कर कोई फैसला जल्दबाजी में, थोड़ा सब्र कर फैसला करने से पहले, मायने हर भाव में होते हैं गौर करना, ग्लास खाली है या भरा सिर्फ नजरिया भर है.. कुछ लब्ज जो कह दिए मैंने सच्चाई संग तेरे लिये, आज अनजाने हो चले जो अजीज़ थे तुम्हें कल हम...? निकल जाओ छोड़ सपनो को चादर में ही अब, हल्की हल्की भोर आ चली है दीदार को तुम्हारे....! यूँ तो ये मंजर है जवानी का, हर तरफ सिर्फ मोहब्बत ही नजर आती है, कैसे कह दूं कि तुम ठीक हो, बेशर्मी का आलम भी तो देखो अपना। सही है आज तुमने सब साफ तो कर दिया, अब कोई तकलीफ नहीं होग...