विजय दिवस 26 जुलाई
कुछ सोच अलग सी होगी तुममें, कुछ मंसा मन मे घर की होगी,
भूल सारी सुधबुद अपनी तुमने, जान यूहीं तो नही गवाही होगी।
कैसा जूनून वो रहा होगा दिल मे, कैसे इरादे वो तुम्हारे होंगें,
आयी जब वो घड़ी त्याग की, तुमने कदम आगे बढ़ाये होंगे।।
नही फिक्र थी तुमको अपनी, नही जहन में कोई डर बाकी था,
सामने दुश्मन देख मातृभूमि के, बस माटी का एक ख्याल बाकी था।
न परवाह तुमको सर्द हवा की, न देखी तुमने तपती धूप कहीं,
मिट गये तुम मातृभूमि पर तुमने कोई तब न आह भरी।।
कोई अकेला था घर मे, कोई ठीक से अपनी उम्र जिया भी नही,
कोई था नव पुष्प संजो रहा, कोई कर रहा कामना होली दीवाली की।
फिर आया ऐसा झोंका शहादत का, सबने खेली फिर खून की होली,
मातृभूमि पर आंच न आये आगे आये सब लगाने जान की बोली।
चारो ओर से हो चाहे शत्रु अनेक, चाहे कर लो कोई षडयंत्र एक,
सबका जवाब है तुम्हारे तरकश में, चाहे ले आओ बाण अनेक।
सीना हरदम तना रहेगा इस मातृभूमि की रक्षा में,
सांसो संग शीश भी दे देंगे हम काल को अपनी भिक्षा में।
तुम्हे नमन है सदा हमारा, हरदम झुकते तुमपर शीश अनेक,
मातृभूमि के बीर सपूतों मिले सदा हमें तुम्हारा आशीष।
रहो अमर तुम सदा जहाँ में, तुम हरपल ही पूजे जाओगे,
मातृभूमि पर मिटने वालो, तुम बीर जवान कहलाओगे।।
जय हिंद जय जवान जय भारत
Pari
Love is life......Love is god....Love is everything....
भूल सारी सुधबुद अपनी तुमने, जान यूहीं तो नही गवाही होगी।
कैसा जूनून वो रहा होगा दिल मे, कैसे इरादे वो तुम्हारे होंगें,
आयी जब वो घड़ी त्याग की, तुमने कदम आगे बढ़ाये होंगे।।
नही फिक्र थी तुमको अपनी, नही जहन में कोई डर बाकी था,
सामने दुश्मन देख मातृभूमि के, बस माटी का एक ख्याल बाकी था।
न परवाह तुमको सर्द हवा की, न देखी तुमने तपती धूप कहीं,
मिट गये तुम मातृभूमि पर तुमने कोई तब न आह भरी।।
कोई अकेला था घर मे, कोई ठीक से अपनी उम्र जिया भी नही,
कोई था नव पुष्प संजो रहा, कोई कर रहा कामना होली दीवाली की।
फिर आया ऐसा झोंका शहादत का, सबने खेली फिर खून की होली,
मातृभूमि पर आंच न आये आगे आये सब लगाने जान की बोली।
चारो ओर से हो चाहे शत्रु अनेक, चाहे कर लो कोई षडयंत्र एक,
सबका जवाब है तुम्हारे तरकश में, चाहे ले आओ बाण अनेक।
सीना हरदम तना रहेगा इस मातृभूमि की रक्षा में,
सांसो संग शीश भी दे देंगे हम काल को अपनी भिक्षा में।
तुम्हे नमन है सदा हमारा, हरदम झुकते तुमपर शीश अनेक,
मातृभूमि के बीर सपूतों मिले सदा हमें तुम्हारा आशीष।
रहो अमर तुम सदा जहाँ में, तुम हरपल ही पूजे जाओगे,
मातृभूमि पर मिटने वालो, तुम बीर जवान कहलाओगे।।
जय हिंद जय जवान जय भारत
Pari
© ® Pari....
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