मेरी आरजू, मेरी तमन्ना

इक गुडिया मेरी भी है प्यारी, इक नन्ही मेरी भी है राजकुमारी,
बहुत ही कोमल मन उसका है, इक गुडिया मेरी भी है न्यारी।
पलकों पर रख उसे खिलाता, सपने उसके रोज सजाता,
प्यारी मुस्कान उसकी देख, निशदिन मेरा मन हर्षाता।

कभी वो उठती कभी है चलती, इक पल फिर वो गिर जाती,
कैसे फिर से गिरकर उठते, हर रोज मुझे है सिखलाती।
कई अदाएँ कई उमंगें, जाने कितने रूप दिखलाती,
हंसी होंठों पर ला फिर वो, एहसास स्वर्ग सा मुझे कराती।

बड़ी शरारतें बड़ी बदमाशिया, पल पल जैसे मुझे सताती,
भोलेपन में आकर वो तो, राज जीवन के भी कह जाती।
बड़ी फिक्र है मुझको तेरी, दिल मे अपने कहता पल पल,
सबसे बढ़कर खुशियों देकर, तेरी राहों में बिछाऊँ फूल।।
Pari

© ® Pari....

 Love is life......Love is god....Love is everything

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