मेरी खवाइश, तेरी खुशी
गुमसुम सा रहने लगा हूँ, शायद कहीं खोने लगा हूँ, जिस्म से तेरे पास हूँ, शायद दिल से दूर होने लगा हूँ। मेरी हर कोशिश नाकाम रही, तेरे सबसे करीब आने की, तेरी नजरों से मैं अब शायद, बेगाना होने लगा हूँ।। तू हरदम ही मेरे लिये खास है, तुझे इसका न एहसास है, मैं हो जाऊं कितना भी दूर, तू मेरे दिल के हमेशा पास है। मैं हूँ बेचैन बिन तेरे शोना, रहता हूँ तेरे लिए बेकरार, मैं तेरे लिये कुछ नहीं लेकिन, तू मेरे जीने का है आसार।।। मैं खुद को ही कोश लूँगा, लेकिन तुझे दर्द नहीं दूँगा, पतझङ में भी झूठी ही सही, अपने लिये बहार ढूंढ लूँगा। तुझे अब न कोई मलाल होगा, तेरा पग पग जैसे बहार होगा, तुझे मिलती रहे मुस्कुराहटें, चाहे मेरा कांटों का बसेरा होगा।। हे ईश्वर तू करना कुछ ऐसा, कि उसको सब खुशी मिल जाये, करे जो वो ख्वाइश कभी, पलक झपकते ही पूरी हो जाये। वो रहे फूलों में खेलती हरपल, न कोई गम से उसका वास्ता हो, मेरी है खवाइश एक ही, जन्मभर उसी संग मेरा हर रिश्ता हो।। ©®pari