जीवन का आधार, महिलाओ को मिले अधिकार

नारी का जीवन है जीना, जैसे स्वयं हलाहल हो पीना,
अनेकों कष्ट भले हो लेकिन, कोशिश कर मुस्कुराते रहना,
नहीं किसी से कोई अपेक्षा, मौन रहकर ही कर्म है करती,
मन की मंशा मन मे रखती, प्रेम ही प्रेम जीवन मे है भरती।

राह कठिन है चलना मुश्किल, लेकिन तुम चलती इसपर निशदिन,
घर हो या फिर दुनियादारी, सबका रखती ध्यान है प्रतिपल,
बेटी, बहन, पत्नी, बहु और फिर माँ का तुम रूप हो रखती,
रखना ख्याल सबका प्राथमिकता, और संग अनेको कष्ट हो सहती।

चाहे हो कितनी बाधाएं, उनसे पार तुम हो पा जाती,
परचम विश्व पटल पर अपना, निशदिन ही तुम हो लहराती।
शिक्षा, खेलों का क्षेत्र हो या फिर देशप्रेम की हम बात करें,
चहुँ ओर है लहर तुम्हारी, चाहे कहीं भी हम नजर धरें।।

महिलाओं का योगदान, धरती पर है बहुत महान,
शब्दवाली में शब्द नहीं, जिनसे हो सके तो इनका बखान।
फिर कुछ शब्द हैं चुने, कोशिश करने की तुम्हारी प्रसंशा,
हर जगह महिलाओं का हो सम्मान, मन मेरी यही है मंशा।।

जीवन का है जो आधार, मिले सम्मान उसे हर बार,
प्राथमिकता हो हमारी भी, मिले महिलाओं को अधिकार।।
Pari

© ® Pari....

Love is life......Love is god....Love is everything

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