स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
खुली हवा हो जहाँ, बंदिशों की घुटन न महसूस हो,
ज़िम्मेदारी को समझ जहाँ, राष्ट्र हित ही सर्वोपरि हो।
जात, धर्म, समुदाय, स्त्री-पुरुष से बढ़कर जहाँ इंसानियत हो,
भूखा जागे जहाँ कोई भी मगर, नींद से पहले खाली पेट न हो।।
मेरा तेरा से बढ़कर जहाँ, हमारा पर सबका विश्वास हो,
न द्वेष हो, न ईर्ष्या का भाव हो, न अहंकार का वास हो।
प्राणियों में ईश्वर न सही, लेकिन इंसानियत अवश्य हो,
वसुधैव कुटुम्बकम और अतिथिदेवो भव का प्रयास हो।।
मेरा ऐसा स्वतंत्रता के प्रति अभिप्राय हो....जय हिन्द
Pradeep Kumar
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