हम सब के आदर्श, जय श्री राम
राम नाम का नारा गाकर, राममयी हो जाना है,
भव्य मन्दिर बना जहाँ में, एक संदेश पहुचाना है
एक कदम आज बढ़ा दिया, पूजन भूमि कराया है,
श्रद्धा पुष्प चढ़ाकर हमने, राममयी हो जाना है।।
मन प्रफुल्लित हो चला आज, सालों का था इंतज़ार,
अनेक रूकावटें आयी माना, लेकिन सपना हुआ साकार।
आँखों मे तस्वीर दिख रही, तन मन मे बज रही राम धुन,
जयकारा लग रहा चहुँ ओर, जय राम श्री राम जय जय राम।।
अनेक कोशिशें कर गये दानव, अस्तित्व राम का मिटाने को,
मिट्टी में मिल गये स्वयं वो, आये थे हमें सबक सिखाने को।
सेक्युलर का स्वांग रचाकर, संस्कृति मिटाने चले थे हमारी,
हर बार मुहँ की खाने को मिली, इस राक्षसों को बारी बारी।।
ताड़का हो गया खर-दूषण, आयें चाहे सूर्पणखा,
यमपुरी को भेजे रामजी ने, मेघनाद से रावण तक।
कलयुग के कुछ राक्षसों की, बारी अब शायद आयी है,
इसीलिये तो शायद इन दुष्टों ने, टाँग अपनी ऐसे अड़ायी है।
अनेकों सकुनी आ जायें अब, भले हो जाये लाख षड्यन्त्र,
रामजन्मभूमि पर बनाने मन्दिर, हर भक्त हो चल अब स्वतंत्र।
राम नाम के जयघोष लगेंगे, गूजेंगे नारे अब चहुँ ओर,
राम नाम से ही होगी अब तो, हर देशवासी की नव भोर।।
मानवता का पाठ है राम, मर्यादा की मिसाल है राम,
बचनों के आगे सब छोटा, मातृ पिता की चाह है राम।
मित्रों की पहचान है राम, भक्तों की आस है राम,
जीवित है अगर कोई धरा पर, हर उसके आदर्श है राम।।
जय श्री राम।
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