खेल खरा है पैसे का, बाकी सब बकवास

सबको खुश रखकर आप खुद खुश नहीं रह सकते,
जैसे खाली गिलास से आप, किसी की प्यास नहीं बुझा सकते।
ये मृत्युलोक है यहां आप हर किसी को सही नहीं साबित कर सकते,
आप स्वयं खुश रहो, तभी सभी को खुश हो रख सकते ।।


पेट में रोटी और आंखों में नींद, तब आप ज्ञान दे सकते हो,
खाली पेट तो आप बस एक उसे भरने के जुगाड में रहते हो।
दुनिया के अनेक मसलों के सामने, आप इसे नजरंदाज कर सकते हो,
लेकिन यकीन मानिए आप इसे कभी भुला नही सकते हो।

यहां हर कोई किसी न किसी को समझा रहा, लेकिन ऐसा क्यूं है,
जबकि हर कोई तो खुद को, सबसे बड़ा समझदार भी बता  रहा है।
तुम नहीं जानते से लेकर, तुम्हे मैं बताता हूं कि बात चल रही है,
लेकिन असल में यहां सबकी, किसी न किसी तरह बैंड बज रही है।।

अब कहे pari सबको, दिल खोलकर मन की बात,
पैसे का है ये ज़माना, कमाते रहो हर कोई इसे दिन रात।
बिन इसके तुम्हारी इस जहां में, नहीं होगी कहीं कोई पूछताछ,
मक्खन की तो बात छोड़ दो, कोई न देगा पीने खाली छाछ।।
Pari ✍️


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