संदेश

रंगु कु त्योहार होली

फूलूँ मा फुलार आयी, डाल्यु मा मौल्यार छायी, आओ सभी दगड्यो, देखा होरी कु त्यौहार आयी। मेलु फुली फ्यूंली खिली, डांडयू मा बुराँस हैंसु, आओ मिली सभी दगड्यो, खिलला होरी दगडी ऐंसु... बसंत बयार आयी, खिलीन फूल बनी बनी का, मुखड्यूं मा मौल्यार आयी, माया की जन ऋतु ऐगे प्रेम का रंगु मा भीजिनि क्वी त, कै खुणी रैबार ल्याई, नखरयाली व बांद भी आज, मेरा रंग मा रंगी ग्याई। दगड्यों की टोली चली,  होरी का गीतू बीच, ढोल दमाऊं का दगड देखा, पंडों की रंगत अइँच। कभी बीरुं की बीर गाथा, त कभी प्रेम का गीत सजला, खुदेलु प्राण कैकु, क्वी मेरा आणा कु बाटु देखला।। अपणा बिरणा सभी आज गला भिटेइ जाला, बैर भूलि आज होरी का रंगू मा रंगेला। शान्ति अर प्रेम कु पर्व आवा सभी होली खेला, मन प्रसन्न कैकी आज बस रंगू मा रंगे जावा। होरी का रंग आज रंगला, आपसी द्वेष आज मिटॉला, रंग बिरंगा सभी ह्वे जौला, प्रेम कु पाठ सभु थै पढोला। आवा हे दीदी आवा हे भूलौ, ढोल की ताल मा सभी नचला, झट बौड़ी आवा शहर छोड़ि, प्रेम का गीत संग होली खिलला। Pari ©   ® Pari.... Love is life......Love is god....Love is everythi...

ख्याल ख्याल में 11

मैंने तो ज़िन्दगी की किताब खोल दी है तेरे सामने, अब तुम ही ढूँढ़ो अपनी मोहब्बत वाला पन्ना अब। आसान सी जान पडती है मेरी भी ज़िन्दगी दूर से, राह के काँटो को देखना मुमकीन नही सभी के लिए। मुस्कुराते चेहरे के लिए पीछे दर्द भी हो सकता है यारा, ये पहेली को बुझाये ऐसा कोई दिलदार न मिला प्यारा।। अक्सर निकला मैं भी तेरी चाह में खुद को छोड़ पीछे, मानी थी तेरी हर बात और चला तेरे संग यूँ ही आंख मीचे। सिलसिला आज भी अधूरा सा लगता है अपनी मोहब्बत का, आज भी जैसे वहीं हूँ मैं, जहाँ से शुरू हुयी थी कहानी हमारी। जोर जोर से शोर मचाये दिल मे छुपा हो जिसके चोर, शांत भाव से सत्य है चलता समय समय पर होती भोर। जरूरी तो नहीं कि हर बात सिर्फ शब्दो से कह दी जाये, चेहरे के भाव और आँखे भी कह जाती है बहुत कुछ अक्सर। रुक रुककर करवट बदल रहा है मौसम रोज, न जाने कौन वफा और कौन बेवफा हुये जा रहा है। आँख खुलते ही तेरा दिदार हो मेरा दिल चाहता है, तेरी मोहब्बत पर बस मेरा हक मेरा दिल चाहता है। चलो फिर चलते हैं साथ साथ कुछ पल जीवन राहों में, फैसला फिर बदलते है खुश रहने की चाहत का। सब्र से बढ़कर कोई तप ...

आँखे नम तुम कर गये

आंखें नम है दिल है रो रहा, क्यों देश मेरा रोज एक बेटा खो रहा? समय आ गया निर्णय का, क्यों दुश्मन देश का अभी भी जी रहा? छोड़ दो मेरे बीर जवानो अब कुछ भी रहम दिखाना तुम, तोड़ सब्र का बांध दिखाओ औकात दुश्मन को उसकी तुम। पूरा देश खड़ा है साथ तुम्हारे, हर फैसला तुम्हारा मान्य होगा, बता देना अब पूरी दुनिया को, देश का दुश्मन अब सिर्फ कब्र में होगा। कोई निंदा कोई अफसोस अब हमको नहीं अब दिखाना है, शब्दों का अब वक़्त नहीं,  हथियारों की भाषा से समझाना है। माना गला रुंधा हुआ है, आँसू आँख से रुकते नही है, पल पल यादें कटोच रही है, सूरत आंखों में घूम रही। अंगारों को जलते रखना अंतिम अपनी सांसो तक, आराम नही करना कातिल एक भी जिंदा जो जब तक। Pari ©   ® Pari.... Love is life......Love is god....Love is everything

ख्याल ख्याल में 10

मैंने तो बस एक सीधा सा सवाल किया था, जवाब में वो बस रूठ कर चली गयी। मेरा तो मिजाज ही कुछ ऐसा है, जो कहता हूँ सीधे कह देता हूँ। मैं उनमें से नहीं हो सकता कभी भी, कि कुछ कह जाऊं और फिर मुकर जाऊं. न जाने कैसा गुरुर है उसे, अपनी उस पलभर की दौलत का, मैं देख उसे बस मुस्कुरा दिया, सोच हष्र दोनों मुफलिस और अमीरी का। मेरा तो दिल ही ऐसा है, बस रहना चाहूँ तेरी बाहों की कैद में, मैंने तो कबूल लिया गुनाह मोहब्बत का, अब बस तेरी सजा का इंतज़ार है। मैं तो हमेशा से ही खोया रहता हूं तेरे इश्क में यारा, कभी तेरी यादों के संग और कभी साथ तेरे। आशिकों का मिजाज हर उम्र में एक सा था, फिर समझ आया ये बुखार भी उम्र देखकर नहीं आता। न जाने कैसी रस्याण थी तेरी उन बातों में, सालों बाद भी अभी सैदी सी लगती हैं आज भी। माना कि तुझसे मोहब्बत है मुझे कुबूल, लेकिन तेरी तरह शर्तो की राहों पर चलकर नहीं। कैसे हो विकास देश का हाथों से जवानों के, जवानी तो कैद पड़ी है फेसबुक और व्हाट्सएप के तहखानों में। दिल को बुझाने के लिये अनेक ख्यालो को दिल मे पनाह दी, लेकिन जो सुकूँ दिलाये वो ख्याल आज भी तेरे आने...

ख्याल ख्याल में 9

बहुत जालिम है जनाब इन सर्द रातों की खुमारी, तू भी राजी मैं भी राजी और न चाहकर भी ये दूरी। हर साल ही दिन महीने निकल जाया करते हैं, एक तेरे आने की आस है ठहरी हुयी बस...। क्यों बरस जाते हो अक्सर बादलों की तरह तुम, अभी मोहब्बत का बुखार उतरा भी नही और तुमने फिर भिगो दिया। नजरें जो मिली तुमसे आज, फिर से वही किस्सा याद आ गया। वो तेरा देखकर नजरें झुकाना, और मुझे इसी लम्हे का इंतजार।। तनहा तनहा हो चली है जिंदगी बिन तेरे, आ भी जाओ कुछ पल निकाल मेरे पास अब तुम। सारी कोशिश बेकार सी होती जा रही है, मौसम और साल बदला लेकिन तुम्हारा मिजाज आज भी वही। सारी रस्में और सारी कसमें सब मेरे लिये, तुम छोड़कर जाओ बेवजह और फिर कसूर भी मेरे लिये। यूँ तो ख्वाब मैं भी देखता हूँ तेरे होने और तुझे पलकों में बिठाने के, फिर समझाता हूँ खुद कि क्या कभी चाँद चकोर का हुआ है.?? रोते हुओं को हसाया है, गैरो को भी अपना बनाया, मेरी क्या मजाल भुला दूँ, मैने तो तुम्हें पलकों पर है सजाया। यूँ जो तुम आती हो पास मुस्कुरा कर, तेरी यही वो अदा है जिसपर सारा जहाँ कुर्वान है। होंठो की लाली और कानों में बाली,...

मेरी खुद मेरु प्राण

लौकणी कुयेड़ि होली मेरा घौर गौं मा, ठण्डी हवा पाणी बगणु होलु नॉला पंदेरों मा। बांद व नखरयाली देखणी होली सुपन्या मेरा, ऑंखयु मा जग्वाल वीन्का प्रीत दगड जिकुड़ा मा।। बिन्सर की बेला होली, रमदी गौड़ी छानी मा, दादी बैठि चुल्ला खांदा, दादा कु हुक्का थुमणि मा। मांजी ग्युलु करदी छानी, बैठ्या होला बाबाजी दिवली मा, दीदी जाणी होली इसकुल, भुला लुक्युं खतणी मा।। गैल्या मेरा सभी घौर, क्वी बकरा क्वी जयूँ होलु गोरु मा, पधनी बौ कु ककडाट अर, दगड डॉर भैजीकी ऑंखयु मा। बोडा सगडो पाणी चरणु, बोडी जयीं होली बणु मा, आओ घंटी बजदी जनि, दौड़दा इसकुल्या इस्कूलूँ मा।। मेरी भी याद बसीं छन, वखि आज भी बाटा अर घाटों मा, माल्टा, मसूर, प्याज, ककड़ी, स्यो अर अखोडूं की चोरी मा। गिल्ली डंडा, गुच्छी, खो खो, अर मारामपिट्टी की चोट मा, किताब कॉपी, स्कूलै घंटी ,गुरुजी की डैर अर कंडाली का टैर मा, बस्यूं च प्राण मेरु अभी भी वख, चौका पंदेरा खेत अर खल्याणु मा, वो स्वाणु दगडू भलु गैल्यों कुं, अर मायदारु की माया मा। Pari ©   ® Pari.... Love is life......Love is god....Love is everything

मेरी कोशिश मेरा प्रयास

कहने को कोई शब्द नही है, तुम तारीफ ऐसी कर जाते हो, समय थोड़ा ही हुआ हमें मिले, फिर भी हक कुछ अधिक दे जाते हो। यूँ तो मुश्किल कहना होता है, तुम जाने कब से पहचाने लगते हो, मोड़ अनेकों आये और चले गये, तुम कोई हिस्सा दिल का ठहरा दिखते हो।। जीवन की है डोर ये कच्ची, तुम धागा कोई पक्का इसका लगते हो, संग है हमारे साथ तुम्हारा, कोई ख्वाब सुहाना दिखते हो। मिलजुल कर ही मंजिल मिलती है, संग साथ चलोगे कहते हो, ऐसा हो अगर कोई दोस्त साथ, फिर सफल जीवन तुम कह सकते हो।। दिल मे रखें हैं अरमान अनेकों, कितने होंगे पूरे कह नहीं सकते, कोशिश रहती है रोज ही फिर, न कोई ख्वाब किसी का टूटे मुझसे। खुद को दे दूं चोट भले ही, कोई अपना-पराया यार रूठे ना, दिल मे रह जाऊँ आपके हमेशा, मन मे सदा बस एक है आशा। Pari ©   ® Pari.... Love is life......Love is god....Love is everything