ख्याल ख्याल में 10

मैंने तो बस एक सीधा सा सवाल किया था,
जवाब में वो बस रूठ कर चली गयी।

मेरा तो मिजाज ही कुछ ऐसा है, जो कहता हूँ सीधे कह देता हूँ।
मैं उनमें से नहीं हो सकता कभी भी,
कि कुछ कह जाऊं और फिर मुकर जाऊं.

न जाने कैसा गुरुर है उसे, अपनी उस पलभर की दौलत का,
मैं देख उसे बस मुस्कुरा दिया, सोच हष्र दोनों मुफलिस और अमीरी का।

मेरा तो दिल ही ऐसा है, बस रहना चाहूँ तेरी बाहों की कैद में,
मैंने तो कबूल लिया गुनाह मोहब्बत का, अब बस तेरी सजा का इंतज़ार है।

मैं तो हमेशा से ही खोया रहता हूं तेरे इश्क में यारा,
कभी तेरी यादों के संग और कभी साथ तेरे।

आशिकों का मिजाज हर उम्र में एक सा था,
फिर समझ आया ये बुखार भी उम्र देखकर नहीं आता।

न जाने कैसी रस्याण थी तेरी उन बातों में,
सालों बाद भी अभी सैदी सी लगती हैं आज भी।

माना कि तुझसे मोहब्बत है मुझे कुबूल,
लेकिन तेरी तरह शर्तो की राहों पर चलकर नहीं।

कैसे हो विकास देश का हाथों से जवानों के,
जवानी तो कैद पड़ी है फेसबुक और व्हाट्सएप के तहखानों में।

दिल को बुझाने के लिये अनेक ख्यालो को दिल मे पनाह दी,
लेकिन जो सुकूँ दिलाये वो ख्याल आज भी तेरे आने की उम्मीद था।

हर उम्र में सुकूँ के कुछ पल पनाहों में मिलें,
यही सोचकर हम फिर से तेरी राहों में चले।
मुमकिन नहीं सब कुछ मिल ही जाये जहाँ में,
बस होंठों पर मुस्कान और ख्वाइशों को विराम मिले।

बहुत रोका मैंने भी कलम को, मना भी किया हकीकत से वाकिफ होने को।
ये भी निकली फिर इश्क़ की तरह, मेरी एक न चली इसके भी आगे।।

औकात मिट्टी की कभी भूल मत जाना शोहरत के घमंड में,
हिसाब अक्सर सबका होता है देर सवेर ईश्वर की ओर से।

मौसम फिर बदलने लगा है करवट छोर से,
अब तो हमें भी फरवरी आता दिख रहा शोर से।

मेरे लब्जों को अगर समझ जाओ तो अश्कों को संभालना,
शायरी सुन वाह वाह तो हर शख्स करता है वरना महफिल में।
Pari

© ® Pari....

Love is life......Love is god....Love is everything


Comments

Popular posts from this blog

कुछ कल्पनाओं के शहर

पहाड़ और पहाड़ी बचाओ

व्यथा आज पहाड़ की