आँखे नम तुम कर गये

आंखें नम है दिल है रो रहा, क्यों देश मेरा रोज एक बेटा खो रहा?
समय आ गया निर्णय का, क्यों दुश्मन देश का अभी भी जी रहा?

छोड़ दो मेरे बीर जवानो अब कुछ भी रहम दिखाना तुम,
तोड़ सब्र का बांध दिखाओ औकात दुश्मन को उसकी तुम।

पूरा देश खड़ा है साथ तुम्हारे, हर फैसला तुम्हारा मान्य होगा,
बता देना अब पूरी दुनिया को, देश का दुश्मन अब सिर्फ कब्र में होगा।

कोई निंदा कोई अफसोस अब हमको नहीं अब दिखाना है,
शब्दों का अब वक़्त नहीं,  हथियारों की भाषा से समझाना है।

माना गला रुंधा हुआ है, आँसू आँख से रुकते नही है,
पल पल यादें कटोच रही है, सूरत आंखों में घूम रही।
अंगारों को जलते रखना अंतिम अपनी सांसो तक,
आराम नही करना कातिल एक भी जिंदा जो जब तक।
Pari

© ® Pari....

Love is life......Love is god....Love is everything

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