ख्याल ख्याल में 9

बहुत जालिम है जनाब इन सर्द रातों की खुमारी,
तू भी राजी मैं भी राजी और न चाहकर भी ये दूरी।

हर साल ही दिन महीने निकल जाया करते हैं,
एक तेरे आने की आस है ठहरी हुयी बस...।

क्यों बरस जाते हो अक्सर बादलों की तरह तुम,
अभी मोहब्बत का बुखार उतरा भी नही और तुमने फिर भिगो दिया।

नजरें जो मिली तुमसे आज, फिर से वही किस्सा याद आ गया।
वो तेरा देखकर नजरें झुकाना, और मुझे इसी लम्हे का इंतजार।।

तनहा तनहा हो चली है जिंदगी बिन तेरे,
आ भी जाओ कुछ पल निकाल मेरे पास अब तुम।

सारी कोशिश बेकार सी होती जा रही है,
मौसम और साल बदला लेकिन तुम्हारा मिजाज आज भी वही।

सारी रस्में और सारी कसमें सब मेरे लिये,
तुम छोड़कर जाओ बेवजह और फिर कसूर भी मेरे लिये।

यूँ तो ख्वाब मैं भी देखता हूँ तेरे होने और तुझे पलकों में बिठाने के,
फिर समझाता हूँ खुद कि क्या कभी चाँद चकोर का हुआ है.??

रोते हुओं को हसाया है, गैरो को भी अपना बनाया,
मेरी क्या मजाल भुला दूँ, मैने तो तुम्हें पलकों पर है सजाया।

यूँ जो तुम आती हो पास मुस्कुरा कर,
तेरी यही वो अदा है जिसपर सारा जहाँ कुर्वान है।

होंठो की लाली और कानों में बाली,
रूप तेरा ऐसा देख, सीखा मैं शायरी।

तलाश जो खत्म हुयी तुम पर मेरी,
ये वहम भी दिल मे रखा है।
कुछ हसीन लम्हे तुमने सौंपे मुझे भी,
वही उम्रभर की सौगात बना रखा है।

अब तो खुश हो तुम बता दो, बदल दी है करवट मौसम ने ,
कुछ लिबास बदला है हमने, कुछ आदत तुम भी बदलो अब।
यूँ तो मैं कुछ कहता नहीं, आदत्तन सिर्फ मुस्कुरा भर जाता हूँ,
आज जो ठिठुर रही है जुबां, कोई वजह खास तो होगी ही।।

लौकणी कुएड़ि होली मेरा घौर गौं मा,
ठण्डी हवा पाणी बगणु होलु नॉला पंदेरों मा।
बांद व नखरयाली देखणी होली सुपन्या मेरा,
ऑंखयु मा जग्वाल वीन्का प्रीत होली जिकुड़ा मा।

गलोड़ी होली उस्यांई जैंकी, ऑंखयूँ मा प्यार होलु,
नाक लाल टमाटर सी, होंठों मा तकरार होलु।
भैर भैर कचमोडली गिचू बाँद, भितर भोरयूं दुलार होलु,
ऑंखि बिछायीं होली रस्ता मा, जिकुड़ा माया कु भंडार होलु।
Pari

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