मेरी कोशिश मेरा प्रयास

कहने को कोई शब्द नही है, तुम तारीफ ऐसी कर जाते हो,
समय थोड़ा ही हुआ हमें मिले, फिर भी हक कुछ अधिक दे जाते हो।
यूँ तो मुश्किल कहना होता है, तुम जाने कब से पहचाने लगते हो,
मोड़ अनेकों आये और चले गये, तुम कोई हिस्सा दिल का ठहरा दिखते हो।।

जीवन की है डोर ये कच्ची, तुम धागा कोई पक्का इसका लगते हो,
संग है हमारे साथ तुम्हारा, कोई ख्वाब सुहाना दिखते हो।
मिलजुल कर ही मंजिल मिलती है, संग साथ चलोगे कहते हो,
ऐसा हो अगर कोई दोस्त साथ, फिर सफल जीवन तुम कह सकते हो।।

दिल मे रखें हैं अरमान अनेकों, कितने होंगे पूरे कह नहीं सकते,
कोशिश रहती है रोज ही फिर, न कोई ख्वाब किसी का टूटे मुझसे।
खुद को दे दूं चोट भले ही, कोई अपना-पराया यार रूठे ना,
दिल मे रह जाऊँ आपके हमेशा, मन मे सदा बस एक है आशा।
Pari

© ® Pari....

Love is life......Love is god....Love is everything

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