दिल ही दिल से
जय बद्री विशाल, जय बाबा केदार
ख्याल ही तो आया था तेरा मुझे अभी,
तूने भी सुन ली क्या दिल की आवाज मेरी।।
Pari
ख्याल तुम्हारा दिल में है, मेरी हर धड़कन तुम ही हो,
जिस्म कहने को मेरा है, लेकिन इसकी जान तो तुम ही हो।
हूँ दूर तुमसे थोडा सा, मगर हर पल तुम मेरे करीब हो,
यूँ तो बहुत है दिल के पास, लेकिन बस तुम मेरी ज़िन्दगी हो।।
Pari...
मेरी बातें और मेरी शरारतें बहुत सुनी है,
अब मेरा चेहरा भी देखने की ज़िद है उसकी।
Pari
मुस्कान के सिलसिले यूँहीं चलते रहेंगे,
जब तक आप जैसे मुस्कुराते साथी साथ रहेंगे।
रहेगी ज़िन्दगी फूलों की तरह महकती हर पल,
दिल भी मुस्कुरायेगा फिर हसींन इन वादियों में।।
Pari...
सिलसिला ये हमेशा यूँहीं चलता रहे,
हम भी मुस्कुराएं और आप भी मुस्कराते रहो।
बना रहे खुशियों का ये शमा हमेशा सुहाना,
कुछ मुस्कान हम बांटे कुछ आप बांटते रहना।।
Pari
"दिल से"
मुखड़ि तेरी जन हो जून सी टुकड़ी,
बांद भली तू बसी छै मेरी जिकुड़ी।
तेरी खुद तेरु ख्याल अब रैन्द् मि बस तेरी जग्वाल,
ऐ जा बौड़ी मि मा झट, गौला जादी भीटे बोटी की अंग्वाल।।
Pari
"एक ख्वाब"
आँखे जैसे कोई हो शराब, होंठ जैसे खिलता कोई गुलाब,
गालों पे चमक सूरज सी, रूप सुहाना बेहिसाब।
Pari
फिर आज ख्याल आ ही गया इस त्योहार में भी दिल से,
मिठाई देने के बहाने कर आऊं दीदार आज तेरा फिर से।
Pari
Pari
©®
ख्याल ही तो आया था तेरा मुझे अभी,
तूने भी सुन ली क्या दिल की आवाज मेरी।।
Pari
ख्याल तुम्हारा दिल में है, मेरी हर धड़कन तुम ही हो,
जिस्म कहने को मेरा है, लेकिन इसकी जान तो तुम ही हो।
हूँ दूर तुमसे थोडा सा, मगर हर पल तुम मेरे करीब हो,
यूँ तो बहुत है दिल के पास, लेकिन बस तुम मेरी ज़िन्दगी हो।।
Pari...
मेरी बातें और मेरी शरारतें बहुत सुनी है,
अब मेरा चेहरा भी देखने की ज़िद है उसकी।
Pari
मुस्कान के सिलसिले यूँहीं चलते रहेंगे,
जब तक आप जैसे मुस्कुराते साथी साथ रहेंगे।
रहेगी ज़िन्दगी फूलों की तरह महकती हर पल,
दिल भी मुस्कुरायेगा फिर हसींन इन वादियों में।।
Pari...
सिलसिला ये हमेशा यूँहीं चलता रहे,
हम भी मुस्कुराएं और आप भी मुस्कराते रहो।
बना रहे खुशियों का ये शमा हमेशा सुहाना,
कुछ मुस्कान हम बांटे कुछ आप बांटते रहना।।
Pari
"दिल से"
मुखड़ि तेरी जन हो जून सी टुकड़ी,
बांद भली तू बसी छै मेरी जिकुड़ी।
तेरी खुद तेरु ख्याल अब रैन्द् मि बस तेरी जग्वाल,
ऐ जा बौड़ी मि मा झट, गौला जादी भीटे बोटी की अंग्वाल।।
Pari
"एक ख्वाब"
आँखे जैसे कोई हो शराब, होंठ जैसे खिलता कोई गुलाब,
गालों पे चमक सूरज सी, रूप सुहाना बेहिसाब।
Pari
फिर आज ख्याल आ ही गया इस त्योहार में भी दिल से,
मिठाई देने के बहाने कर आऊं दीदार आज तेरा फिर से।
Pari
Pari©®
बहुत सुंदर
ReplyDeleteधन्यवाद जी, पसन्द आये तो दोस्त से भी शेयर करना और कमेंट भी..
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