यार हमारा

                  यार हमारा था वो

मीठी वाणी, सरल व्यवहार, ये सब ही तो थे उसके हथियार,
सबसे प्रेम और निश्छल हृदय, ये ही थी उसकी पहचान।
जहाँ भी जाता मुस्कान ले आता, हर एक की था वो जान,
बहुत ही अच्छा बहुत प्यारा, नाम था उसका गणेश जुगरान।।

नही भुलाये भूल सकते, ऐसी शख्सियत होती है महान,
युग युग बीत जाते हैं, फिर जन्म लेती है कोई ऐसी जान।
जरा सा रूठे जग थम जाये, होती ऐसे है उसकी पहचान,
बहुत ही अच्छा बहुत प्यारा, नाम था उसका गणेश जुगरान।।

कैसे कह दूं कैसे लिख दूँ, बस कुछ शब्दों में उसका गुणगान,
यारो का जो यार हो जग में, छिड़के सब पर अपनी जान।
बड़ा हो या हो कोई छोटा उससे, सबको देता था सम्मान,
बहुत ही अच्छा बहुत प्यारा, नाम था उसका गणेश जुगरान।।

मेरे अपनो जैसा मेरे यारो सा, होती थी उससे हमारी पहचान,
मुझे सदा ही मिलकर उससे, भाइयो जैसा मिलता था मान,
मेरी देवभूमि संग मेरे देश की, वो एक निराली था शान,
बहुत ही अच्छा बहुत प्यारा, नाम था उसका गणेश जुगरान।।

ऐसी हस्ती ऐसा व्यक्तित्व, ऐसा हो जिसका जग में नाम,
कहाँ नहीं होता है बताओ, ऐसे व्यक्ति का जग में सम्मान।
एक इच्छा और है ईश्वर, स्वर्ग लोक में मिले इन्हें स्थान,
बहुत ही अच्छा बहुत प्यारा, नाम था जिसका गणेश जुगरान।
Pari.....

© ® Pari....


Love is life......Love is god....Love is everything


Comments

  1. Yes, it is really unfortunate to trust that he is not among us. May his soul rest in peace.

    But you have done a good justice to his personality.

    Excellent

    ReplyDelete

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