वो आखिरी खत तुम्हारा

वो आखिरी खत तुम्हारा, वो आखिरी पैगाम तुम्हारा,
वो न मिल पाने की बेबसी, वो लिखना बेहिसाब प्रेम तुम्हारा।
वो समाज की बंदिशों में बंधकर भी, फिक्रमंद रहना तुम्हारा,
वो आखिर लिखावट लाल स्याही से, वो अलविदा कहना तुम्हारा।

हर बात याद है तुमको, जैसे आज भी वहीं हो ठहरी तुम,
मै हर बार ही नासमझ निकला, और मुझे हर पल ही समझाती तुम।
वो पहली मुलाकात अजनबी वाली, वो मेरा तुम्हे देखते रह जाना,
लिखा था तुमने वो लम्हा भी, वो लाखों की भीड़ में तनहा सा हो जाना।

बहाने ढूंढकर था करता अब मैं, हर तरफ बस तलाश इक तुम्हारी,
न नाम ही था मालूम मुझे तब, न पते की थी कोई जानकारी।
वो शायराना अंदाज मेरा, हर शायरी में बस तारीफ तुम्हारी,
लिखा था दूसरे ही पन्ने में, इंतज़ार था मुलाकात का तुमको भी हमारी।

हुई थी ख्वाहिश मुकम्मल फिर, 12वें दिन दूसरी मुलाकात से,
महसूस किया था मैने भी, मुस्कुराई थी तुम भी उस दिन दिल से।
फिर न जाने कब खास हो गए हम, हम जैसे किसी अजनबी से,
लिखा था तुमने ये भी, पास हो अधिक तुम मेरी दिल में धड़कन से।

वो बारिश का दिन था याद है, वादा मुलाकात का था तेरा भी,
तूफान भी था भारी आज, साथ फिर थी चमकती बिजली भी।
इरादों के थे हम मजबूत तब यारा, मिले थे उसी राह आज हम भी।
हुआ था आज इश्क का एहसास हमें, लिखा था लाल स्याही से ये भी।

सच कहुं अगर तुम समझो तो, ले चलो मुझे दूर कहीं इस जहां से,
प्रेम की हो बारिश जहां हर पल, भले डूब जाएं आज उसी सैलाब से।
है याद तुम्हे वो पहली आगोश की गर्मी, लिखा था तुमने थोड़ा सोचकर,
वो आंखों में बिछड़न के आंसु, वो डर फिर अलग हो जाने का।

है अलमारी में ग्रीटिंग कार्ड आज भी, है वो मुर्झाया गुलाब किताब में,
वो रुमाल अब आंसु पोछता है, दिया था जो मैने तीसरी मुलाकात में।
एक एक बात याद है, एक एक शब्द भी, लिखा था तुमने आज खुद को ही।
कभी न भूलने की कसमें वो, करेंगे कोशिश फिर एक हो जाने की।

वो आखिरी आइस्क्रीम का फ्लेवर, वो आखिरी निवाला तुमने खाया था,
लिखा था तुमने ये भी यारा, उस रोज बिल भी तुमने ही चुकाया था।
वो आखिरी चुंबन से लेकर, आखिरी अलिंगन लिखा था तुमने,
वो फिर मिलने की आखिरी ख्वाहिश, वो अधूरी मुलाकात भी लिखी तुमने।

सभी बातें साझा हो नहीं सकती, खत मेरा है थोड़ा निजी भी।
कुछ अधूरी मुलाकातें, तो संग कुछ अधूरे वादों की यादें भी।
माना कि दूर होना हमारा नसीब था, लेकिन धड़कती दिल में तू ही है।
छुपा रखा है तुमने भी मुझे दिल में, आखिरी शब्द खत में यही लिखा है।
Pari✍️

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