राष्ट्रहित सर्वोपरि
विश्वगुरू कहलवाते थे कल तक, आज बेवकूफ नजर आते हैं,
बिना सोच समझ कर हम भी देखो, भेड़ चाल सी चलते जाते हैं।
कुछ असामाजिक मिश्रण मिल गये, और हम भी उसमे घुलने लगे,
सालों की अहिंसक परंपरा छोड़, हिसंक न जाने क्यों हम होने लगे।
खुद पर अब बिस्वाश नहीं है, दूजे की बुद्धि से सोचने लगे,
सवाल पूछते फिर रहें हैं, पर सवाल खुद नही हम समझ रहे,
मैंने भी खुद से एक सवाल किया, तुम्हें भी समझ आये तो बतलाना,
खुद के होने की मुझे खबर नहीं, तो क्या ठीक नही है मर जाना।।
राह तो मुश्किल होगी ही, सच की राह जो चुन ली है,
राक्षस उपद्रव करेंगे ही, यज्ञ की अगर तुमने ठानी है।
फिर भी तुम निडर बढ़े चलो, झूठ से प्रदा उठने वाला है,
कुछ संहार होने जरूरी है, अगर रामराज तुम्हे लाना है।।
चंद जयचंदों के होने से, देश की आभा मिट सकती नहीं,
देशविरोधी नारों से अब, देशभक्तों की गिनती घटती नही।
मिलजुल कर हम साथ हैं सब, बस थोड़ा संयम रखना बाकी है,
भूत पिचास सब भागेंगे अब, पंचजन्य की हुंकार आनी बाकी है।
मेरा प्रयास है तुन्हें जगाना, तथ्यों संग सच को दिखलाना,
पहले जानो, बूझो, फिर तोलो, तब जाकर तुम निर्णय करलो।
सही दिशा और राह दिखेगी, झूठी काली सब परतें हटेंगी,
देशप्रेम का फिर तुम नारा दोगे, सर्वोपरि फिर राष्ट्रहित कहोगे।।
Pari
Love is life......Love is god....Love is everything
बिना सोच समझ कर हम भी देखो, भेड़ चाल सी चलते जाते हैं।
कुछ असामाजिक मिश्रण मिल गये, और हम भी उसमे घुलने लगे,
सालों की अहिंसक परंपरा छोड़, हिसंक न जाने क्यों हम होने लगे।
खुद पर अब बिस्वाश नहीं है, दूजे की बुद्धि से सोचने लगे,
सवाल पूछते फिर रहें हैं, पर सवाल खुद नही हम समझ रहे,
मैंने भी खुद से एक सवाल किया, तुम्हें भी समझ आये तो बतलाना,
खुद के होने की मुझे खबर नहीं, तो क्या ठीक नही है मर जाना।।
राह तो मुश्किल होगी ही, सच की राह जो चुन ली है,
राक्षस उपद्रव करेंगे ही, यज्ञ की अगर तुमने ठानी है।
फिर भी तुम निडर बढ़े चलो, झूठ से प्रदा उठने वाला है,
कुछ संहार होने जरूरी है, अगर रामराज तुम्हे लाना है।।
चंद जयचंदों के होने से, देश की आभा मिट सकती नहीं,
देशविरोधी नारों से अब, देशभक्तों की गिनती घटती नही।
मिलजुल कर हम साथ हैं सब, बस थोड़ा संयम रखना बाकी है,
भूत पिचास सब भागेंगे अब, पंचजन्य की हुंकार आनी बाकी है।
मेरा प्रयास है तुन्हें जगाना, तथ्यों संग सच को दिखलाना,
पहले जानो, बूझो, फिर तोलो, तब जाकर तुम निर्णय करलो।
सही दिशा और राह दिखेगी, झूठी काली सब परतें हटेंगी,
देशप्रेम का फिर तुम नारा दोगे, सर्वोपरि फिर राष्ट्रहित कहोगे।।
Pari
© ® Pari....
Love is life......Love is god....Love is everything
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