जीवन वर्दी का
न कोई फिक्र न कोई चिंता मन मे मेंरे घर करती,
मेरी रक्षा में हर पल एक वर्दी जो तत्पर है रहती।
बड़े सुकूँ से जीवन जीते दिन रात की हर पहर में,
मेरी रक्षा में खड़ी है सोच, हर वक्त एक वर्दी शहर में।।
बेफिक्र निकलता हूँ घर से, निशदिन निडर होकर जब भी,
वजह तुम ही हो सच कहता हूँ, होता नहीं मुझे डर कभी।
रहते हो अटल खड़े तुम, कड़ी धूप, वर्षा या फिर हो सर्दी,
आसान इसे तुम मत आँकना, यूहीं पहन लो जो तुम वर्दी।।
अनन्य संकट हो चाहे या कोई कष्ट तुम्हें घर कर जाये,
सीना ताने फिर भी आगे आये वही तो हो तुम वर्दी वाले।
निज स्वार्थ से पहले, निस्वार्थ सेवा का मन भाव जो रखते हैं,
वही मानव तो निश्छल होकर सेवा मे वर्दी पहनते है।।
ऐसा जीवन ऐसी मंशा प्रत्येक मानव में अगर घर कर जाये,
जन जन में खुशहाली और देश स्वतः खुशहाल हो जाये।
मेरी भी एक कोशिश होगी, सर्वजन हिताय सोच रखूँ,
नमन करूँ इस वर्दी को, जीवन मे सब को मुस्कान दे पाऊँ।।
Pari
Love is life......Love is god....Love is everything
बेफिक्र निकलता हूँ घर से, निशदिन निडर होकर जब भी,
वजह तुम ही हो सच कहता हूँ, होता नहीं मुझे डर कभी।
रहते हो अटल खड़े तुम, कड़ी धूप, वर्षा या फिर हो सर्दी,
आसान इसे तुम मत आँकना, यूहीं पहन लो जो तुम वर्दी।।
अनन्य संकट हो चाहे या कोई कष्ट तुम्हें घर कर जाये,
सीना ताने फिर भी आगे आये वही तो हो तुम वर्दी वाले।
निज स्वार्थ से पहले, निस्वार्थ सेवा का मन भाव जो रखते हैं,
वही मानव तो निश्छल होकर सेवा मे वर्दी पहनते है।।
ऐसा जीवन ऐसी मंशा प्रत्येक मानव में अगर घर कर जाये,
जन जन में खुशहाली और देश स्वतः खुशहाल हो जाये।
मेरी भी एक कोशिश होगी, सर्वजन हिताय सोच रखूँ,
नमन करूँ इस वर्दी को, जीवन मे सब को मुस्कान दे पाऊँ।।
Pari
© ® Pari....
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