जय जवान

खिलते है कुछ फूल जहाँ में पल दो पल के लिए,
लेकिन खुशबू फिर भी बेहिसाब छोड़ जाते हैं।

कुछ गद्दार उठाते हैं उँगलियाँ आन पे मेरे देश की,
फिर प्रहरी मेरे देश के तोड़ हाथ ऐसे फर्ज निभाते हैं।

दे देते हैं जान भी करने को हिफाजत हमारी हर वक्त,
धूप छाँव में रहकर एक उफ तक नही निकलते है।

शायद मैं अधिक न लिख पाऊं शब्दो में बलिदान इनका,
लेकिन नमन जरूर दिल से करता हूँ शान में जवान की।।
Pari

© ® Pari....


Love is life......Love is god....Love is everything...

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