सबक जिंदगी से

               कुछ सबक जिंदगी से..

किसी ने प्यार सिखाया, किसी ने ईमानदारी सिखायी,
तू ही सबसे वफादार निकली, जो तूने दुनियादारी सिखायी..

सवार थे हम भी हवा में, गुरुर के नशे में चूर होकर।
एक थोड़ी सी थपेड़ क्या लगी, धम गिरे होश खोकर।।

ये अपना और वो पराया है, यही सोचा मदद करने से पहले,
एक जवान दे गया जान देखो, आज मदद मांगने से पहले।।

कह भी दूँ खुद को सच्चा जहां में, तो क्या खुद से सच छिपा पाउँगा।
आँखे चुरायी थी हमने भी, जुल्म किसी लाचार पर होता देख कभी।।

पहली ही बरसात में छत बना लेते है हम बारिश में भीगने के डर से,
कभी सोचा क्या तूने pari, बांट आऊं छाता किसी बेघर को भी।।

सारी शर्तें और सारी गलती बस उसी की है जो सर झुकाये बैठा है,
वरना असमान को आँखे दिखाना तो एक चलन से हो गया आज...

सारे गम सहोगे चुप रहोगे और कुछ कहने से भी डरोगे,
ये किसी की इज्जत करना नही कायरता कहलाती है।

मैंने सोचा अपने लिये और तुझसे उम्मीद करता हूँ वो भी मेरे लिये,
तो फिर मैं बेवकूफ हूँ या फिर तू बेवकूफ है कसम से।

बड़ा ही हसीन पल होता है, किसी की यादों में खोना।
फिर यादें तय करती हैं, तुम्हें हँसना है कि रोना।
Pari..


© ® Pari....


Love is life......Love is god....Love is everything...

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