मेरा नेता मेरा ग्राम निवासी

थोड़ा सा हम जागे हैं, थोड़ी सी और जरूरत है,
क्यूँ हम दें साथ तुम्हारा, पूछने की अब जरूरत है।
सालों से बस चुपकर थे, आवाज बुलन्द अब करो जरा,
वोट तुम्हारा मांगे जो भी, लक्ष्य उसका पहले पूछो तुम।।

पैसा रुतबा मत देखना तुम, रौब से भी मत डरना तुम,
सोच भविष्य की रखना और, चेहरे बच्चो के देखना तुम।
दूरदर्शिता है किसमें भरी, जन कल्याण की है भावना,
मतदान केन्द्र जाने से पहले, खुद से ये सवाल तुम करना।।

पहुँच में हो हर जरूरत में, बेझिझक तुम उससे बात कर सको,
जात पात से उठकर भी, न्याय निहित तुम उससे ले सको।
सुख दुःख में जो साथ रहेगा, निवास गाँव जिसका बना रहेगा,
निश्चित ही है मित्रो मेरे, ग्राम विकास सिर्फ वही कर सकेगा।।

मेरी है एक व्यक्तिगत राय, जिससे मिले हम सबको न्याय,
मेरा नेतृत्व वही कर सकेगा, हरपल जो मेरे साथ खड़ा रहेगा।
ऐसा होना तभी है संभव, जब मेरा नेता मेरे गांव में रहेगा,
मेरे हित में अपना हित खोज, ग्राम विकास वो कार्य करेगा।।
Pari

© ® Pari....

Love is life......Love is god....Love is everything

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