मोहब्बत बस एक तुमसे
चलो आज कह ही देते हैं, मेरी जान हम बस तुमसे मोहब्बत करते हैं,
जताते नहीं हैं बताते नहीं है लेकिन इक पल को भी तुझे भुलाते नहीं है।
वो तुझसे लड़ना-झगड़ना, तो क्या मोहब्बत में किसी को सताते नहीं हैं
तुम रहोगे साथ हर फैसले में जानते हैं, बस तुझे खुलकर कभी बताते नहीं हैं।।
अगर करो तुम यकीं तो बस दुनिया से अपनी मोहब्बत को छिपा रखा है
तुमसे होती है अनबन अक्सर ही, यही झांसा मेरी जान सबको दिला रखा है।
कहते है कि अधिक प्यार न करना, अक्सर आपस में दूरियां हो जाती है,
बस यही बात मन को डराती है और मोहब्बत तुम्हारी सबसे छुपाई जाती है।
अक्सर ही मिल जाते है अनेकों जो करीब आने की कोशिशें करते हैं,
यकीन मानो मेरी जान सबको कर नजरअंदाज हम बस तुम्हे ही चाहते है।
ये दुनियां है कि आडंबरों से भरी है, करती कुछ और कुछ दिखाती है,
तू भी न आ जाए इसके झांसे में कहीं, बस ये बात अक्सर मुझे सताती है।
लिखने को तो शब्द रूपी अनेक बाण हैं मेरी तरकश में मानो अगर तुम,
मैं कहीं भी रहूं कैसा भी रहूं लेकिन ख्वाबों ख्यालों में हो बस एक तुम।
मेरी हर सुबह हर शाम हर एक पल की हसीन दास्तान हो तुम,
अगर करो मुझपर यकीं तो माटी की मेरी काया को जीवंत करे वो प्राण हो तुम..।।
Pari ✍️
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