बस यूहीं ख्याल आया
तलब उसकी है जो पास नहीं,
और जो पास है उसकी कद्र नहीं।
इसी दुःख में है आजकल सभी देखो,
जो मिला काफी नहीं, चाह उसकी जो मिला नहीं..!
और जो पास है उसकी कद्र नहीं।
इसी दुःख में है आजकल सभी देखो,
जो मिला काफी नहीं, चाह उसकी जो मिला नहीं..!
दिल मे तस्वीर उसकी बना रखी है,
मालूम है कि वो मुकम्मल नहीं होगी,
रोज करते हैं उसका हो जाने की ख्वाइश,
जानकर भी कि वो कभी पूरी नहीं होगी...!!
सच कहूं तो तुम बहुत खराब हो,
पर खूबसूरती में लाजवाब हो,
लाख कोशिशें कर के देख लिया,
लगी हो ऐसी आदत जैसे कोई शराब हो✍🏻
बडी मुद्दतो बाद उसे याद मेरी आयी,
सालो बाद जब उसनेकॉल मुझे लगायी
कहती रही कि डर डर के मुझसे हेलो बोला है,
मैंने भी कहा इसी दिन की खातिर तो नंबर वही बदला है
कुछ खास हो तुम की जो बता नहीं सकते,
दिल मे हो फिर भी जता नहीं सकते,
बेशक तुम्हे इल्म नहीं है हमारी चाह का,
लेकिन जो चाह तुमसे है हम बता नहीं सकते✍🏻
तुम जो सामने हो बैठे, दिल को सुकूँ आ रहा है,
तेरी सूरत को देख, प्यार बहुत आ रहा है।
तेरा देखना वो नजरें चुराकर बार बार,
तेरी हर अदा पे हो रहा हमें अब अधिक ऐतबार!!
एक पल को तुम पास हो, फिर दूजे पल दूर नजर आते हो,
माना कि मुकम्मल नहीं हो फिर भी दिल को भाते हो।
बेशक अनजान है हम अभी एक दूसरे के लिए लेकिन,
कुछ तो बात है जो तुम हमसे मिले कुुुछ ऐसे हो..!
साल बीत गए जैसे कुछ पल ही हुए अभी,
साथ थे जो कल पीछे छूट गए वो सभी।in
ख्वाइशों की इमारत दिनों दिन ऊँची हो रही यारा,
न जाने कुछ होंगे पूरी भी क्या कभी....
सिलसिला आराम का अब खत्म हो चला,
फिर ज़िन्दगी शायद संघर्ष चाहती है।
कर के त्याग जन्मभूमि का चले आयो..
देखो हमें फिर से कर्मभूमि बुलाती है...
Pari✍️
होंठो में मुस्कान और आँखों मे तालाश,
बातें सब झूठी पर मन मे है विश्वास।
जो चले गये थे कहकर कि भुला देंगे,
बने हैं उनके लिये आज भी खास..
Pari
वो कहकर चले गए कि भुला देंगे,
लेकिन आज भी बने रहे उनके लिए खास..
कभी होती थी हमारी भी उनसे मुलाकात,
जब मन करता था हो जाती थी जी भर के बात।
आज समय न जाने किस कदर बदल गया देखते देखते,
चाहकर भी अब न होती है उनसे बात और न कोई मुलाकात..!
Pari
होली में लगा गुलाल,
कोई चेहरा हुआ गुलाबी तो कोई हुआ है लाल..
सब चेहरों को रंग दिया हमने सोचकर फिलहाल,
खाली फिर भी रह गया, बिन मेरे रंग के एक वो गाल...
Pari✍️
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