बस युहीं ख्यालों में...

कुछ तो कमी बाकी है पहाडों में,
जो नदियां समुंदर का रुख करती हैं।
शायद मुक्कमल नहीं है साथ दोनों का,
इसलिए पहाड़ों में भी कठोरता आ जाती है..।
Pari✍️

वो सुनहरा बाग अच्छा है,
वो खिलता गुलाब अच्छा है,
भले हो मुलाकात कुछ पल की,
वो तेरा पलभर का साथ अच्छा है..।
Pari✍️ 

यूँ अनजान बनकर क्यों चुप रहते हो,
अगर है दिल मे कुछ तो क्यों नहीं कहते हो।
दूर ही सही पर है दिल के करीब तेरे कोई,
जानते हो फिर भी खुद को तनहा क्यों कहते हो..।
Pari✍️

क्या बतायें तुन्हें हाल अपने दिल का,
तुम अजब सी बला हो जहां में सनम
जितना चाहेँ तुम्हे भुलाना हम कभी,
तुम उतना ही और याद आते हो हमें...।
Pari✍️

काश तुझे पास बिठा पाता,
तेरे अधरों को चूम पाता,
तू रहती बाहों में मेरे,
 तुझे मैं पल पल महसूस कर पाता..।
Pari✍️

उसने कहा कि चाहत है आपसे मिलने की,
लेकिन किस्मत नहीं है साथ चलने की।
फिर ईश्वर ने हकीकत से रूबरू करवाया,
उसने कहा जब आदत है हमारी मजाक करने की..
Pari✍️ 

कुछ तो बात अलग है इन निगाहों में,
युहीं तो ये अपना बनाती नहीं।
हजार कोशिशें कर ले कोई बचने का इन से..
ये बिन घायल कर किसी को छोड़ती नहीं।
Pari✍️

वो इश्क़ ही क्या जो इंतज़ार न करे..
राहों में वैसे तो अनेक मिलते हैं...
ऐतबार होता है बस किसी किसी संग
चेहरे तो रोज अनेक दिखते हैं।
Pari✍🏻

दिल को अपने जरा खुलकर धड़कने दो,
जो बात है दबी उसे अधरों पर आने दो।
बेशक होती है कुछ बातें राज रखने को भी,
लेकिन दिल करे कहने का तो उसे कह लेने दो।
Pari✍️

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