कल्पनाओं का संसार-2
अब न दर्द होता है और न कोई घाव रिसता है,
क्योंकि अब तेरे हर वार पर तेरा दोगलापन दिखता है।
ऐतवार था जब तब था, अब तो इंतहा बस बाकी है,
तेरी नजर ही ठीक थी तू सही और मैं हर बार गलत था...
मेरी कलम आज थोड़ी नासाज है,
इसलिए तो लिखती नहीं राज है.
मेरे कल में न भले न था कोई..
लेकिन तुमसे तो मेरे आज है
लिखने भर की बात नहीं है,
दिल मे देशप्रेम भी होना जरूरी है..
वर्षों के संघर्ष से मिली है आजादी..
तभी जाकर जिंदगी हुयी है पूरी... pari
मुस्कुराते होंठ और होठों पर लाली..
आपके मुस्कराने पर आ जाती है दिवाली..
आप हो पास तो सब पास हो जैसे..
बिन आपके जैसे जहां हो खाली खाली✍🏻
ख्वाइशें थी अनेक मन में रखी थी हर एक,
पूरी नहीं होगी माना फिर भी दिल के पास है एक एक..✍️
एक भ्रम था वो भी टूट गया,
वक्त बेवक्त साथ निभाने वाला छूट गया।
कर सकते थे शिकायत जिससे सारी..
वो यार न जाने क्यों अब रूठ गया..Pari
देख जगत की बाते न्यारि, आज फिर कलम है उठायी,
लिखने को मजबूर हुआ फिर, जब दुनिया ने नियत है दिखायी।
मतलव के इस बाजार में, नहीं ईमान का कोई मोल
जीना है अगर संसार में, तो pari सीख ले कोई झोल।।
मंदिर मन्दिर ढूंढ़ रहे हो, मिले ईश्वर से कोई सीख,
लेकिन सिल रखीं है जेब, दे ना पा रहे तनिक भी भीख।
दान धर्म का बडा मोल है, कोशिश कर के तो देख,
जीवन होगा सफल तेरा, कहलाएगा तू भी नेक
मंदिर मन्दिर खोज रहे हो, जगत के पालनहार को,
लेकिन घर मे कद्र नहीं, तुन्हें अपने जीवन आधार की,
थोड़ा समय निकालो घर की ऊँची छत के लिये..
न जाने समेटे हैं वह कितने अनुभव तेरे लिये..!
Pari
समय का क्या भरोसा, ये तो अपने अलावा किसी का न हुआ,
आज अगर है साथ तेरे यारा, तो कल तुझसे मुंह मोड़ खड़ा हुआ।
तेरी हर एक ज़िम्मेदारी को कभी बक्श पाया है क्या ये बोलो,
ये तो मजबूरी में और भी ज्यादा बेवफा तुझसे फिर हुआ।
दिल मे छुपा प्यार है और आँखों मे इंतज़ार,
कोई तो होगा खास जिसे देख आये तुम्हें करार....
जिसकी आहट से ही मन मचल जाता होगा,
कोई तो ऐसा बताओ जो तुमारे दिल के करीब होगा..
जून नी दिखेणी च, अब बस गैणो से आस च,
दूर कखी चलिगे व, अब बस खुद मेरा पास च।
बिज्यूँ रैन्दु राती राती, अब न नींद भी साथ च,
झणी क्या जादू करी वीन, बिना वीन्का सब खराब च..pari
Comments
Post a Comment